लोकसभा चुनाव-2019: बागियों के प्रति बीजेपी का कड़ा रुख, कहा- अभी कांग्रेस को है जरूरत

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी। फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी। फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

लोकसभा चुनाव के लिए जुटी बीजेपी ने बागियों को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. यही वजह है कि अभी तक किसी भी बड़े नेता की पार्टी में वापसी नहीं हुई है.

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लोकसभा चुनाव के लिए जुटी बीजेपी ने बागियों को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. यही वजह है कि अभी तक किसी भी बड़े नेता की पार्टी में वापसी नहीं हुई है. पार्टी का कहना है बागियों की वापसी पर ना तो पार्टी को जल्दी है और ना ही पार्टी को बागियों की वापसी की जरूरत है. अभी बागियों की जरुरत कांग्रेस को है. पार्टी अभी टिकट वितरण के बाद उभरे असंतोष को कंट्रोल करने में जुटी है. वहीं बीजेपी के बागी अब कांग्रेस का हाथ थामने लगे हैं.

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बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में अपना आधार बढ़ाने के लिए बूथ सम्पर्क महाअभियान छेड़ रखा है. लेकिन बागियों की वापसी को लेकर अभी तक पार्टी में कोई एक्शन प्लान नहीं बनाया गया है. पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी का कहना है कि बागियों की वापसी पर ना तो पार्टी को जल्दी है और ना ही पार्टी को बागियों की वापसी की जरूरत है. अभी कांग्रेस को बागियों की जरूरत है, क्योंकि कांग्रेस का जनाधार खिसक गया है. कांग्रेस दो वोट इधर से दो वोट उधर से को लेकर काम कर रही है.



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विरोध को पार्टी ने बताया स्वाभाविक प्रतिक्रिया
बीजेपी की ओर से प्रदेश की 25 लोकसभा सीटों में से 16 सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए गए हैं. इनमें से एक तिहाई सीटों पर पार्टी में अन्तर्कलह सामने आया है. इनमें सीकर में सुमेधानन्द, बीकानेर में अर्जुराम मेघवाल, पाली में पीपी चौधरी, कोटा में ओम बिड़ला और टोंक सवाईमाधोपुर में सुखबीर जौनापुरिया का विरोध सामने आया है. हालांकि पार्टी ने अभी तक नागौर से प्रत्याशी घोषित नहीं किया है, लेकिन टिकट के दावेदार मौजूदा सांसद सीआर चौधरी का विरोध हो रहा है.

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झुंझुनूं में भी हो रहा है विरोध
वहीं झुंझुनूं से मौजूदा सांसद संतोष अलाहवत का टिकट काटे जाने के बाद वहां भी विरोध के स्वर उभर रहे हैं. इस पर पार्टी का कहना है कि यह स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन बीजेपी लोकतांत्रिक पार्टी है जिसमें सबकी बात सुनी जाती है.

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