3 वरिष्ठ IPS को पीछे छोड़ एमएल लाठर बने राजस्थान के नए DGP, नियुक्ति के आदेश जारी

पुलिस महानिदेशक के लिए वरिष्ठता के आधार पर तीन आईपीएस अफसरों में नजदीकी मुकाबला हुआ. (सांकेतिक फोटो)
पुलिस महानिदेशक के लिए वरिष्ठता के आधार पर तीन आईपीएस अफसरों में नजदीकी मुकाबला हुआ. (सांकेतिक फोटो)

एमएल लाठर (ML Lather) मई 2021 में रिटायर होंगे. एमएल लाठर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर भी रह चुके हैं. उनको उल्लेखनीय सेवाओं के लिए 2016 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया गया था.

  • Share this:
जयपुर. DG क्राइम एमएल लाठर (ML Lather) राजस्थान के नए डीजीपी (DGP) होंगे. राज्य के कार्मिक विभाग ने देर रात लाठर के डीजीपी की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए. एमएल लाठर के पास ही डीजीपी का अतिरिक्त कार्यभार था. भूपेंद्र सिंह यादव (Bhupendra Singh Yadav) के आरपीएससी के चेयरमैन बनने के बाद नए डीजीपी के लिए रेस शुरू हो गई थी. वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव दासोत, बीएल सोनी और अक्षय मिश्रा डीजीपी की रेस में पिछड़ गए. 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी एमएल लाठर की पहचान एक न्यूट्रल अफसर की है. वैसे इनकी नियुक्ति के कयास तभी से लगाए जा रहे थे, जब जून 2019 में कपिल गर्ग (Kapil Garg) रिटायर हुए थे. लाठर को अब डीजीपी बना सरकार पॉलिटिकल मैसेज दिया है. एमएल लाठर मई 2021 में रिटायर होंगे. एमएल लाठर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर भी रह चुके हैं. लाठर को उल्लेखनीय सेवाओं के लिए 2016 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया गया था. लाठर 5 जिलों के एसपी रहे हैं. वह उदयपुर ,कोटा ग्रामीण, सिरोही ,धौलपुर और दौसा के एसपी रहे हैं.

बड़े जाट नेता के रिश्तेदार हैं लाठर
1987 बैच के एमएल लाठर राज्य के एक बड़े जाट नेता के नजदीकी रिश्तेदार हैं. बताया जाता है कि लाठर के जरिए कांग्रेस से छिटक चुके एक बड़े वर्ग को फिर से रिझाने की कवायद है. यूपीएससी ने तीन नामों का पैनल बंद लिफाफे में राज्य सरकार को भेजा था. पूर्व मुख्य सचिव राजीव स्वरूप यूपीएससी की बोर्ड मीटिंग में भाग लेने के लिए दिल्ली गए थे और अपने साथ पैनल भी लाए थे. पैनल में राजीव कुमार दासोत, बीएल सोनी और एमएल लाठर के नाम थे. मुख्यमंत्री ने एमएल लाठर के नाम को हरी झंडी दे दी.

तीन वरिष्ठ आइपीएस में था नजदीकी मुकाबला
पुलिस महानिदेशक के लिए वरिष्ठता के आधार पर तीन आईपीएस अफसरों में नजदीकी मुकाबला हुआ. इनमें 1987 बैच के राजीव दासोत, एम.एल लाठर, 1988 बैच के बी.एल.सोनी शामिल हैं. तीनों ही आईपीएस अफसरों को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विश्वस्त अफसरों में शुमार किया जाता है. राज्य की ब्यूरोक्रेसी में बदलाव की प्रक्रिया जारी है. नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के बाद राज्य सरकार ने पुलिस महकमे का मुखिया भी नियुक्त कर दिया है. दरअसल, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रशासनिक मशीनरी को चुस्त-दुरुस्त करना चाहते हैं, ताकि लोग कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन को मिले और प्रदेश की कानून व्यवस्था पटरी पर लौटे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज