नगर निगम चुनाव: जयपुर में 2-2 वार्डों में बीजेपी और कांग्रेस नामांकन ही नहीं कर पाई

कांग्रेस में कई बागियों को राजनीतिक नियुक्तियों का लॉलीपॉप दिया जा रहा है.
कांग्रेस में कई बागियों को राजनीतिक नियुक्तियों का लॉलीपॉप दिया जा रहा है.

Municipal Corporation elections: नामांकन का दौर पूरा होने के बाद अब बीजेपी और कांग्रेस (BJP and Congress) बागियों तथा नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने में जुट गई है.

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जयपुर. नगर निगम चुनाव (Municipal Corporation elections) में नामांकन के अंतिम दौर में सोमवार को टिकटों के लिये मची आपाधापी में कांग्रेस और बीजेपी जयपुर में दो-दो वार्डों में नामांकन (Nomination ) ही नहीं भर पाई है. दोनों ही पार्टियां इन वार्डों के लिये विचार विमर्श में डूबी है. वहीं टिकट नहीं मिलने से नाराज चल रहे कार्यकर्ताओं और बागी प्रत्याशियों (Rebel candidates) की मान मनौव्वल का दौर भी शुरू हो गया. 22 अक्टूबर तक नाम वापस लिये जा सकते हैं. लिहाजा दोनों पार्टियों के नेता आज से डेमेज कंट्रोल में जुट गये हैं.

कांग्रेस खेमे से सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि बागियों को मनाया जाएगा. जिन्होंने टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर नामांकन कर दिया उन्हें पार्टी मनाएगी. भविष्य में उनके लिए पार्टी क्या कर सकती है यह भी आश्वासन दिया जा रहा है. जोशी ने कहा कि हवामहल क्षेत्र में सबसे कम बागी हैं. फिर भी हवामहल हो या अन्य जगह जो कार्यकर्ता नाराज हैं उन्हें मनाया जायेगा.

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जिस नेता का समर्थक वही मनाये
कांग्रेस में विधायकों और हारे हुये विधायक उम्मीदवारों को बागियों और नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने का जिम्मा दिया गया है. जो बागी जिस नेता का समर्थक है उस नेता को ही उसे मनाने की जिम्मेदारी दी गई है. कांग्रेस में जयपुर में परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास और मुख्य सचेतक महेश जोशी बागियों को मनाने के लिये सक्रिय हो गये हैं. कई बागियों को राजनीतिक नियुक्तियों का लॉलीपॉप दिया जा रहा है.

बीजेपी को लगाना पड़ेगा ऐड़ी से चोटी का जोर
वहीं बीजेपी ने बागियों को मनाने के लिये अपने नेताओं का जिम्मेदारी दे दी है. बीजेपी खेमे में भी बगावत का झंडा बुलंद है. पार्टी नेता अपने-अपने समर्थकों को मनाने में जुटे हैं. चूंकि अभी बीजेपी विपक्ष में है, लिहाजा उसे कार्यकर्ताओं को मनाने के लिये ऐड़ी से चोटी तक का जोर लगाना पड़ेगा. क्योंकि उसके पास राजनीतिक नियुक्ति या फिर अन्य किसी सरकारी लाभ देने का फिलहाल कोई साधन नहीं है.
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