Lockdown: रेलवे ने पेश की मानवता की मिसाल, ऑटिस्टिक बीमारी से ग्रसित बच्चे के लिए मुंबई पहुंचाया ऊंटनी का दूध

इस बच्चे को नियमित तौर पर ऊंटनी का दूध और दालों को बतौर दवाई दिया जाता है.

उत्तर पश्चिम रेलवे ने एक बार फिर मानवता (Humanity) की मिसाल पेश करते हुए लॉकडाउन के दौरान एक ऐसे बच्चे की मदद की जिसकी दवाई सिर्फ राजस्थान में ही उपलब्ध थी. ये बच्चा ऐसी बीमारी से ग्रसित है जिसमें दवाई के तौर पर सिर्फ ऊंटनी का दूध (Camel Milk) ही काम में आता है.

  • Share this:
जयपुर. उत्तर पश्चिम रेलवे ने एक बार फिर मानवता (Humanity) की मिसाल पेश करते हुए लॉकडाउन के दौरान एक ऐसे बच्चे की मदद की जिसकी दवाई सिर्फ राजस्थान में ही उपलब्ध थी. ये बच्चा ऐसी बीमारी से ग्रसित है जिसमें दवाई के तौर पर सिर्फ ऊंटनी का दूध (Camel Milk) ही काम में आता है. महिला ने पीएम से इसके लिए गुहार लगाई तो रेलवे ने इस काम का बीड़ा उठाया और उसके बाद राजस्थान से ये दूध बच्चे के लिए पहुंचाया. रेल मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने खुले दिल से NWR के इस कदम की सराहना की है.

दवाई के तौर पर दिया जाता है ऊंटनी का दूध
उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) के सीपीआरओ अभय शर्मा ने बताया कि हाल ही में मुंबई निवासी एक महिला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ट्वीटर के ज़रिए गुहार लगाई कि उसकी मदद की जाए. दरअसल इस महिला का बच्चा ऑटिस्टिक बीमारी से ग्रसित है. ऑटिस्टिक बीमारी का इलाज एक खास मेडिकल थैरेपी से किया जाता है. इस बच्चे के लिए नियमित तौर पर डॉक्टर्स ऊंटनी का दूध और दालों को बतौर दवाई इस्तेमाल कर रहे थे. लॉकडाउन में ट्रेनें बंद होने की वजह से बच्चे को ऊंटनी का दूध मिलना बिल्कुल बंद हो गया. महिला के सोशल मीडिया पर गुहार लगाने के बाद सभी इस काम को मुमकिन बनाने में लग गए और अंतत: महिला तक दूध पहुंचाया गया.

फालना स्टेशन पर कराया गया ट्रेन का ठहराव
दरअसल हाल ही में रेलवे ने बांद्रा टर्मिनस और लुधियाना के बीच पार्सल सेवा शुरू की है. बस यही एक पार्सल ट्रेन राजस्थान से गुजरती है. राजस्थान में फालना स्टेशन पर ही ऊंटनी का दूध मिल सकता था. लेकिन इस पार्सल रेल का फालना स्टेशन पर ठहराव नहीं था. समस्या की गंभीरता और मानवता को देखते हुए ट्रेन को फालना स्टेशन पर रोका गया और 20 लीटर ऊंटनी का दूध मुंबई के लिए रवाना किया गया. इस कहानी में कई नायकों ने अपना किरदार बखूबी निभाया.

लोको पायलट से लेकर बड़े अधिकारियों तक ने निभाई जिम्मेदारी
ये कहानी इस लॉकडाउन के खुलने के बाद बेहद शानदार उदाहरणों में गिनी जाएगी. लोको पायलट से लेकर बड़े अधिकारियों तक ने मुंबई दूध पहुंचाने के लिए हर मुश्किल को आसान बनाया. अब बच्चे के पास उसकी दवाई पहुंच चुकी है. भले ही हम सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे है लेकिन हमारें दिलों में कोई फासला नहीं है.

जयपुर ने फिर कायम की मिसाल, मुस्लिम बंधुओं ने कराया हिन्दू का अंतिम संस्कार 

Lockdown: रेलवे ने अफवाहों को रोकने की लिए जारी की अहम एडवाइजरी, आप भी पढ़ें

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.