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Lockdown: RPSC सदस्य रामूराम राइका जुटे हैं प्रदेश के पशुपालकों की मदद में

Lockdown: RPSC सदस्य रामूराम राइका जुटे हैं प्रदेश के पशुपालकों की मदद में

राइका के मुताबिक अशिक्षित होने के चलते ये लोग प्रशासन तक पहुंच नहीं कर पा रहे थे और तकलीफें उठा रहे थे.

राइका के मुताबिक अशिक्षित होने के चलते ये लोग प्रशासन तक पहुंच नहीं कर पा रहे थे और तकलीफें उठा रहे थे.

कोरोना (COVID-19) संकट काल में लागू लॉकडाउन (Lockdown) में समाज में लोगों की भूमिकाएं बदल गई हैं और लोग अपनी-अपनी तरह से जरूरतमंदों की सेवा में जुटे हैं. इसी कड़ी में राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के सदस्य रामूराम राइका भी संकट के इस समय में भेड़पालकों की मदद को आगे आए हैं.

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जयपुर. कोरोना (COVID-19) संकट काल में लागू लॉकडाउन (Lockdown) में समाज में लोगों की भूमिकाएं बदल गई हैं और लोग अपनी-अपनी तरह से जरूरतमंदों की सेवा में जुटे हैं. इसी कड़ी में राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के सदस्य रामूराम राइका भी संकट के इस समय में समाज की मदद को आगे आए हैं. रायका दूसरे राज्यों में फंसे पशुपालकों और भेड़ पालकों तक प्रशासन की सहायता से मदद पहुंचवाने में जुटे हैं. राइका की पहल से अब तक करीब 800 से 900 भेड़पालकों तक मदद पहुंच चुकी है.

भेड़पालक चारे-पानी की तलाश में जाते हैं
दरअसल हर साल प्रदेश से हजारों की संख्या में भेड़पालक चारे-पानी की तलाश में अपनी भेड़ों को लेकर दूसरे राज्यों में जाते हैं. नवंबर माह से इनका चारे-पानी की तलाश में दूसरे राज्यों में जाना शुरू होता है. बाद में जून के अंत में जब बारिश शुरू हो जाती है तो ये फिर से अपने घर लौट आते हैं. निष्क्रमण कर दूसरे राज्यों में गए भेड़पालकों के सामने इस बार लॉकडाउन के चलते भोजन का संकट खड़ा हो गया. इसके साथ ही मवेशियों के लिए चारे-पानी का बंदोबस्त करना भी बड़ी चुनौती बन गई.

भेड़पालकों तक राशन और मवेशियों के लिए चारे का बंदोबस्त करवाया
संकट के इस समय में इन्हीं के समुदाय से ताल्लुक रखने वाले आरपीएससी सदस्य रामूराम राइका ने इन तक मदद पहुंचाने का बीड़ा उठाया. राइका ने विभिन्न राज्यों में अटके इन भेड़पालकों के मुखियाओं से संपर्क साधा और उनकी तकलीफ वहां के प्रशासन तक पहुंचाई. अपने निजी सहायक विक्रम सिंह की सहायता से राइका ने संबंधित जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को मैसेज कर और फोन पर बात कर इन भेड़पालकों तक राशन सामग्री पहुंचवाई. इतना ही नहीं उनके मवेशियों के लिए भी चारे-पानी का बंदोबस्त करवाया. अभी भी राइका रोज इन पशुपालकों से संपर्क साधकर उनकी मदद करवाने में जुटे हैं. रामूराम राइका ने संकट के इस दौर में सभी लोगों से जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने की अपील भी की है.

जालोर, पाली, नागौर, जोधपुर और सिरोही जिलों के हैं पशुपालक
रामूराम राइका 7 अप्रेल से लगातार इस काम में जुटे हुए हैं. राइका के मुताबिक अशिक्षित होने के चलते ये लोग प्रशासन तक पहुंच नहीं कर पा रहे थे और तकलीफें उठा रहे थे. 7 अप्रेल से अब तक करीब 800 से 900 पशुपालकों तक राशन पहुंचवाने में कामयाबी मिल पाई है. ये पशुपालक जालोर, पाली, नागौर, जोधपुर और सिरोही आदि जिलों के निवासी हैं. ये अपने पशुओं और भेड़ों को लेकर दूसरे राज्यों में गए हुए हैं. इनमें मध्यप्रदेश के उज्जैन में 19, देवास में 160, धार में 30, मोरी में 125, बदनावर में 33, धर्मपुरी में 52, नालसा में 32, बेपालपुर में 25 लोगों तक राशन पहुंचा है.

हरियाणा, यूपी और गुजरात में भी पहुंचाई सहायता
वहीं हरियाणा के गुड़गांव में 20, बादली में 30, सोनीपत में 37, बगान में 81, खेड़ी में 32 और दादरी में 52 पशुपालकों तक मदद पहुंची है. गुजरात के पालनपुर में 5, डीसा में 6, कानोदर में 17 लोगों को सहायता मिली है. उत्तर प्रदेश के मैनपुरी स्थित करहन में 70 और आगरा के बड़ागांव में 65 लोगों तक राशन पहुंचा है. वहीं राजस्थान के अलवर में 20, अलवर के पास हल्दीना में 42, सीकर के पाटन में 33 और बांसवाड़ा के नांदिया में 52 लोगों तक मदद पहुंची है.

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Tags: Jaipur news, Lockdown, Rajasthan news

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