PM मोदी के साथ मीटिंग में गहलोत ने कहा- केंद्र सरकार युवाओं को फ्री में वैक्सीन लगवाए

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ मीटिंग में मांग की है कि केंद्र सरकार को युवाओं को भी फ्री में वैक्सीन लगानी चाहिए.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ मीटिंग में मांग की है कि केंद्र सरकार को युवाओं को भी फ्री में वैक्सीन लगानी चाहिए.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि केंद्र की ओर से फ्री वैक्सीन उपलब्ध नहीं करवाने पर वैक्सीन का वित्तीय भार वहन करना पड़ेगा. ऐसे में राज्यों को अपने निर्धारित बजट में कटौती करनी पडे़गी. एक देश में वैक्सीन की अलग-अलग दरें भी उचित नहीं हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 23, 2021, 9:00 PM IST
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जयपुर. कोरोना संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ संवाद किया. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी इस बैठक में वीसी के माध्यम से जुड़े. पिछले काफी समय से केन्द्र सरकार पर हमलावर सीएम गहलोत ने प्रधानमंत्री के समक्ष फ्री वैक्सीन, ऑक्सीजन और रेमडेसिविर के मुद्दों पर बात की. गहलोत ने कहा कि 18 वर्ष से अधिक के लोगों का भी केंद्र सरकार निःशुल्क टीकाकरण करवाए. 60 वर्ष और 45 वर्ष की तरह अब 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए भी एक ही नीति अपनानी चाहिए. यह उचित नहीं होगा कि युवाओं से पैसे लिए जाएं और बाकी को निःशुल्क वैक्सीन लगाई जाए.

गहलोत ने कहा कि कोविड के बेहतर प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार जीवन रक्षा को सर्वोपरि रखते हुए ऑक्सीजन, दवाओं एवं अन्य संसाधनों की योजनाबद्ध एवं न्यायसंगत आपूर्ति सुनिश्चित करे. कोविड की वर्तमान परिस्थितियों में कई हृदयविदारक दृश्य देखने को मिल रहे हैं. ऐसे में आमजन का आत्मविश्वास बढ़ाने की जरूरत है. ऐसे प्रयास किए जाएं कि ऑक्सीजन एवं दवाओं की कमी से किसी व्यक्ति की जान न जाए.

एक्टिव केसेज के आधार पर हो आवंटन

सभी राज्यों को एक्टिव केसेज के आधार पर ऑक्सीजन एवं रेमडेसिविर दवा का आवंटन किया जाना चाहिए. गहलोत ने कहा कि राजस्थान को 21 अप्रैल को तात्कालिक आवंटन में मात्र 26 हजार 500 रेमडेसिविर इंजेक्शन आवंटित किए गए जबकि गुजरात और मध्यप्रदेश को राजस्थान से कम एक्टिव केसेज होने के बावजूद ज्याादा इंजेक्शन मिले. गुजरात को 1 लाख 63 हजार और मध्य प्रदेश को 92 हजार 200 रेमडेसिविर इंजेक्शन आवंटित किए गए. इसी प्रकार ऑक्सीजन के आवंटन में भी एक्टिव केसेज के अनुपात का ध्यान नहीं रखा गया.
गहलोत ने कहा कि भविष्य में इनकी आपूर्ति तर्कसंगत तरीके से हो ताकि किसी भी राज्य को कोविड रोगियों के उपचार को लेकर परेशानी का सामना नहीं करना पड़े. गहलोत ने यह भी कहा कि कोविड रोगियों के उपचार के दौरान की जाने वाली सहायक जांचें जैसे आईएल-6, डी-डाइमर, फेरिटिन टेस्ट आदि की किट की भी धीरे-धीरे कमी होने लगी है. केंद्र सरकार इन किट्स की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में भी योजना बनाए ताकि समय रहते राज्यों को इनकी सुचारू आपूर्ति हो सके.

वैक्सीन के लिए अलग-अलग नीति अनुचित

गहलोत ने कहा कि 18 वर्ष से अधिक के लोगों का भी केंद्र सरकार निःशुल्क टीकाकरण करवाया जाए. केंद्र सरकार को 60 वर्ष और 45 वर्ष की तरह अब 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए भी एक ही नीति अपनानी चाहिए. राज्यों में सभी आयु वर्ग के लोगों को एक ही मेडिकल स्टाफ वैक्सीन लगाएगा. यह उचित नहीं होगा कि युवाओं से पैसे लिए जाएं और बाकी को निःशुल्क वैक्सीन लगाई जाए. भारत सरकार ने मुफ्त वैक्सीन के लिए बजट में 35 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान भी किया है, इसे देखते हुए राज्यों ने बजट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं रखा है.
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