प्रदेश की इन तीन सीटों पर एक ही परिवार से 6-6 सांसद चुने जा चुके हैं, तीनों पर BJP का कब्जा

फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।
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प्रदेश की झालावाड़-बारां, चूरू और श्रीगंगानगर तीन लोकसभा सीटें ऐसी हैं जहां तीन राजनीतिक परिवार लंबे समय से इन पर अपना दबादबा बनाए हुए हैं. इन तीन सीटों पर एक ही परिवार के सदस्य छह बार से अधिक समय से चुनाव जीतते आ रहे हैं.

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प्रदेश की झालावाड़-बारां, चूरू और श्रीगंगानगर तीन लोकसभा सीटें ऐसी हैं जहां तीन राजनीतिक परिवार लंबे समय से इन पर अपना दबादबा बनाए हुए हैं. इन तीन सीटों पर एक ही परिवार के सदस्य छह बार से अधिक समय से चुनाव जीतते आ रहे हैं.

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इनमें झालावाड़-बारां लोकसभा क्षेत्र से तो इस बार पूर्व सीएम वसुंधरा राजे परिवार ने लगातार नवीं बार जीत दर्ज कराई है. नौ बार में इस सीट पर पहले लगातार पांच बार पूर्व सीएम वसुंधरा राजे चुनाव जीतती रही और उसके बाद चार बार से उनके पुत्र दुष्यंत सिंह चुनाव जीतते आ रहे हैं.



पूर्व सीएम वसुंधरा राजे। फोटो : न्यूज 18 राजस्थान।

इस लोकसभा क्षेत्र में झालावाड़ जिले का झालरापाटन, डग, खानपुर और मनोहरथाना समेत बारां जिले का बारां-अटरू, किशनगंज, छबड़ा और अंता विधानसभा क्षेत्र शामिल होता है. 19,03,463 मतदाताओं वाले इस क्षेत्र में किशनगंज अनुसूचित जनजाति और बारां व डग विधानसभा क्षेत्र अनूसचित जाति के लिए आरक्षित है. गत नौ लोकसभा चुनाव से इस क्षेत्र पर लगातार बीजेपी का कब्जा कायम है. यहां 1989 से 1999 तक लगातार 5 बार वसुंधरा राजे सांसद बनीं. उसके बाद 2004 से अब तक लगातार चार बार से उनके पुत्र दुष्यंत सिंह जीतते आ रहे हैं. इस सीट पर नवीं बार लगातार राजे परिवार का सदस्य जीता है. वसुंधरा राजे 2003 के बाद इसी क्षेत्र के झालरापाटन विधानसभा क्षेत्र से लगातार चौथी बार विधायक चुनी गई हैं.

दुष्यंत सिंह।


राहुल दूसरी बार जीते, चार बार पिता सांसद रहे हैं

 
चूरू लोकसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़कर जीतने वाले सांसद राहुल कस्वां जिले के अहम राजनीतिक परिवार से हैं. राहुल के पिता रामसिंह कस्वां क्षेत्र से चार बार सांसद और एक बार सादुलपुर से विधायक रहे हैं. उनके बाद अब राहुल यहां से लगातार दूसरी बार सांसद बने हैं. राहुल के दादा, पिता और मां तीनों सादुलपुर विधानसभा से विधायक रह चुके हैं. राहुल के दादा दीपचंद सादुलपुर से निर्दलीय विधायक रह चुके हैं. वहीं राहुल की मां कमला कस्वां सादुलपुर से एक बार विधायक और एक बार चूरू की जिला प्रमुख रह चुकी हैं.

राहुल कस्वां।


निहालचंद पांचवी बार जीते हैं, दो बार पिता सांसद रह चुके हैं
श्रीगंगानगर लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए निहालचंद भी राजनीतिक परिवार से हैं और उनका यहां एकछत्र राज चलता रहा है. 1996 के लोकसभा चुनाव में सबसे कम उम्र में सांसद बनने का गौरव हासिल करने निहालचंद इस बार यहां से पांचवीं बार सांसद चुने गए हैं. इससे पहले वे क्षेत्र के रायसिंह नगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रह चुके हैं. निहालचंद के पिता बेगाराम भी जनता पार्टी से दो बार सांसद एवं और एक बार रायसिंहनगर से विधायक रह चुके हैं.

निहालचंद मेघवाल।


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