नगर निगम चुनाव: प्रचार के लिये सीएम गहलोत ने प्रत्याशियों से की अपील, कोरोना गाइडलाइन का करें पालन

सीएम ने कहा कि समय की मांग को देखते हुये वर्चुअल माध्यम से भी चुनाव प्रचार किया जा सकता है.
सीएम ने कहा कि समय की मांग को देखते हुये वर्चुअल माध्यम से भी चुनाव प्रचार किया जा सकता है.

Municipal Corporation elections: सीएम अशोक गहलोत ने प्रत्याशियों से अपील की है कि वे प्रचार के दौरान कोरोना गाइडलाइन (Corona Guideline) की पालना करें.

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जयपुर. राजधानी जयपुर सहित जोधपुर और कोटा के 6 नगर निगमों के चुनाव (Municipal Corporation elections) के प्रचार को लेकर सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने प्रत्याशियों से अपील की है. सीएम गहलोत ने कहा है कि प्रत्याशी चुनाव प्रचार के दौरान विशेष सतर्कता बरतें. वे कोरोना गाइडलाइन (Corona Guideline) की पालना करें ताकि लोगों की जान खतरे में ना पड़े. सीएम ने कहा कि जयपुर, जोधपुर और कोटा सहित 11 जिलों में पहले से धारा 144 लागू है. 5 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है. वहीं राज्य निर्वाचन आयोग ने भी कोरोना गाइड लाइन जारी की है.

सीएम ने कहा है कि चुनाव प्रचार के दौरान किसी भी रूप में भीड़ नहीं जुटने दे. उम्मीदवार प्रचार के दौरान एक व्यक्ति से ज्यादा किसी को साथ नहीं रखें. समय की मांग को देखते हुये वर्चुअल माध्यम से चुनाव प्रचार किया जा सकता है. सब मास्क लगाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें.

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सरकार नगर निगम के चुनाव टलवाना चाह रही थी
राज्य सरकार पहले कोरोना के खतरे को देखते हुये नगर निगम के चुनाव टलवाना चाह रही थी. इसके लिये सरकार ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन उसे इस मामले में राहत नहीं मिल सकी. राज्य सरकार का तर्क था कि जिन तीन शहरों में ये चुनाव होने हैं वे ही प्रदेश में कोरोना से सर्वाधिक संक्रमित हैं. लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. नगर निगम चुनाव के लिये हुए नामांकन में प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने सोशल डिस्टेसिंग के नियमों की धज्जियां उड़ाकर रख दी.





9 दिन बाद मतदान होगा
अब 9 दिन बाद नगर निगमों के चुनाव के लिये मतदान होना है. उससे पहले प्रत्याशियों के पास चुनाव प्रचार का समय है. कोरोना संक्रमण को देखते हुये सीएम अशोक गहलोत ने प्रत्याशियों से अपील की है कि वे कोराना गाइडलाइन की पालना करें. उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों प्रदेश में पंचायत चुनाव भी हुये थे. उन चुनावों में भी प्रत्याशियों और मतदाताओं ने सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाई थी.
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