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Lockdown: टास्क फोर्स की रिपोर्ट, हालात नियंत्रण में थे, लेकिन इसलिए बिगड़े, पढ़ें क्या हैं कारण

प्रदेश में लॉकडाउन (Lockdown) का अध्ययन करने के लिए गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव स्वरूप की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स (Task Force) ने अपनी सिफारिशों में कहा है कि राजस्थान में तबलीगी जमात (Tablighi Jamaat) के लोगों के कारण हालात और बिगड़ गए हैं.

प्रदेश में लॉकडाउन (Lockdown) का अध्ययन करने के लिए गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव स्वरूप की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स (Task Force) ने अपनी सिफारिशों में कहा है कि राजस्थान में तबलीगी जमात (Tablighi Jamaat) के लोगों के कारण हालात और बिगड़ गए हैं.

प्रदेश में लॉकडाउन (Lockdown) का अध्ययन करने के लिए गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव स्वरूप की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स (Task Force) ने अपनी सिफारिशों में कहा है कि राजस्थान में तबलीगी जमात (Tablighi Jamaat) के लोगों के कारण हालात और बिगड़ गए हैं.

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जयपुर. प्रदेश में लॉकडाउन (Lockdown) का अध्ययन करने के लिए गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव स्वरूप की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स (Task Force) ने अपनी सिफारिशाों में कहा कि राजस्थान में तबलीगी जमात (Tablighi Jamaat) के लोगों के कारण हालात और बिगड़ गए हैं. दिल्ली से आए तबलीगी जमात के लोग प्रदेश में संक्रमण फैला रहे हैं जो कि चिंता का विषय है. कोरोना वायरस को फैलाने के लिए मुख्य रूप से तबलीगी समाज के लोग ही जिम्मेदार हैं. राजस्थान में हालात नियंत्रण में आ गए थे, लेकिन दिल्ली से आए तबलीगी जमात के लोगों ने स्थिति को नियंत्रित नहीं होने दिया.

देश से पहले 22 मार्च से लॉकडाउन करना भी फायदेमंद रहा
टास्क फोर्स में शामिल अन्य आईएएस अधिकारियों का मानना है कि हालात को नियंत्रण के लिए प्रदेश में लॉकडाउन जारी रहना चाहिए. फोर्स ने अपनी सिफारिशों में कहा है कि जब तक संक्रमितों की संख्या कम नहीं हो जाती है तब तक लॉकडाउन जारी रहना चाहिए. प्रदेश में देश से पहले 22 मार्च से लॉकडाउन करना भी फायदेमंद रहा. इसके चलते भीलवाड़ा और झुंझुनूं समेत कई जिलों में केस बढ़ने से रोकने में मदद मिली है. टास्क फोर्स में एसीएस इंडस्ट्री सुबोध अग्रवाल, एसीएस मेडिकल रोहित कुमार सिंह, प्रमुख सचिव नरेशपाल गंगवार, अजिताभ शर्मा, सिद्धार्थ महाजन और नीरज के पवन शामिल हैं.

संक्रमित मरीजों के लिए 5 हजार बेड चिन्हित किए जा चुके हैं
टास्क फोर्स ने जो रिपोर्ट सौंपी है उसमें शामिल सभी आईएएस अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि लॉकडाउन जारी रहने से कोरोना वायरस की चेन को तोड़ने में मदद मिलेगी. रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदेश की मौजूदा टेस्टिंग क्षमता 25 हजार प्रतिदिन है. संक्रमित मरीजों के लिए 5 हजार बेड चिन्हित किए जा चुके हैं.

टास्क फोर्स ने की हैं ये प्रमुख सिफारिशें
- प्राइवेट लैबों को भी टेस्ट के लिए अधिकृत किया जाए.
- ज्यादा पीपीई और दवाई मंगाई जानी चाहिए.
- टेस्ट किट का प्रदेश में ही बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाए.
- टास्क फोर्स ने किट के आयात किए जाने पर भी दिया जोर दिया है.
- केंद्र सरकार से ज्यादा से ज्यादा पर्सनल प्रोटेक्शन किट और दवाई मंगवाई जाए.

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