नगर निगम चुनाव: आखिरी घड़ी तक बदले गये प्रत्याशी, भागदौड़ और ऊहापोह की स्थिति, पढ़ें कहां क्या हुआ

दोनों ही पार्टियों में बगावत के सुर सनाई दे रहे हैं. यह दीगर बात है कि दोनों पार्टियां कितना डेमेज कंट्राेल कर पाती है.
दोनों ही पार्टियों में बगावत के सुर सनाई दे रहे हैं. यह दीगर बात है कि दोनों पार्टियां कितना डेमेज कंट्राेल कर पाती है.

Municipal Corporation Elections: चुनाव के लिये नामांकन का कार्य पूरा होने तक बीजेपी और कांग्रेस में सिंबल को लेकर उठापटक मची रही.

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जयपुर. जोधपुर, जयपुर और कोटा के 6 नगर निगमों के चुनाव (Municipal Corporation Elections) के लिये नामांकन का कार्य तो सोमवार को दोपहर में पूरा हो गया, लेकिन हार और बगावत के डर के चलते बीजेपी और कांग्रेस (BJP and Congress) दोनों में ऐनवक्त तक सिंबल को लेकर उठापटक चलती रही. दोनों ही पार्टियों में हार और बगावत समेत कई अन्य कारणों से ऐनवक्त तक टिकट रद्द किये गये और हाथोंहाथ दूसरे प्रत्याशियों को थमाये गये. ऐसे हालात में कार्यकर्ताओं में नाराजगी कम होने की बजाय और ज्यादा बढ़ गई. हालांकि दोनों प्रमुख पार्टियों के दावे हैं कि कही कोई गफलत नहीं हुई है. दोनों ने टिकट वितरण पर संतोष जताते हुये अपनी-अपनी जीत के दावे (Win claims) किये हैं.

बीजेपी ने आखिरी पलों में बदले कई प्रत्याशी
बीजेपी ने विभिन्न कारणों के चलते जयपुर हेरिटेज में वार्ड संख्या 60,74 और 25 में पार्टी प्रत्याशी बदल दिये. वहीं जयपुर ग्रेटर में 7 प्रत्याशी बदले गये हैं. यहां वार्ड 14, 30, 31, 42, 56, 111 और 147 में प्रत्याशी बदले गये हैं. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया का कहना है कि पार्टी से जुड़े लोगों से चर्चा करके ही टिकट तय किये गये हैं. पूनिया ने सभी छह नगर निगम में जीत का भरोसा जताया है. कई जगह पार्टी के मापदंड से परे टिकट देने के मामले में पूनिया ने कहा कि परिस्थितियां देखकर ही फैसला लिया गया है. पार्टी की जरूरत के हिसाब से कुछ जगह बदलाव किया गया है. वहीं जयपुर में लंबे समय तक पार्टी के सांसद रहे गिरधारीलाल भार्गव के पुत्र ने बगावत कर दी है. सांसद पुत्र मनोज भार्गव ने हेरिटेज निगम के वार्ड 58 से निर्दलीय पर्चा भरा है.

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महेश जोशी ने कहा कि कांग्रेस में बीजेपी की तरह असन्तोष नहीं है


दूसरी तरफ कांग्रेस में दोपहर तक प्रत्याशियों की सूची जारी करने का सिलसिला चलता रहा. कोटा, जयपुर और जोधपुर में दोपहर में सूचियां जारी की गई. इनमें कई वार्डों में अंतिम वक्त पर भी प्रत्याशी बदले गये. इससे नाराजगी का दायरा बढ़ गया. राज्य सरकार के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि कांग्रेस में बीजेपी की तरह असन्तोष नहीं है. हमने नामांकन दाखिल करने के बाद सूची जारी करने का फैसला किया. देरी से सूची जारी करने का फैसला रणनीति का हिस्सा था. कई बार टिकट मिलने के बाद भी नामांकन दाखिल नहीं हो पाते. इसलिए हमने नामांकन दाखिल करने के बाद उम्मीदवारों की सूची जारी करने का फैसला किया. टिकट देने में मापदण्डों का ध्यान रखा है. निष्ठावान, समर्पित, जिताऊ और गैर आपराधिक पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है. जिन समाजों को प्रतिनिधित्व नहीं मिला है उन्हें संगठन और सरकार में आगे प्रतिनिधित्व दिया जाएगा.
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