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राजे सरकार को लगा बड़ा झटका, लाइमस्टोन ब्लॉक्स की नीलामी अटकी

वसुंधरा राजे. फाइल फोटो.

वसुंधरा राजे. फाइल फोटो.

नई माइनिंग पॉलिसी आने के बाद राजस्थान में पहले लाइमस्टोन ब्लॉक्स का आवंटन अटक गया है. 26 सितम्बर को नागौर 3DI ब्लॉक्स की नीलामी के लिए ऑनलाइन बोली लगाई गई थी.

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नई माइनिंग पॉलिसी आने के बाद राजस्थान में पहले लाइमस्टोन ब्लॉक्स का आवंटन अटक गया है. 26 सितम्बर को नागौर 3DI ब्लॉक्स की नीलामी के लिए ऑनलाइन बोली लगाई गई थी.

357 हेक्टेयर के इस सीमेंट ब्लॉक्स के लिए गुजरात की अंबुजा सीमेंट लिमिटेड कंपनी ने रिजर्व प्राइस से 41 फीसदी ऊंची बोली लगाकर ब्लॉक्स हासिल किया था. लाइमस्टोन ब्लॉक्स की ई-नीलामी में अंबुजा सीमेंट लिमिटेड गुजरात, अडानी सीमेंटेशन लिमिटेड गुजरात और जिंदल ग्रुप की जेएसडब्ल्यू सीमेंट लिमिटेड मुंबई मैदान में थी.

जिंदल ग्रुप की जेएसडब्ल्यू सीमेंट लिमिटेड मुंबई ने ऑनलाइन बोली में तकनीकी खामी के आधार पर जोधपुर हाईकोर्ट से स्टे लिया है. प्रदेश में लाइमस्टोन ब्लॉक्स की नीलामी अटकने से राज्य सरकार को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है.



दरअसल, नई माइनिंग पॉलिसी आने के बाद प्रदेश में लंबे समय से अटके पड़े सीमेंट ब्लॉक्स की नीलामी का रास्ता खुल गया था. पारदर्शिता के लिए प्रदेश में पहली बार सीमेंट ब्लॉक्स के लिए ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गई. 26 सितम्बर को नागौर 3DI ब्लॉक्स की ई-नीलामी के लिए ऑनलाइन बोली लगाई गई.
357 हेक्टेयर के इस सीमेंट ब्लॉक्स के लिए गुजरात की अंबुजा सीमेंट लिमिटेड कंपनी ने रिजर्व प्राइस से 41 फीसदी ऊंची बोली लगाकर ब्लॉक्स हासिल किया, लेकिन जिंदल ग्रुप की जेएसडब्ल्यू सीमेंट लिमिटेड मुंबई ने ऑनलाइन बोली में तकनीकी खामी को लेकर विभाग में शिकायत की.

कंपनी की ओर से की गई शिकायत की जांच करने के बाद खनिज विभाग ने ऑनलाइन बोली में किसी भी तरह की तकनीकी खामी से इनकार करते हुए खारिज कर दिया और अंबुजा सीमेंट को लाइनस्टोन ब्लॉक्स के आंवटन की प्रक्रिया शुरू कर दी.

खनिज विभाग की ओर से अंबुजा सीमेंट लिमिटेड गुजरात को ब्लॉक्स का आवंटन करने से पहले ही जिंदल ग्रुप की जेएसडब्ल्यू सीमेंट लिमिटेड मुंबई ने ऑनलाइन बोली में तकनीकी खामी के आधार पर जोधपुर हाईकोर्ट से से आवंटन पर स्टे ले लिया. लाइनस्टोन के पहले ही ब्लॉक्स का आवंटन अटक जाने से राज्य सरकार को बड़ा झटका लगा है.

दरअसल, नागौर के अकेले हरीमा-पीथासर 3डी-1 ब्लॉक्स की नीलामी से राज्य सरकार को आने वाले वर्षों में करीब साढ़े 5 हजार करोड़ से ज्यादा का राजस्व मिलने की उम्मीद थी, लेकिन ब्लॉक्स का आवंटन विवादों में आने से फिलहाल राज्य सरकार को मोटा राजस्व मिलने की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है.

उल्लेखनीय है कि ब्लॉक्स की नीलामी में जिंदल ग्रुप की जेएसडब्ल्यू सीमेंट लिमिटेड कंपनी मुंबई दूसरे नंबर और ब्लॉक्स आवंटन में सबसे ज्यादा चर्चाओं में रही अडानी सीमेंटेशन लिमिटेड गुजरात तीसरे नंबर पर रही थी. खान विभाग की ओर से पिछले दिनों लाइमस्टोन के चार बड़े ब्लॉक के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसमें तीन बड़े ब्लॉक नागौर और एक चित्तौड़गढ़ जिले का शामिल है.

विभाग की ओर से चित्तौड़गढ़ के सिंदवाड़ी-रामखेड़ा-सतखंडा ब्लॉक्स, नागौर के हरीमा-पीथासर 3डी-1 ब्लॉक, नागौर के हरीमा-पीथासर 3डी-2 ब्लॉक और नागौर के सरसनी 3डी-2 ब्लॉक के लिए टेक्निकल बिड़ खोल ली है, लेकिन नागौर के हरीमा-पीथासर 3डी-1 ब्लॉक के विवादों में आ जाने से दो नागौर और एक चित्तौड़गढ़ के लाइमस्टोन ब्लॉक्स की ऑनलाइन नीलामी पर भी देरी से बादल मंडराने लगे हैं.
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