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स्वास्थ्य से खिलवाड़: दीवाली पर लोगों ने खाई मिलावटी मिठाई, सैम्पल्स की जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Sachin Sharma | News18 Rajasthan
Updated: November 17, 2019, 12:16 PM IST
स्वास्थ्य से खिलवाड़: दीवाली पर लोगों ने खाई मिलावटी मिठाई, सैम्पल्स की जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा
चौंकाने वाली बात तो यह है कि मिलावटी पाए गए 228 सैम्पल्स में से 70 तो खाने योग्य थे ही नहीं थे.

प्रदेश में हाल ही में त्योहारी सीजन (Festive season) पर लोगों ने जिन मिठाइयों का सेवन किया उनमें से कई तो खाने लायक ही नहीं (Not edible) थी. इसका खुलासा (Revealed) मिलावट रोकने के लिए दिवाली (Diwali) पर चलाए गए 'शुद्ध के लिए युद्ध' अभियान में लिए गए सैम्पल्स (Samples) की जांच में रिपोर्ट (Investigation Report) हुआ है.

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जयपुर. प्रदेश में हाल ही में त्योहारी सीजन (Festive season) पर लोगों ने जिन मिठाइयों का सेवन किया उनमें से कई तो खाने लायक ही नहीं (Not edible) थी. इसका खुलासा (Revealed) मिलावट रोकने के लिए दिवाली (Diwali) पर चलाए गए 'शुद्ध के लिए युद्ध' अभियान में लिए गए सैम्पल्स (Samples) की जांच में रिपोर्ट (Investigation Report) हुआ है. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा (Medical and Health Minister Dr. Raghu Sharma) ने दिवाली से पहले ही प्रदेश में 1 अक्टूबर से शुद्ध के लिए युद्ध अभियान शुरू कर मिलावट के खिलाफ सख्त एक्शन (Strict action) लेने के निर्देश दिए थे. उसके बाद प्रदेशभर में बड़ी संख्या में मिठाइयों के सैम्पल्स लिए गए थे.

228 सैम्पल्स में से 70 तो खाने योग्य थे ही नहीं थे
दिवाली पर लिए गए 726 सैम्पल्स में से 228 सैम्पल्स मिलावटी मिले हैं. सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि 228 सैम्पल्स में से 70 तो खाने योग्य ही नहीं थे, यानि कि वे इंसान के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक की श्रेणी में आते हैं. यह खुलासा जयपुर सहित अजमेर, अलवर, उदयपुर और कोटा की फूड लैब में हुई जांच रिपोर्ट में हुआ है. फूड सेफ्टी एक्ट के अनुसार सैम्पल्स की जांच रिपोर्ट 14 दिन में आ जानी चाहिए थी, लेकिन अब भी प्रयोगशाला में अभियान के तहत लिए गए 750 सैम्पल्स की जांच रिपोर्ट आना बाकी है.

अनसेफ पाए जाने पर मामला कोर्ट में जाता है

फूड सेफ्टी कमिश्नर डॉ. केके शर्मा के अनुसार फूड सेफ्टी एक्ट के तहत सब स्टेण्डर्ड और मिसब्राण्ड पाए जाने पर एडीएम जांच होती है. जबकि अनसेफ पाए जाने पर मामला कोर्ट में जाता है. अभियान के तहत करीब 1500 नमूने लिए गए थे. हाल ही में निकोटिन, मैग्निशियम कार्बोनेट और मिनरल ऑयल युक्त पान मसाला, गुटखा और फ्लेवर्ड सुपारी पर भी राज्य में रोक लगाई गई है.

प्रोडक्ट्स को बाजार से रिकॉल करने के आदेश
इनके खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत प्रदेशभर में लिए गए पान मसाले के 120 सैम्पल्स में से 53 नमूने अनसेफ पाए गए हैं. इस पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल इनके संबंधित बैच के प्रोडक्ट्स को बाजार से रिकॉल करने के आदेश जारी किए हैं.
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First published: November 17, 2019, 12:10 PM IST
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