Locust Attack-राजस्थान के 21 जिले प्रभावित, 95 हजार हेक्टेयर में भारी नुकसान
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Locust Attack-राजस्थान के 21 जिले प्रभावित, 95 हजार हेक्टेयर में भारी नुकसान
किसानों को डर, कहीं टिड्डियां खराब ने कर दें उनकी फसल. (फाइल फोटो)

प्रदेश में टिड्डियों (Locust ) का प्रकोप लगातार बना हुआ है. राजस्थान (Rajasthan) में अब तक करीब 95 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डियां अपना असर दिखा चुकी हैं. प्रदेश के 21 जिले टिड्डियों से प्रभावित हो चुके हैं. अब आज कल में टिड्डियां अलवर जिले में भी प्रवेश कर सकती है.

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जयपुर. प्रदेश में टिड्डियों (Locust ) का प्रकोप लगातार बना हुआ है. राजस्थान (Rajasthan) में अब तक करीब 95 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डियां अपना असर दिखा चुकी हैं. यह वह क्षेत्र है जिसका कृषि विभाग (Agriculture Department) द्वारा सर्वे किया जा चुका है. इतने क्षेत्र में टिड्डियां फसल को थोड़े से लेकर ज्यादा तक नुकसान पहुंचा चुकी हैं. राजस्थान के 21 जिले टिड्डियों से प्रभावित हो चुके हैं. अब आज कल में टिड्डियां अलवर जिले में भी प्रवेश कर सकती है. अगर ऐसा होता है तो अलवर राजस्थान का 22वां टिड्डी प्रभावित जिला होगा.

275 स्थानों पर टिड्डी नियंत्रण अभियान चलाया
कृषि विभाग के अधिकारी सुआलाल जाट के मुताबिक अभी बाड़मेर, जोधपुर, गंगानगर, दौसा, बीकानेर और हनुमानगढ़ जिलों में टिड्डियों का प्रकोप बड़े स्तर पर है. वहीं कृषि विभाग का दावा है कि विभाग और टिड्डी चेतावनी संगठन द्वारा अब तक करीब 73 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण किया गया है. प्रदेश में करीब 275 स्थानों पर टिड्डी नियंत्रण अभियान चलाया जा चुका है.

51 हजार लीटर से ज्यादा कीटनाशक का किया उपयोग



टिड्डियां अब तक 51 हजार लीटर से ज्यादा कीटनाशक गटक चुकी हैं. टिड्डी चेतावनी संगठन और कृषि विभाग द्वारा टिड्डियों को मारने के लिए लगातार कीटनाशक का छिड़काव प्रभावित क्षेत्रों में किया जा रहा है. टिड्डी चेतावनी संगठन द्वारा अब तक 41 हजार 86 लीटर मेलाथियान 96 प्रतिशत यूएलवी का छिड़काव प्रभावित क्षेत्रों में किया गया है. वहीं कृषि विभाग द्वारा 9 हजार 727 लीटर रसायन का उपयोग कृषि और अकृषि क्षेत्र में किया गया है. टिड्डियों को मारने में कीटनाशक भी पूरी तरह प्रभावी साबित नहीं हो पा रहे हैं और इनसे 30 से 40 प्रतिशत टिड्डियां ही मर पा रहीं हैं.



इतना लगा है लवाजमा
कृषि विभाग के मुताबिक टिड्डियों के सर्वेक्षण में 120 वाहन लगे हुए हैं जबकि नियंत्रण के लिए 45 वाहन और 800 ट्रेक्टर माउन्टेड स्प्रेयर की स्वीकृति जारी की गई है. अब तक 3200 वाटर टैंकर मय ट्रेक्टर की स्वीकृति भी जारी की जा चुकी है. जैसे-जैसे जिलों में टिड्डी प्रकोप बढ़ता जा रहा है वैसे-वैसे संसाधनों में भी बढ़ोतरी की जा रही है. बड़े पेडों पर कीटनाशक का छिड़काव करने के लिए दमकलों की भी मदद ली जा रही है. कृषि आयुक्तालय और टिड्डी प्रभावित तथा संभावित जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं.

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First published: May 28, 2020, 7:30 PM IST
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