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फिर से मोदी सरकार बनाएं या राहुल प्रधानमंत्री बनें, जनता को मनवानी हैं ये 300 मांगें

फिर से मोदी सरकार बनाएं या राहुल प्रधानमंत्री बनें, जनता को मनवानी हैं ये 300 मांगें

देश में आम चुनाव के नतीजों के बाद फिर से मोदी सरकार बने या राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनें, एक महीने के बाद नई सरकार का गठन हो जाएगा.

देश में आम चुनाव के नतीजों के बाद फिर से मोदी सरकार बने या राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनें, एक महीने के बाद नई सरकार का गठन हो जाएगा.

देश में आम चुनाव के नतीजों के बाद फिर से मोदी सरकार बने या राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनें, एक महीने के बाद नई सरकार का गठन हो जाएगा. इस नई सरकार से मांगों का एक ड्राफ्ट तैयार किया है. 

    जन अपेक्षाओं पर खरा उतरना हर सरकार का दायित्व होता है. देश में आम चुनाव के बाद जल्द ही नई सरकार का गठन होने जा रहा है. 23 मई को चुनाव के नतीजे आएंगे और उसके बाद नई सरकार भी वजूद में आएगी. देश में बनने वाली इस नई सरकार से लोगों की बड़ी उम्मीदें और अपेक्षाएं जुड़ी होंगी. और इन्हीं अपेक्षाओं और उम्मीदों को लेकर हाल ही में जन संगठनों की ओर से संयुक्त रूप से एक पीपल्स एजेंडा तैयार किया गया है जिसमें अलग-अलग मुद्दों पर जनता की मांगों से राजनीतिक दलों को रुबरु करवाया गया है. अब सरकार फिर से बीजेपी यानी मोदी की बने या कांग्रेसा यानी राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनें, इस पीपल्स एजेंड के जरिए उससे जनता ने उम्मीदें लगा रखी हैं.

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    ये हैं जनसंगठनों की प्रमुख मांगें

    - FRA एक्ट की प्रभावी पालना हो और सभी दावों का एकमुश्त समाधान हो
    - PESA और FRA के तहत ग्राम सभाओं को ज्यादा पॉवर दिए जाएं
    - सभी लोगों के लिये राइट टू हैल्थ लागू किया जाए
    - जन स्वास्थ्य पर खर्च जीडीपी के 2.5 प्रतिशत से बढाकर 5 प्रतिशत किया जाए
    - पीडीएस प्रणाली को आधार से मुक्त करते हुये सभी को इससे लाभान्वित किया जाए
    - अन्त्योदय अन्न योजना का दायरा बढाकर दोगुना किया जाए
    - पेंशन को संविधान के अनुच्छेद 21 और 41 के तहत अधिकार का दर्जा दिया जाए
    - किसान मुक्ति बिलों पर चर्चा और पास करवाने के लिये विशेष सत्र आहूत किया जाए
    - मनरेगा के तहत रोजगार दिवस की संख्या बढाकर 200 की जाए
    - 60 साल की उम्र के बाद किसान को कम से कम 5 हजार प्रतिमाह पेंशन मिले
    - शैक्षणिक संस्थानों में एससी-एसटी आरक्षण जारी रखने के लिए अध्यादेश लाया जाए
    - नई सरकार गठन के 100 दिन में मैनुअल कचरा उठाने की व्यवस्था बंद हो

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    aruna rai
    अरुणा रॉय, सामाजिक कार्यकर्ता.


    लोगों के साथ मिलकर ये एजेंडा तैयार किया गया है. सइमें समाज में गरीमा, शांति और बरारबरी का माहौल बनना चाहिए उसपर, भष्टाचार पर और शिक्षा के अधिकार पर अगल-अगल जन संगठनों ने अपनी बातें रखी गई हैं.
    अरुणा रॉय, सामाजिक कार्यकर्ता


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    जनसंगठनों द्वारा तैयार किया गया यह पीपल्स एजेंडा सभी राजनीतिक दलों को भेजा गया है ताकि वे सत्ता में आने के बाद इस पर अमल करें. इस पीपल्स एजेंडा में 22 अलग-अलग विषयों पर करीब 300 मांगें शामिल हैं. इस डिमांड चार्टर की कुछ अन्य प्रमुख मांगों का जिक्र करें तो इनमें रोजगार गारंटी, पर्यावरण संरक्षण और आरटीई जैसे विषय भी शामिल हैं.

    Loksabha Elections 2019
    पीपल्स एजेंडा कार्यक्रम में शामिल लोग.


    300 मांगों में ये भी शामिल

    - रोजगार गारण्टी स्कीम शहरी वयस्कों के लिये भी लागू हो
    - पब्लिक सर्विस सेक्टर में सभी तरह के पहचान पत्र मान्य किये जाएं
    - पर्यावरणीय निरन्तरता के लिये इसे आयोजना, बजट और कार्यक्रमों के केन्द्र में रखा जाए
    - लिंचिंग जैसी घटनायें रोकने में लापरवाह अधिकारियों पर आपराधिक कार्यवाही हो
    - राष्ट्रीय आवास भूमि अधिकार अधिनियम लाया जाए, आवासहीन गरीबों को भूमि उपलब्ध हो
    - आधार संशोधन अध्यादेश - 2019 वापस लिया जाए
    - RTE का दायरा 18 साल तक हो, शिक्षा का बजट बढाया जाए
    - अभिव्यक्ति और मीडिया की आजादी सुनिश्चित की जाए
    - सभी 15 करोड़ शहरी गरीबों को आवास का अधिकार मिले
    - नोटबन्दी पर श्वेत पत्र जारी किया जाए
    - महिलाओं के संसद में 33 प्रतिशत और विधानसभा में 50 प्रतिशत आरक्षण के लिये बिल पारित हो
    - महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो

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    Loksabha Elections 2019
    पीपल्स एजेंडा कार्यक्रम में अरुण राय.


    इसे एक बुनियाद के रूप में देख जा सकता है. हम किस तरह का समाज चाहते हैं.
    कविता श्रीवास्तव, सामाजिक कार्यकर्ता


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    करीब दो दर्जन संगठनों द्वारा तैयार किए गए इस पीपल्स एजेंडा का देश भर के करीब 400 जन संगठनों द्वारा समर्थन भी किया गया है. चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल अपना मेनीफेस्टो जारी करते हैं और उसमें वादों के जरिए बताते हैं कि सत्ता में आने के बाद वो क्या कार्य प्राथमिकता से करेंगे. लेकिन जनसंगठनों द्वारा तैयार इस पीपल्स एजेंडा में राजनीतिक दलों को बताया गया है कि जनता की क्या अपेक्षाएं हैं और वो क्या काम प्राथमिकता के तौर पर चाहते हैं.

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    Tags: Jaipur news, Lok Sabha 2019, Lok Sabha Election 2019, Lok sabha elections 2019, Rajasthan Lok Sabha Elections 2019, Rajasthan news

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