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स्थानीय निकाय चुनाव: हाईब्रिड फॉर्मूले का विवाद पहुंचा सोनिया गांधी के पास

News18 Rajasthan
Updated: October 22, 2019, 4:42 PM IST
स्थानीय निकाय चुनाव: हाईब्रिड फॉर्मूले का विवाद पहुंचा सोनिया गांधी के पास
अब माना जा रहा है कि अविनाश पांडे रिपोर्ट के साथ सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकते हैं.

राजस्थान (Rajasthan) में स्थानीय निकाय चुनाव (Local body elections) में लागू किए जा रहे हाईब्रिड फॉर्मूले (Hybrid formula) का विवाद (Dispute) अब कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Interim President of Congress, Sonia Gandhi) के पास पहुंच गया है.

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जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) में स्थानीय निकाय चुनाव (Local body elections) में लागू किए जा रहे हाईब्रिड फॉर्मूले (Hybrid formula) का विवाद (Dispute) अब कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Interim President of Congress, Sonia Gandhi) के पास पहुंच गया है. सूत्रों की मानें तो सोनिया गांधी ने संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल (K. C. Venugopal) को मामले में हस्तक्षेप (Interference) करने के निर्देश (Instructions) दिए हैं. इस पर वेणुगोपाल ने पार्टी के राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे (Avinash Pandey) से मामले की पूरी रिपोर्ट (Report) मांगी है.

प्रदेश प्रभारी और संगठन महासचिव में एक घंटे तक हुई मंत्रणा
उसके बाद इस मसले को लेकर मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे और के.सी. वेणुगोपाल के बीच मंत्रणा हुई. इस दौरान दोनों के बीच करीब एक घण्टे तक सरकार और संगठन में निकाय चुनाव फॉर्मूले पर उपजे विवाद पर बातचीत हुई. अब माना जा रहा है कि अविनाश पांडे रिपोर्ट के साथ सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकते हैं. इससे पहले सोमवार को कैबिनेट मंत्री रमेश मीणा ने संगठन महासचिव वेणुगोपाल से मुलाकात कर उनको इस मसले पर फीडबैक दिया था.

सरकार ने हाल ही में लिया निर्णय

उल्लेखनीय है कि राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारी में जुटी राज्य सरकार ने हाल ही में बड़ा निर्णय लेते हुए यह तय किया है कि निकाय प्रमुख यानि नगरपालिका अध्यक्ष, नगरपरिषद सभापति और नगर निगम का महापौर बनने के लिए पार्षद होना अनिवार्य नहीं होगा. इस हाईब्रिड फार्मूले के होने के बाद अब पार्षद का चुनाव ना लड़ने वाला और पार्षद का चुनाव हारने वाला प्रत्याशी भी निकाय प्रमुख बन सकेगा.

सीएम गहलोत को अपनों का ही विरोध झेलना पड़ रहा है
सरकार के इस निर्णय के बाद अशोक गहलोत सरकार को अब अपने ही डिप्टी सीएम और मंत्रियों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है. इस व्यवस्था के खिलाफ सरकार के दो मंत्री मुखर होकर सामने आ गए. परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा ने निकाय प्रमुखों के चुनाव के इस तरीके को गलत बताया. उसके बाद उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी इस फैसले को गलत बताया है. उन्होंने कहा है कि यह फैसला बदलना चाहिए.
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(रिपोर्ट- अभिषेक आढ़ा) 

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First published: October 22, 2019, 4:29 PM IST
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