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Lockdown 3.0: सरकार ने कहा- नहीं लेंगे टिकट का पैसा, इधर महाराष्ट्र से राजस्‍थान आए मजदूरों से लिया पूरा किराया

Lockdown 3.0: सरकार ने कहा- नहीं लेंगे टिकट का पैसा, इधर महाराष्ट्र से राजस्‍थान आए मजदूरों से लिया पूरा किराया

जयपुर से मजदूरों को बसों से टोंक, भरतपुर, जालोर, पाली, सीकर और दिल्ली रवाना किया गया. (सांकेतिक फोटो)

जयपुर से मजदूरों को बसों से टोंक, भरतपुर, जालोर, पाली, सीकर और दिल्ली रवाना किया गया. (सांकेतिक फोटो)

लॉकडाउन (Lockdown) के दौर में विभिन्न प्रदेशों में फंसे अलग-अलग राज्यों के मजदूरों की घर वापसी को लेकर स्पेशल ट्रेनों (Special trains) का संचालन किया जा रहा है. ये मज़दूर आजकल सियासत (politics) का विषय भी बने हुए हैं.

जयपुर. लॉकडाउन (Lockdown) के दौर में विभिन्न प्रदेशों में फंसे अलग-अलग राज्यों के मजदूरों की घर वापसी को लेकर स्पेशल ट्रेनों (Special trains) का संचालन किया जा रहा है. ये मज़दूर आजकल सियासत (politics) का विषय भी बने हुए हैं. केन्द्र सरकार ने कहा था कि मजदूरों को उनके घर भेजने की जिम्मेदारी केन्द्र और राज्य सरकार की है. उसमें उनके आने जाने का खर्चा 85 प्रतिशत केन्द्र और 15 प्रतिशत राज्य वहन करेगा लेकिन हर राज्य में इसकी तस्वीर अलग ही नजर आ रही है.

महाराष्ट्र से राजस्थान आए सैंकड़ों मजदूर
उत्तर पश्चिम रेलवे के सबसे बड़े जयपुर जंक्शन पर मंगलवार को 3 ट्रेनों का आवागमन हुआ. इसमें दो ट्रेनों के ज़रिए महाराष्ट्र से मजदूर जयपुर लाए गए और एक ट्रेन के ज़रिए मजदूरों को जयपुर से रवाना किया गया. अब जो मुद्दा इस वक्त सबसे ज्यादा सुर्खियों में बना हुआ है वो है मजदूरों की टिकट का. जयपुर या राजस्थान के किसी हिस्से से बाहर जाने वाले मजदूरों से किसी तरह का कोई खर्चा नहीं वसूला जा रहा है.

मजदूरों का कहना कि उनसे पूरा किराया वसूला किया गया है
सीएम गहलोत ने साफ किया है कि उनके हिस्से में आने वाला खर्च वो खुद वहन करेंगे ना कि किसी मजदूर से लेंगे. लेकिन आज जो रेल धानुका रोड से जयपुर पहुंची उनके मजदूरों ने कुछ और ही कहानी बयां की. ये मजदूर महाराष्ट्र के अलग अलग हिस्सों से यहां पहुंचे. इन्हें बसों जयपुर से टोंक, भरतपुर, जालोर, पाली, सीकर और दिल्ली रवाना किया गया. इन सब मजदूरों से इनके स्टेशनों के हिसाब से टिकट का पैसा वसूला गया है. मजदूरों का कहना कि उनसे पूरा किराया वसूला किया गया है.

टिकट का मुद्दा एक अलग ही सियासी मोड़ लेता जा रहा है
दरअसल इन दिनों मजदूरों की टिकट का मुद्दा एक अलग ही सियासी मोड़ लेता जा रहा है. केन्द्र अपने हिस्से के 85 प्रतिशत रेल चलाकर वहन कर रहा है, लेकिन राज्य के हिस्से के 15 प्रतिशत वहन करने में अलग अलग मापदंडों का इस्तेमाल किया जा रहा है. राजस्थान सरकार मजदूरों से टिकट के पैसे नहीं वसूल रही है, लेकिन महाराष्ट्र से आए मजदूरों से पैसे लिए गए हैं. ये मजदूर एक अर्से से खाली बैठे हैं. इनके पास ना काम है रो ना रोजगार. लेकिन फिर भी इन्हें अपने घर पहुंचने के लिए जैसे तैसे करके पैसों का जुगाड़ करना ही पड़ा तभी जाकर उनकी वापसी हो पाई है.

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Tags: Jaipur news, Lockdown, Rajasthan news

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