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Rajasthan: कॉलेज में प्रवेश की नई नीति जारी, अब पर्सेंटाइल नहीं प्राप्तांक के आधार पर होगा दाखिला

Rajasthan: कॉलेज में प्रवेश की नई नीति जारी, अब पर्सेंटाइल नहीं प्राप्तांक के आधार पर होगा दाखिला

पर्सेंटाइल फॉर्मूले के कारण राजस्थान बोर्ड और सीबीएसई बोर्ड के छात्रों के बीच बड़ा अंतर देखा जा रहा था. (प्रतीकात्मक फोटो)

पर्सेंटाइल फॉर्मूले के कारण राजस्थान बोर्ड और सीबीएसई बोर्ड के छात्रों के बीच बड़ा अंतर देखा जा रहा था. (प्रतीकात्मक फोटो)

प्रदेश के कॉलेजों में अब सीबीएसई स्टूडेंट्स (CBSE Students) को दाखिले में पर्सेंटाइल फॉर्मूले (Percentile formula) के कारण पिछड़ना नहीं पड़ेगा. गुरुवार को जारी की गई प्रवेश नीति में इसे बदल दिया गया है.

जयपुर. प्रदेश के कॉलेजों में अब सीबीएसई स्टूडेंट्स (CBSE Students) को दाखिले में पर्सेंटाइल फॉर्मूले (Percentile formula) के कारण पिछड़ना नहीं पड़ेगा. गुरुवार को जारी की गई प्रवेश नीति में इसे बदल दिया गया है. नई प्रवेश नीति (New admission policy) के अनुसार अब पर्सेंटाइल फॉर्मूले के बजाय प्राप्तांक के आधार पर दाखिले की मैरिट तैयार की जाएगी. नई प्रवेश नीति में इसके अलावा भी कई बदलाव किए गए हैं. इसमें विभिन्न वर्गों के स्टूडेंट्स को कई तरह की रियायतें दी गई हैं. प्रवेश नीति आयुक्तालय की वेबसाइट पर जारी कर दी गई है.

पर्सेंटाइल फॉर्मूला बीजेपी सरकार के शासन में लाया गया था
दरअसल पर्सेंटाइल फॉर्मूले के कारण राजस्थान बोर्ड और सीबीएसई बोर्ड के छात्रों के बीच बड़ा अंतर देखा जा रहा था. सीबीएसई स्टूडेंट्स लंबे समय से इसमें बदलाव की मांग कर रहे थे. पर्सेंटाइल फॉर्मूला बीजेपी सरकार के शासन में लाया गया था. उस दौरान राजस्थान बोर्ड के स्टूडेंट्स प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में एडमिशन पाने से वंचित हो रहे थे. इसके पीछे शिक्षाविदों ने तर्क दिया था कि आरबीएसई की तुलना में सीबीएसई की मार्किंग व्यवस्था लचीली है. इसलिए राजस्थान बोर्ड के छात्र ज्यादा अंक प्राप्त नहीं कर पाते. तब उन्हें बराबरी लाने के लिए इस पर्सेंटाइल फार्मूले को आजमाया गया था. लेकिन इसका नुकसान सीबीएसई छात्रों को उठाना पड़ा और उनकी संख्या लगातार कम होती जा रही थी.

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यह होगा नई प्रवेश नीति में
केन्द्र और राज्य सरकार की कोविड-19 एडवाइजरी के मद्देनजर राज्य सरकार ने स्टूडेंट्स के हित में सत्र 2020-21 से प्रवेश में पर्सेंटाइल को हटाकर प्राप्तांक प्रतिशत के आधार पर प्रवेश दिये जाने का निर्णय किया है. राज्य के सभी राजकीय कॉलेजों में यूजी फर्स्ट ईयर और पीजी प्रीवियस में ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा प्रवेश कार्य होगा. जबकि यूजी भाग द्वितीय तृतीय और पीजी फाइनल कक्षाओं में एकीकृत प्रवेश प्रक्रिया रहेगी.

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ये अहम बदलाव भी किए
उच्च शिक्षा से वंचित मूक बधिर और दृष्टि बाधित स्टूडेंट्स को सत्र 2020-21 से योग्यता परीक्षा पास करने के नियमों में राज्य सरकार ने शिथिलता देते हुए किसी भी अकादमिक सत्र में प्रवेश के लिए अंतराल संबंधी नियमों को पूरी तरह निरस्त कर दिया है. महिला नामांकन को प्रोत्साहित करने के लिए सह-शिक्षा महाविद्यालयों में महिला अभ्यर्थी को 3 प्रतिशत बोनस दिये जाने के साथ-साथ अंतराल संबंधी नियमों में छूट देने का प्रावधान भी किया गया है. ताकि उच्च शिक्षा की इच्छुक ज्यादा आयु वाली महिला अभ्यर्थियों को नियमित उच्च शिक्षण के अवसर प्राप्त हो सके.

ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को मिली यह छूट
ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को ससम्मान उच्च शिक्षण संस्थाओं में केवल सह-शिक्षा महाविद्यालयों में प्रवेश मिले इसके लिए उन्हें न्यूनतम उत्तीर्णांक पर प्रवेश दिया जायेगा. सत्र 2020-21 से ऑनलाइन ई-कनेक्ट द्वारा ऑनलाइन अध्यापन का कार्य किया जाएगा. कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय ने प्रवेश नीति में सभी नियम कायदों स्पष्ट कर दिया है.

Tags: Education, Education news, Jaipur news, Rajasthan News Update

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