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राजस्थान में रोजगार योजनाओं का हाल, नहीं मिल रहा बैंकों से MSME लोन!

राजस्थान में रोजगार योजनाओं का हाल, नहीं मिल रहा बैंकों से MSME लोन!

प्रतिकात्मक तस्वीर.

प्रतिकात्मक तस्वीर.

सरकार की अनुमति और तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद पात्र उद्यमी बैंकों से लोन के लिए भटक रहे हैं. बैंकों के पास ऐसे हजारों लोगों की फेरहिस्त है जो MSME लोन की कतार में हैं लेकिन लोन नहीं मिल रहा.

    सरकार का काम विकास की योजनाएं बनाना है. इन योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सरकारी विभागों और सम्बन्धित संस्थाओं की है, लेकिन जब ये संस्थाएं लापरवाह हो जाती हैं तो सरकारी योजनाएं कागजों में सिमटी नजर आती हैं. और इनका लाभ जनता तक नहीं पहुंचता. प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार की रोजगार योजनाओं का यही हाल है. सरकार की अनुमति और तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद पात्र उद्यमी बैंकों से लोन के लिए भटक रहे हैं. बैंकों के पास ऐसे हजारों लोगों की फेरहिस्त है जो MSME लोन की कतार में हैं लेकिन लोन नहीं मिल रहा.

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    ये हैं जयपुर में चांदपोल निवासी सीमा मोदी. पति पान की दुकान पर कर्मचारी हैं. बच्चों की शिक्षा और घरेलू खर्च के लिए पति की कमाई कम पड़ती है तो सोचा खुद कुछ काम शुरू करे. पहले पापड़ बनाने का ट्रेनिंग ली और फिर बाजार तलाशा. बाजार से प्रोत्साहन मिला लेकिन पापड़ बनाने की मशीनों के लिए 5 लाख रुपए की जरूरत थी. मुख्यमंत्री भामाशाह रोजगार सृजन योजना में लोन के लिए आवेदन किया. सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद 12 दिसम्बर 2017 को जिला उद्योग केंद्र ने योजना का पात्र मानते हुए लोन की अनुमति दे दी. सरकार की अनुमति के बावजूद सीमा करीब सवा साल से कागजों का पुलिंदा लेकर भारतीय स्टेट बैंक के चक्कर काट रही है, लेकिन लोन नहीं मिल रहा है.

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    2017 में लोन के लिए अर्जी लगाई थी. दो साल हो गए हैं, बैंक ने जो भी दस्तावेज मांगे, मैंने उपलब्ध करा दिए. लेकिन अभी तक लोन नहीं मिल पाया है.
    सीमा मोदी, कुटीर उद्यमी


    Msme Loan
    चांदपोल निवासी सीमा मोदी.


    ये केवल सीमा की समस्या नहीं है. जयपुर जिले में ही सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए करीब 3 हजार से ज्यादा आवेदन जिला उद्योग केंद्रों की स्वीकृति के बावजूद अटके हुए हैं. बैंकों का कहना है कि लोग कागजी औपचारिकता पूरी नहीं कर पाते, इसलिए लोन अटक जाते हैं.
    विजय रंजन, सीजीएम, एसबीआई


    जिला उद्योग केंद्रों पर सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही लोन के लिए पात्रता को सरकार की ओर से स्वीकृति मिलती है. फिर भी बैंक लोन नहीं देते. पिछले दिनों केंद्रीय सचिव वी श्रीनिवास के दौरे पर भी यह समस्या उजागर हुई तो उन्होंने कलक्टर को मॉनिटरिंग के निर्देश दिए थे.


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    केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री रोजगार योजना, मुद्रा योजना, प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराने के लिए बेहतरीन योजनाएं हैं, लेकिन इनके क्रियान्वयन की जिनके पास जिम्मेदारी है, खासतौर से बैंकों का रवैया बेहद नकारात्मक है. इसलिए इन योजनाओं का लाभ इनके पात्र उद्यमियों को नहीं मिल पा रहा.

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    Tags: Bank Loan, Business loan, Jaipur news, Loan offers, Rajasthan news, SBI loan

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