लोकसभा स्पीकर बनने वाले ओम बिड़ला की ये खूबियां हैं उनकी 'ताकत'
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लोकसभा स्पीकर बनने वाले ओम बिड़ला की ये खूबियां हैं उनकी 'ताकत'
ओम बिड़ला। फोटो एफबी।

17वीं लोकसभा के स्पीकर बनने जा रहे हाड़ौती अंचल के कोटा-बूंदी के सांसद ओम बिड़ला कई मामलों में अन्य नेताओं से अलग हैं. बेहतर वक्ता और चुनाव प्रबंधन में माहिर ओम बिड़ला विरोधियों का भी दिल जीतने की ताकत रखते हैं.

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17वीं लोकसभा के स्पीकर बनने जा रहे हाड़ौती अंचल के कोटा-बूंदी के सांसद ओम बिड़ला कई मामलों में अन्य नेताओं से अलग हैं. बेहतर वक्ता और चुनाव प्रबंधन में माहिर ओम बिड़ला विरोधियों का भी दिल जीतने की ताकत रखते हैं. अपनी इन्हीं खूबियों के बदौलत वह आज इस मुकाम तक पहुंचने में कामयाब हुए हैं.

कार्यकर्ताओं के लिए रहते हैं हरदम तैयार
ओम बिड़ला की सबसे बड़ी ताकत है कठिनाइयों से डटकर मुकाबला करना. संघर्ष से कभी नहीं थकने वाले बिड़ला कार्यकर्ताओं के लिए दिन हो या रात हमेशा तैयार रहते हैं. कार्यकर्ताओं को कभी निराश नहीं होने देने की उनकी खूबी के चलते वह हमेशा उनके प्रिय नेता रहे हैं. कुशल रणनीतिकार और बेहतर वक्ता बिड़ला गरीब, असहाय और निराश्रितों के लिए हमेशा जुटे रहते हैं. बिड़ला सार्वजनिक जीवन में हमेशा लोगों के हमदर्द बने रहे हैं.

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सामाजिक क्षेत्र के इन कार्यों ने बनाई अलग पहचान


गरीबों के लिए बिड़ला ने कोटा में मुफ्त भोजन योजना की शुरुआत की. कोटा के समाजसेवियों और व्यापारियों को एक मंच पर लाकर गरीब को गणेश मानते हुए उन्होंने वहां 'प्रसादम' शुरू कराया. गत दस साल से चल रहा प्रसादम आज भी सैकड़ों गरीबों का पेट भर रहा है. इसी तरह से गरीब मरीजों के लिए कोटा मेडिकल कॉलेज और एमबीएस अस्पताल में मेडिसिन बैंक शुरू किया. इसके साथ ही जरूरतमंदों के लिए 'वस्त्रागार' की शुरुआत की. यह वस्त्रागार गरीब और असहाय लोगों को कपड़े उपलब्ध कराता है. बिड़ला के इन्हीं कार्यों ने उनको भीड़ से अलग पहचान दी है.

राजनीतिक शत्रुता की बजाय मित्रता पर रहा है जोर
मधुर व्यवहार में उनका कोई सानी नहीं है. राजनीतिक शत्रुता के बजाय उनका हमेशा मित्रता पर जोर रहा है. विरोधी क्या कहेंगे इसकी बिड़ला ने कभी परवाह नहीं की. यही वजह रही कि वो बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और पीएम नरेंद्र मोदी के लगातार करीब होते चले गए. बिड़ला में काम करने का जुनून है. संसदीय परंपराओं का उनका ज्ञान उन्हें इस मुकाम तक लेकर आ गया.

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विधानसभा चुनाव में हरा चुके हैं कांग्रेस के दिग्गजों को 
ओम बिड़ला ने बीजेपी में विभिन्न पदों पर काम किया है. पार्टी ने 2003 में बिड़ला को पहली बार कोटा दक्षिण से टिकट दिया तो उन्होंने कांग्रेस के शांति धारीवाल जैसे दिग्गज को हराकर तहलका मचा दिया. 2008 में बिड़ला के सामने थे दिग्गज कांग्रेसी नेता और कई बार मंत्री रह चुके रामकिशन वर्मा. बिड़ला ने वर्मा को भी जोरदार शिकस्त दी और लगातार दूसरी बार विधायक बने. 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने पंकज मेहता को उनके सामने मैदान में उतारा तो बिड़ला ने उनको पचास हजार से ज्यादा वोटों से हराया.

यूं बढ़ा लोकप्रियता का ग्राफ
उनकी इसी लोकप्रियता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें 2014 के लोकसभा चुनाव का टिकट थमाया. बिड़ला ने कांग्रेस के मौजूदा सांसद कोटा के पूर्व राजपरिवार के सदस्य इज्यराज सिंह को करारी शिकस्त दी. इससे उनकी लोकप्रियता का ग्राफ भी लगातार बढ़ता गया. 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने बिड़ला को घेरने के लिए कद्दावर नेता रामनारायण मीना को टिकट दिया. लेकिन मीणा भी बिड़ला के दमखम के आगे मैदान में टिक नहीं पाए.

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