नागौर लोकसभा क्षेत्र- यहां नैया पार लगाने के लिए बीजेपी ने हनुमान को बनाया है खेवैया

आजादी के बाद से ही प्रदेश में जाट राजनीति का केन्द्र बिन्दु रहे नागौर की सियासत इस बार कुछ अलग ढंग से चाल चल रही है. देश में पंचायती राज व्यवस्था की शुरूआत का गौरव हासिल करने वाले नागौर लोकसभा क्षेत्र में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प है.

Sandeep Rathore | News18 Rajasthan
Updated: May 13, 2019, 7:02 PM IST
नागौर लोकसभा क्षेत्र- यहां नैया पार लगाने के लिए बीजेपी ने हनुमान को बनाया है खेवैया
हनुमान बेनीवाल। फाइल फोटो।
Sandeep Rathore
Sandeep Rathore | News18 Rajasthan
Updated: May 13, 2019, 7:02 PM IST
आजादी के बाद से ही प्रदेश में जाट राजनीति का केन्द्र बिन्दु रहे नागौर की सियासत इस बार कुछ अलग ढंग से चाल चल रही है. देश में पंचायती राज व्यवस्था की शुरूआत का गौरव हासिल करने वाले नागौर लोकसभा क्षेत्र में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प है. किसी समय कांग्रेस का गढ़ रहे नागौर में अब बीजेपी घुसपैठ कर चुकी है. इस बार यहां के सियासी समीकरण काफी उलझे हुए हैं.

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जाट बाहुल्य नागौर लोकसभा क्षेत्र में मिर्धा परिवार के राजनीतिक वर्चस्व को कोई नकार नहीं सकता. मिर्धा परिवार के नाथूराम मिर्धा प्रदेश में कांग्रेस के मजबूत स्तंभ रहे हैं. नाथूराम मिर्धा यहां से छह बार सांसद रहे. आज उसी परिवार की तीसरी पीढ़ी अब अपनी राजनीतिक परंपरा को निभा रही है. इस बार यहां चुनावी मुकाबला मिर्धा परिवार की तीसरी पीढ़ी यानी नाथूराम मिर्धा की पौत्री डॉ. ज्योति मिर्धा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल के बीच है.

डॉ. ज्योति मिर्धा। फाइल फोटो।


बीजेपी ने बेनीवाल पर जताया है भरोसा
यहां बीजेपी ने अपनी सीट को बरकरार रखने और कांग्रेस को पटखनी देने के लिए क्षेत्र में बड़ी तेजी से दिग्गज जाट नेता के रूप में स्थापित होते जा रहे हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से हाथ मिलाया है. इसके लिए बीजेपी ने यहां अपने मौजूदा सांसद केन्द्रीय राज्यमंत्री सीआर चौधरी का टिकट काटकर बेनीवाल पर भरोसा जताया है. गत लोकसभा चुनाव में बीजेपी के सीआर चौधरी ने 4,14,791 मत प्राप्त किए थे. उन्होंने कांग्रेस की डॉ. ज्योति मिर्धा को 75,218 मतों से हराया था. ज्योति मिर्धा को 3,39,573 मत मिले थे. वहीं उस चुनाव में निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे हनुमान बेनीवाल को महज 1,59,980 मत मिले थे. लेकिन बदले राजनीतिक समीकरणों में अपनी नैया पार लगाने के लिए बीजेपी ने बेनीवाल को अपना खेवैया बनाया है.

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लोकसभा चुनाव के लिए यहीं पर हुआ है गठबंधन
प्रदेश में यही एकमात्र वह पार्टी है जिससे बीजेपी का लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन हुआ है. यहां राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी एनडीए के घटक के रूप में चुनाव मैदान में डटी है और उसके प्रत्याशी हैं हनुमान बेनीवाल. बेनीवाल जिले की खींवसर विधानसभा क्षेत्र से इस बार लगातार तीसरी बार विधायक जीते हैं. वहीं डॉ. ज्योति मिर्धा पूर्व में क्षेत्र का लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर चुकी है.

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ये विधानसभा क्षेत्र हैं शामिल
नागौर जिले में कुल 10 विधानसभा सीटे हैं. इनमें से 8 सामान्य वर्ग के लिए हैं, जबकि 2 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं. पहले नागौर लोकसभा क्षेत्र में सभी 10 सीटें आती थी, लेकिन बाद में हुए परिसीमन में इसके दो विधानसभा क्षेत्र मेड़ता और डेगाना को नवगठित राजसमंद लोकसभा क्षेत्र में शामिल कर दिया गया था. अब नागौर में आठ विधानसभा क्षेत्र आते हैं. इनमें नागौर, लाडनूं, डीडवाना, जायल, खींवसर, मकराना, परबतसर और नावां विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं.

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मुद्दे गौण पार्टी और प्रत्याशी की व्यक्तिगत छवि ज्यादा हावी
नागौर लोकसभा क्षेत्र में कुल 19,24,567 मतदाता हैं. इनमें से 10,00,581 पुरुष और 9,23,978 महिला मतदाता हैं. इनके अलावा 8 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं. क्षेत्र में स्थानीय मुद्दों के बजाय पार्टी और प्रत्याशी की व्यक्तिगत छवि ज्यादा हावी हैं. क्षेत्र में इस बार 62.15 फीसदी मतदान हुआ है.

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First published: May 13, 2019, 6:53 PM IST
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