राजस्थान: विधायक कोष की राशि 2.25 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ की, CM गहलोत ने दी मंजूरी, यूं की जायेगी खर्च

प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए दी जाने वाली 5 करोड़ की राशि में से इस बार 3 करोड़ रुपए 18 से 45 आयु वर्ग के लोगों के नि:शुल्क टीकाकरण के लिए दिए जाएंगे.

Amount of MLA fund increased in Rajasthan: विधायक कोष की राशि को 2.25 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है. इस बार कोविड-19 के हालात को देखते हुये इसे खर्च करने की रूपरेखा सरकार के स्तर पर ही तय कर दी गई है.

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जयपुर. प्रदेश में विधायक कोष (Legislative Fund) की राशि सवा दो करोड़ रुपए सालाना से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए कर दी गई है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने इसकी मंजूरी दे दी है. सीएम गहलोत ने राज्य बजट में विधायक कोष की राशि बढ़ाए जाने की घोषणा की थी. विधायक अब अपने क्षेत्र में 5 करोड़ रुपए सालाना के विकास कार्य करवा सकेंगे.

हालांकि कोविड के चलते उपजी परिस्थितियों में इस साल के लिए विशेष प्रावधान किया गया है. 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के नि:शुल्क टीकाकरण के लिए विधायक कोष से 600 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे. सीएम अशोक गहलोत ने सोमवार को इसकी भी मंजूरी दी है. प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए दी जाने वाली 5 करोड़ की राशि में से 3 करोड़ रुपए 18 से 45 आयु वर्ग के लोगों के नि:शुल्क टीकाकरण के लिए दिए जाएंगे. दो सौ विधायकों के हिसाब से 600 करोड़ की राशि राज्य स्तर से ही सीएम रिलीफ फण्ड के वैक्सीनेशन कोष अकाउंट में जमा करा दी जाएगी.

शेष राशि ऐसे होगी खर्च
5 करोड़ में से 3 करोड़ रुपए फ्री वैक्सीनेशन दिए जाने के बाद 2 करोड़ की राशि शेष बचेगी. इसमें से 1 करोड़ रुपए विधानसभा क्षेत्र में चिकित्सा से जुड़े आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के कार्यों में खर्च की जाएगी. विधायक उपकरण, भवन, आदर्श सीएचसी की स्थापना आदि के कार्यों के लिए राशि की अनुशंषा कर सकेंगे. वहीं 25 लाख की राशि कोविड महामारी के प्रसार को नियंत्रित करने के कार्यों पर खर्च की जा सकेगी. राज्य सरकार की ओर से लागू कर्फ्यू, लॉकडाउन, जनअनुशासन पखवाड़ा आदि के दौरान जरुरतमंद तबके को भोजन आदि के लिए भी यह राशि खर्च की जा सकेगी. यह राशि भी राज्य स्तर से ही मुख्यमंत्री सहायता कोष-कोविड 19 राहत कोष में जमा कराई जाएगी.

विकास कार्यों के लिए 75 लाख
इस प्रकार विधायक 5 करोड़ की राशि में से 75 लाख ही अपनी अनुशंसा के अनुसार विकास कार्यों पर खर्च कर सकेंगे. यह राशि स्थानीय विकास कार्यों के लिए उपयोग लाई जा सकेगी. गौरतलब है कि गहलोत सरकार ने 18 से 45 साल वर्ग के लोगों को फ्री वैक्सीनेशन की घोषणा की थी. प्रदेश में इस आयु वर्ग के करीब 4 करोड़ लोग हैं. राज्य सरकार इस वर्ग के निशुल्क टीकाकरण पर करीब ढाई हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी.