Budget 2021: गहलोत के बजट में हुई इतनी घोषणाएं, फिर क्‍यों नाराज है मुस्‍ल‍िम समाज? यहां समझे व‍िस्‍तार से

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बजट पिटारा इस बार अल्पसंख्यक समुदाय के लिए काफी मायूसी वाला रहा है.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बजट पिटारा इस बार अल्पसंख्यक समुदाय के लिए काफी मायूसी वाला रहा है.

Rajasthan Budget 2021: राजस्थान की राजनीति में जादूगर कहे जाने वाले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) के बजट से इस बार अल्पसंख्यक समुदाय काफी नाराज है. यही नहीं, इस बार बजट स्‍पीच से मदरसा शब्द भी नदारद था.

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जयपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने आज तीसरी बार राजस्‍थान सरकार का बजट (Budget 2021-2022) विधानसभा में पेश किया है. हालांकि कोरोना वायरस की महामारी के बाद राजस्थान में जादूगर कहे जाने वाले गहलोत का बजट पिटारा इस बार अल्पसंख्यक समुदाय के लिए काफी मायूसी वाला रहा है. बुनियादी बिंदुओं को छोड़ इस बार अल्पसंख्यक समुदाय के लिए बजट में न कोई नई घोषणा की गई न ही पहले से जारी किसी योजना को मजबूती देने पर ध्यान दिया गया. बजट स्पीच से इस बार मदरसा (Madrasa)शब्द नदारद था. यही नहीं, न तालीम को बढ़ावा देने की बात और न अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कोई नया प्लान तैयार किया गया है.

बहरहाल, एमएसडीपी (MSDP) योजना के तहत पहले जारी कार्य बजट में रखे गए हैं, जिनमें 8 होस्टल, 3 रेजिडेंशियल स्कूल, 3 माइनॉरिटी गर्ल्स रेजिडेंशियल स्कूल और इतने ही बालक छात्रावास बनाए जाएंगे. इसके अलावा 17 स्वास्थ्य केंद भी बनाए जाएंगे. बजट से पहले उर्दू से लेकर मदरसा और तालीम से लेकर रोजगार तक कई मांगें अल्पसंख्यक समुदाय की ओर से सरकार को पहुंचाई गईं थीं. इस मामले में अल्पसंख्यक समुदाय के और अल्पसंख्यक मामलात विभाग के मंत्री से लेकर समाज के सभी विधायकों ने भी मांगें पहुंचाई, लेकिन इस बजट में मदरसा पैरा टीचर्स की मांगों पर कोई नतीजा सामने नहीं आया.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कही यह बात

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी बजट स्पीच में कहा कि राज्य के अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में अध्ययन की सुविधा के लिए आठ अल्पसंख्यक बालक छात्रावास भवनों का निर्माण ब्लॉक लक्ष्मणगढ़-अलवर, ब्लॉक रायसिंहनगर व अनूपगढ़ श्रीगंगानगर, ब्लॉक मसूदा-अजमेर, फतेहपुर- सीकर, चूरू, झुंझुनूं एवं टोंक में करवाया जायेगा. जबकि भणियाना ब्लॉक साकड़ा-जैसलमेर, ब्लॉक रामगढ़-अलवर एवं उदयपुर में 3 राजकीय आवासीय विद्यालयों की स्थापना की जाएगी, इस कम पर 62 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, सीकर, चौहटन-बाड़मेर व पहाड़ी (कामा)- भरतपुर में अल्पसंख्यक बालिका आवासीय विद्यालय खोला जाएगा. इसके अलावा जयपुर, जोधपुर एवं कोटा संभाग मुख्यालय पर अल्पसंख्यक बालक छात्रावास खोले जाएंगे. राज्य के अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए बाड़मेर में तीन और अलवर व भरतपुर जिले में एक-एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (PHC) के भवनों का निर्माण कराया जाएगा. इसके साथ ही अलवर में 10, अजमेर में 5 तथा जैसलमेर में 2 उप स्वास्थ्य केन्द्र के भवनों का निर्माण कराया जाएगा.
इस पूरी स्पीच में अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कोई नई योजना की बात नहीं कही गई. न वक्फ जायदादों की सुरक्षा और न कब्रिस्तान के विकास पर बात हुई. हज हाउस को भी इस बार बजट से दूर रखा गया. राजस्थान मुस्लिम फोरम, जमात ई इस्लामी हिन्द, राजस्थान मुस्लिम प्रोग्रेसिव फ्रंट, मदरसा शिक्षा सहयोगी संघ समेत कई संगठनों ने सरकार को 8 से 14 सूत्रीय मांगे भेजी थीं, लेकिन बजट में उसके अनुसार कुछ नजर नहीं आया है.
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