Jaipur: नगर निगम चुनाव और BJP के जमीनी हालात, मजबूती का दावा, लेकिन आशंका यह भी...

बीजेपी का मानना है कि पार्टी को इन चुनावों में मोदी सरकार की परफॉर्मेंस का फायदा मिलेगा.
बीजेपी का मानना है कि पार्टी को इन चुनावों में मोदी सरकार की परफॉर्मेंस का फायदा मिलेगा.

Municipal Corporation elections: इन चुनावों को लेकर बीजेपी आश्वस्त होकर चल रही है. बीजेपी के मानना है कि शहरी वोटर उसका कोर वोटर (Core voter) है. वह इन चुनावों में पार्टी का साथ देगा.

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जयपुर. इस माह के अंत में होने वाले प्रदेश के जयपुर, जोधपुर और कोटा के 6 नगर निगमों के चुनाव (Municipal Corporation elections) को लेकर बीजेपी आश्वस्त नजर आ रही है. इसके पीछे कई कारण गिनाये जा रहे हैं. केवल शहरी क्षेत्र में ही चुनाव के कारण उसका मानना है कि यह वोटर उसके पक्ष में ही वोट करेगा. वहीं उसका मानना है कि वर्तमान में जो हालात कांग्रेस (Congress) के हैं वे उसके लिये बेहद फायदेमंद हैं. यह बात दीगर है कि जीत के आधार माने जाने वाले कारणों में विकास की बात ही कहीं नहीं है. सबकुछ राजनीति में उपजे हालात की बदौलत है.

कांग्रेस की गुटबाजी और आपसी कलह का फायदा उठाने की जुगत
बीजेपी के जानकारों का कहना है कि शहरी क्षेत्र में पहले से ही पार्टी की पकड़ काफी मजबूत है. पार्टी का संगठनात्मक ढांचा मजबूत और वार्ड इकाई प्रतिद्वंदी पार्टी के मुकाबले मजबूत है. पार्टी के प्रभारी, विस्तारक और पन्ना प्रमुख भी सक्रिय मोड पर हैं. पार्टी को इन चुनावों में मोदी सरकार की परफॉर्मेंस का फायदा मिलेगा. वहीं कांग्रेस की एंटी इनकम्बेंसी, गुटबाजी और आपसी कलह का फायदा भी उसे मिलना लगभग तय हैं. पार्टी में प्रदेश अध्यक्ष काफी सक्रिय हैं. संगठन मंत्री की पैनी नजर और कार्यकर्ताओं से निरंतर संवाद चुनाव के काफी अनुकूल हैं. प्रदेश और जिलों के संगठन की नई टीम को अपनी परफॉर्मेंस दिखाने का मौका मिलेगा. लिहाजा लगभग सभी कुछ पार्टी के फेवर में है.

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यह आशंका खाये जा रही है पार्टी को


हालांकि ऐसा नहीं है कि पार्टी सबकुछ ही अपने फेवर में ही मानकर चल रही है. उसे भी अंदर ही अंदर कुछ बातों को लेकर अंदेशा है. पार्टी सूत्र मान रहे हैं कि वसुंधरा गट की ईमानदारी से ही वह सभी 6 नगर निगमों पर कब्जा कर सकती है. अन्यथा उसे घाटा हो सकता है. हालांकि पार्टी नेता खुलकर इस पर बोलने के लिये तैयार नहीं है, लेकिन वे दबे स्वर से पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी से इनकार भी नहीं कर रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि अगर सबकुछ ठीकठाक नहीं रहा तो पार्टी को राजधानी जयपुर में एक निगम से ही संतोष करना पड़ सकता है. लेकिन पांचों अन्य निगमों में पार्टी मजबूत है.
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