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Jaipur: मनरेगा में राजस्थान में 10 बरसों का टूटा रिकॉर्ड, 35.59 लाख श्रमिकों को मिला काम
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Deepak Vyas | News18 Rajasthan
Updated: May 21, 2020, 5:47 PM IST
Jaipur: मनरेगा में राजस्थान में 10 बरसों का टूटा रिकॉर्ड, 35.59 लाख श्रमिकों को मिला काम
पायलट ने बताया कि इस अभियान के तहत प्रदेश में अब तक 36,679 कार्य स्वीकृत किये जा चुके हैं.

लॉकडाउन (Lockdown) के दौर में राजस्थान ने मनरेगा (MNREGA) में श्रमिक नियोजन में रिकॉर्ड कायम किया है. प्रदेश में मनरेगा के तहत बुधवार को श्रमिक नियोजन 35 लाख 59 हजार पर पहुंच गया. यह पिछले 10 बरसों में सर्वाधिक श्रमिक नियोजन है.

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जयपुर. लॉकडाउन (Lockdown) के दौर में राजस्थान ने मनरेगा (MNREGA) में श्रमिक नियोजन में रिकॉर्ड कायम किया है. प्रदेश में मनरेगा के तहत बुधवार को श्रमिक नियोजन 35 लाख 59 हजार पर पहुंच गया. यह पिछले 10 बरसों में सर्वाधिक श्रमिक नियोजन है. डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा है कि कोरोना महामारी (COVID-19) के कारण वर्तमान परिस्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध करवाकर आर्थिक सम्बल प्रदान करने में मनरेगा मददगार साबित हुई है.

'एक ग्राम-चार काम' अभियान चलाया जा रहा
पायलट ने बताया कि जनवरी 2019 में 100 दिवसीय कार्य योजना बनाकर प्रत्येक ग्राम पंचायत में चारागाह विकास, मॉडल तालाब विकास, शमशान/कब्रिस्तान विकास और खेल मैदान विकास के एक-एक कार्य स्वीकृत करने की योजना चलायी गई थी. इसको एक कदम आगे बढ़ाते हुए वर्तमान में 'एक ग्राम-चार काम' अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत ये सभी कार्य प्रदेश के प्रत्येक राजस्व गांव में प्राथमिकता के आधार पर करवाये जा रहे हैं.

अब तक 36,679 कार्य स्वीकृत किये जा चुके



पायलट ने बताया कि इस अभियान के तहत प्रदेश में अब तक 36,679 कार्य स्वीकृत किये जा चुके हैं. इनमें 9281 चारागाह विकास, 9090 मॉडल जलाशय विकास, 9589 शमशान/कब्रिस्तान विकास तथा 8,719 खेल मैदान विकास के कार्य स्वीकृत किये गये हैं. पायलट ने बताया कि इन कार्यों पर अब तक लगभग 1372 करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके हैं. प्रत्येक राजस्व गांव में इन कार्यों का क्रियान्वयन ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की विभिन्न योजनाओं में समन्वय कर कनवर्जेन्स के माध्यम से किया जा रहा है.



अप्रैल में श्रमिकों की संख्या केवल करीब 60 हजार थी
उल्लेखनीय है कि कोरोना संकट काल के दौर में ग्रामीण जनता को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए मनरेगा योजना में रोजगार देने की शुरुआत पिछले दिनों मॉडिफाई लॉकडाउन में की गई थी. पहले अप्रैल महीने के मध्य में जब इस पर काम शुरू किया गया तो उस समय राजस्थान में मनरेगा श्रमिकों की संख्या केवल करीब 60 हजार थी. लेकिन उसके बाद में इसकी संख्या में तेजी से इजाफा होने लगा. गत 10 मई को राजस्थान देश में मनरेगा के तहत सर्वाधिक श्रमिकों को रोजगार देने वाला पहला राज्य बन गया था. इस दिन राजस्थान में मनरेगा श्रमिकों की संख्या 24 लाख 31 हजार तक पहुंच गई थी.

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First published: May 21, 2020, 4:04 PM IST
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