मोटर व्हीकल एक्ट: क्या आप नाबालिगों से जुड़ी इन बारिकियों को जानते हैं ? नहीं तो इसे जरूर पढ़ें

Sudhir sharma | News18 Rajasthan
Updated: August 22, 2019, 6:02 PM IST
मोटर व्हीकल एक्ट: क्या आप नाबालिगों से जुड़ी इन बारिकियों को जानते हैं ? नहीं तो इसे जरूर पढ़ें
तकनीक बदलने से प्रावधान हुए बेकार

आपका बच्चा 16 साल का हो गया. उसने अपने स्कूल और कोचिंग जाने के लिए आपसे दुपहिया वाहन (Two wheeler) लेने की जिद की. आपने दुपहिया वाहन दिला दिया और परिवहन विभाग (transport Department) से दुपहिया वाहन चलाने के लिए लाइसेंस भी बनवा दिया तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण (Extremely important) है.

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आपका बच्चा 16 साल का हो गया. उसने अपने स्कूल और कोचिंग जाने के लिए आपसे दुपहिया वाहन  (Two wheeler) लेने की जिद की. आपने दुपहिया वाहन दिला दिया और परिवहन विभाग (transport Department) से दुपहिया वाहन चलाने के लिए लाइसेंस भी बनवा दिया. इतना करके आप निश्चिंत हो गए. अगर आपने ऐसा किया है तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण (Extremely important)  है.

तकनीक में आया बदलाव और जानकारी का अभाव
वजह है समय के साथ तकनीक में आया बदलाव और जानकारी का अभाव. इस गलती को एक नहीं, बल्कि बहुत से अभिभावक कर रहे हैं. दरअसल मोटर व्हीकल एक्ट की धारा-4 के तहत जो अधिकार दिए गए हैं वह 16 से 18 साल तक के बच्चों को वाहन चलाने के लिए अधिकृत करता है. प्रादेशिक परिवहन अधिकारी राजेन्द्र कुमार वर्मा का कहना है कि एक्ट के हिसाब से 16 से 18 साल तक के बच्चों को 50 सीसी तक की क्षमता के इंजन वाले दुपहिया वाहन को चलाने का अधिकार दिया जाता है.

दो-तीन दशक पहले बनते थे 50 सीसी के वाहन

दिलचस्प पहलू यह है कि इस क्षमता के दुपहिया वाहन दो तीन दशक पहले तक बनाए जाते थे. वर्तमान में वाहन टेक्नोलॉजी में आए बदलाव के बाद से 50 सीसी के वाहन बनने बंद हो गए हैं. अब लगभग 100 सीसी या उससे ऊपर के दुपहिया वाहन बनाए जा रहे हैं. स्पीड का जमाना होने के कारण वाहन निर्माता कंपनियां उसी पर फोकस कर रही हैं. इसके चलते 50 सीसी के वाहन बनना बंद हो गए.

एक्ट का यह सेक्शन ही बेकार हो गया है
हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट डॉक्टर पीसी जैन ने बताया कि मोटर व्हीकल एक्ट-1939 की खामियों को दूर करते हुए मोटर व्हीकल एक्ट-1988 बना था. उसमें सेक्शन 3, 4, और 5 में परिवहन विभाग इस उम्र के बच्चों को केवल 50 सीसी चलाने की अनुमति देता है. लेकिन अब इस श्रेणी के वाहन नहीं बनने से यह सेक्शन बेकार हो गया है. परिवहन विभाग को इस तरह का लाइसेंस जारी ही नहीं करना चाहिए.
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नाबालिग को वाहन देने पर जुर्माना भी बढ़ाया दिया गया है
हाईकोर्ट के एडवोकेट शहनवाज खान के अनुसार नए संशोधन के मुताबिक नाबालिग को वाहन देने पर जुर्माना भी बढ़ा दिया गया है. नए कानून के मुताबिक 16 से 18 साल तक के बच्चों को 50 सीसी से ज्यादा का वाहन चलाने पर वे नाबालिग ही कहलाएंगे. नाबालिग वाहन चलाता पाया गया तो वाहन मालिक को दोषी माना जाएगा. नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय एक्ट- 2000 के तहत मुकदमा चलेगा वो अलग.

परिवहन मंत्री ने केन्द्रीय मंत्री को पत्र
न्यूज 18 के इस खुलासे के बाद अब राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर वर्तमान मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधान में बदलाव करने की मांग की है. ताकि 16 से 18 साल तक के बच्चों को दुपहिया वाहन चलाने का वैधानिक अधिकारी मिल सकें.

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First published: August 22, 2019, 4:33 PM IST
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