लोकसभा चुनाव: राजस्थान में कांग्रेस पर भारी पड़े BJP-RSS के ये 6 धुरंधर

सीटों के बंटवारे से लेकर, जातीगत समीकरण साधने और चुनाव प्रचार में कांग्रेस की हर संभव कोशिश पर बीजेपी भारी पड़ी. कांग्रेस के मिशन-25 को फेल करने में जिस टीम ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई, उसमें ये 6 धुरंधर शामिल हैं.

News18Hindi
Updated: May 21, 2019, 2:18 PM IST
लोकसभा चुनाव: राजस्थान में कांग्रेस पर भारी पड़े BJP-RSS के ये 6 धुरंधर
इस टीम ने निभाई सबसे बड़ी भूमिका.
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Updated: May 21, 2019, 2:18 PM IST
लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों से पहले रविवार को सामने आए एग्ज़िट पोल सर्वे के अनुमान यदि नतीजों में तब्दील होते हैं तो 20 से अधिक सीटों पर बीजेपी का जीतना लगभग तय है. ऐसे में कांग्रेस का 'मिशन-25' को पूरी तरह से फेल होता दिख रहा है. एग्ज़िट पोल के अनुसार विधानसभा चुनाव 2018 में बीजेपी को सत्ता से बेदखल कर के सरकार बनाने वाली प्रदेश कांग्रेस पर 5 महीने बाद ही लोकसभा चुनाव में बीजेपी का यह करारा पलटवार है. सीटों के बंटवारे से लेकर, जातीगत समीकरण साधने और चुनाव प्रचार में कांग्रेस की हर संभव कोशिश पर बीजेपी भारी पड़ी. चुनाव में एक तरफ जहां पीएम नरेन्द्र मोदी का नाम और राष्ट्रवाद का मुद्दा बीजेपी के लिए सबसे बड़ी संजीवनी बना, वहीं BJP-RSS की संयुक्त टीम ने कांग्रेस के मिशन-25 को फेल करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई. इस टीम में 6 धुरंधर शामिल थे. इनमें बीजेपी की केंद्रीय टीम, राजस्थान प्रदेश भाजपा और आरएसएस से दो-दो नेता हैं. इन्होंने विधानसभा चुनाव में हार के बाद प्रदेश में फिर से बीजेपी को इस स्थिति तक पहुंचाने में खास भूमिका निभाई है.

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बीजेपी की केंद्रीय टीम के धुरंधर

केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बतौर राजस्थान चुनाव प्रभारी बेहतरीन काम किया. उन्होंने विधानसभा चुनाव में भी राजस्थान के चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी संभाली थी. तब बीजेपी सरकार के खिलाफ माहौल और प्रदेश में एंटी इनकंबेंसी के दौर में भी 73 सीटें हासिल की थी. यही वजह रही कि बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह ने जावड़ेकर को फिर से प्रभारी और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी को सह प्रभारी नियुक्त किया. जावड़ेकर की भूमिका जाट नेता और RLTP प्रमुख हनुमान बेनीवाल से गठबंधन में अहम रही. इसका असर भी नतीजों में खासतौर पर नजर आने वाला है. उधर, सुधांशु प्रदेश में गहलोत सरकार पर लगतार आक्रामक रूख में हमला बोलते रहे. कभी नवगठित सरकार की वादा खिलाफी, कभी केंद्रीय योजनाओं का लाभ प्रदेश के लोगों को नहीं मिलने पर उन्होंने कांग्रेस सरकार को घेरा.

Loksabha Elections 2019
फोटो- बाएं से चंद्रशेखर, प्रकाश जावड़ेकर और वसुंधरा राजे.


प्रदेश टीम से इनकी भूमिका रही खास

राजस्थान में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने एक बार फिर 'बीजेपी यानी वसुंधरा और वसुंधरा यानी बीजेपी' के नारे को बुलंद किया है. लोकसभा सीटों के लिए टिकट वितरण से लेकर प्रचार तक वसुंधरा ने अहम भूमिका निभाई. ताबड़तोड़ सभाओं और रैलियों के साथ पूरी प्रदेश टीम को एकजुट बनाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी. उनके बाद दूसरे नंबर पर प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया की भूमिका रही.
आरएसएस के इन धुरंधरों  का प्रभाव

पार्टी से नाराज नेताओं और रूठों को मनाने में आरएसएस की बड़ी भूमिका रही. बीजेपी प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर और पूर्व संगठन महामंत्री प्रकाश चंद्र वो दो नाम है जिनके प्रयासों से पार्टी को संघ का पूरा साथ मिला. चंद्रशेखर से पहले प्रदेश में संगठन महामंत्री का जिम्मा संभालने वाले प्रकाश चंद्र के अनुभव का भी पार्टी को फायदा मिला. बता दें कि चंद्रशेखर आरएसएस से जुड़े हुए हैं और अमित शाह के साथ यूपी विधानसभा चुनावों में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं.

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