Home /News /rajasthan /

Lockdown: रेल किराए पर मचा है हल्ला उधर राजस्थान में मजबूर मजदूरों से बस वाले वसूल रहे 3 गुना किराया

Lockdown: रेल किराए पर मचा है हल्ला उधर राजस्थान में मजबूर मजदूरों से बस वाले वसूल रहे 3 गुना किराया

निजी बस ऑपरेटर अपने स्तर ही मजूदरों की सूचियां तैयार कर रहे हैं और आरटीओे से परमिशन ले रहे हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

निजी बस ऑपरेटर अपने स्तर ही मजूदरों की सूचियां तैयार कर रहे हैं और आरटीओे से परमिशन ले रहे हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

लॉकडाउन (Lockdown) में फंसे मजदूरों की गृह वापसी तो रही है, लेकिन वह कई मजदूरों के लिए यह मुसीबत भी बन गई है. मजदूरों की मजबूरी का फायदा उठाकर कई प्राइवेट बस ऑपरेटर उनकी जेब काट रहे हैं.

    जयपुर. लॉकडाउन (Lockdown) में फंसे मजदूरों की गृह वापसी तो रही है, लेकिन वह कई मजदूरों के लिए मुसीबत भी बन गई है. सरकारी बसों के सामांतर प्राइवेट बसों (Private buses) के जरिए अपने गृहराज्य पहुंचने की जुगत कर रहे मजदूरों की मजबूरी का फायदा उठाकर प्राइवेट बस ऑपरेटर उनकी जेब काट रहे हैं. घर जाने की मशक्कत में जुटे कई मजदूरों का आरोप है कि निजी बस ऑपरेटर उनसे तय किराये के मुकाबले तीन गुना तक ज्यादा वसूल रहे हैं. वहीं सरकारी स्तर पर कहा जा रहा है कि मजदूरों का किसी भी स्तर शोषण नहीं होने दिया जाएगा. कोई ऐसा करता पाया गया तो उसका परमिट निरस्त कर दिया जाएगा.

    बस ऑपरेटर अपने स्तर ही मजूदरों की सूचियां तैयार करवा कर रहे हैं
    राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित रिपोर्ट मुताबिक परिवहन विभाग की ओर से जयपुर से बाहरी राज्यों में निजी बसें भेजने की दी जा रही अनुमति के बाद ये बस ऑपरेटर मनमानी पर उतर आए हैं और संकट में फंसे मजदूरों की जेब काटने पर उतारु हो गए हैं. ये बस ऑपरेटर अपने स्तर ही मजूदरों की सूचियां तैयार कर रहे हैं और आरटीओे से परमिशन ले रहे हैं. ये लोग मजदूरों से संपर्क कर साधने में जुटे हैं. लॉकडाउन में फंसे मजदूर भी जल्दी घर जाने के चक्कर में मजबूरी में महंगे किराये में भी इसके लिए तैयार रहे हैं. वहीं एक अन्य अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक कई मजदूरों का आरोप है कि उनसे तय किराये से तीन गुना तक ज्यादा वसूला जा रहा है.

    राज्य सरकार ने रोडवेज बसों की भी व्यवस्था की है
    दूसरी तरफ राज्य सरकार ने प्रवासी मजदूरों को उनके गृहराज्य भेजने के लिए रोडवेज बसों की भी व्यवस्था की है. इसके लिए करीब 4 हजार बसें लगाई गई हैं. इनसे जाने वाले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. सरकार मजदूरों से कोई किराया भी नहीं ले रही है. लेकिन जल्दी घर पहुंचने के चक्कर में मजदूर निजी बस ऑपरेटर्स का शिकार बन रहे हैं. हालांकि कहने को परिवहन विभाग निजी बसों की रवानगी से पहले मजदूरों से किराये के पूछताछ भी कर रही है, लेकिन वह कारगर सिद्ध नहीं हो रही है. आरटीओ राजेन्द्र वर्मा के अनुसार अभी तक 72 निजी बसों को अनुमति दी जा चुकी है.

    मंत्री का कहना है कि कोई दोषी पाया गया तो परमिट निरस्त होगा
    वहीं इस पूरे मसले पर परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का बयान आया कि विभाग मजदूरों के हित में काम कर रहा है. अधिकारियों को सख्य निर्देश दिए गए हैं कि मजदूरों का किसी भी स्थिति में शोषण नहीं होना चाहिए. जांच में अगर कोई बस ऑपरेटर दोषी पाया जाता है ता उसका परमिट निरस्त कर दिया जाएगा.

    COVID-19: राजस्थान में एक ही दिन में बढ़े 175 नए कोरोना पॉजिटिव, 6 की मौत

    जयपुर: Lockdown में फंसे श्रमिकों की घर वापसी का खर्च उठाएगी गहलोत सरकार

    Tags: Jaipur news, Lockdown, Rajasthan news

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर