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राजस्थान: मिलिए RU के ट्री मेन बिरजू से, 6 सालों में लगा दिए पांच हजार से ज्यादा पौधे

बिरजू कई सालों से पेड़ लगा रहे हैं.

Jaipur News: राजस्थान यूनिवर्सिटी (Rajasthan University) में अपनी सेवा दे  रहे बिरजू तंवर पिछले कई सालों से कैंपस में पेड़ पौधे लगा रहे हैं.

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जयपुर. राजस्थान यूनिवर्सिटी (Rajasthan University) में महज पांच हजार रुपए प्रतिमाह के वेतन में काम कर रहे एक संविदा कर्मी बिरजू तंवर पर ऐसा जुनून सवार हुआ कि उसने कैम्पस में पैड़ पौधों की कतारें लगा दी हैं. अपने निर्धारित कामकाज के अलावा विश्वविद्यालय के खेल मैदान से सटे लगभग 50 बीघा क्षेत्र को पहले तो हर दिन 3 घंटे की नियमित मेहनत कर उन्हेंने साफ किया. इसके बाद जब भी वर्षा ऋतु  होती तो वे उसमें कई किस्म के पौधे लगाने का काम शुरू कर दिया करते. साल 2015 से अब तक वे करीब पांच हजार से ज्यादा पौधे इन मैदानों में लगा चुके हैं.  इतने  पौधों में से  2714  पौधे सर्वाइव कर गए और  वृक्ष के रूप में आरयू की हरियाली बढ़ा रहे हैं.



दरअसल राजस्थान विश्वविद्यालय में साल  2015 में कुलपति के रूप में जयपुर के तत्कालीन संभागीय आयुक्त   हनुमान सिंह  भाटी को विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यभार मिला.  भाटी को हरियाली विशेष रूप से वर्षा के समय पौधे लगाने का एक विशेष ही लगाव था. उस समय राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति के साथ ही उनके पास  जोबनेर के कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति का भी अतिरिक्त कार्यभार था.  इसी दौरान वर्षा ऋतु में कुलपति  भाटी के निर्देशों से जोबनेर कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विशेषज्ञों द्वारा विशेष किस्म के आम, शहतूत, आंवला, जामुन, अशोक, नीम, शीशम सहित अनेक औषधियों के हजारों पौधे निशुल्क रूप से उपलब्ध कराए गए. इन्हें कैसे लगाना है वह इनकी कैसे उचित देखरेख की जा सकती है  यह प्रशिक्षण भी उस समय उनके द्वारा दिया गया.

अपनी मेहनत से कैंपस में लगाए पौधे

संविदा कर्मी बिरजू तवर ने यह प्रशिक्षण प्राप्त किया और  प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे से 8:30 बजे तक स्वयं हाथ में फावड़ा लेकर पौधों को पानी देने के साथ ही समय पर खाद, कीटनाशकों का छिड़काव किया. इसके चलते उनकी मेहनत आज हरियाली बनकर लहलहाई हैं. यह संविदा कर्मी कुछ अन्य कर्मचारियों बनवारी, गगन नेगी और  डॉ. राजेश पुनिया जैसे शिक्षकों के साथ अब भी कड़ी मेहनत के साथ जुटे हुए है. इनकी की मेहनत का परिणाम है कि आज उस समय लगाए गए पौधों में से 2714 पौधों ने वृक्ष का रूप ले लिया है.