Rajasthan: BJP में असंतोष खत्म करने का नया फॉर्मूला, अब कोई भी विधायक लगा सकेगा स्थगन प्रस्ताव

विधायकों ने स्थगन प्रस्ताव लगाने की प्रक्रिया पर गहरा असंतोष जताया और इसमें पक्षपात के आरोप लगाए. (सांकेतिक फोटो)

विधायकों ने स्थगन प्रस्ताव लगाने की प्रक्रिया पर गहरा असंतोष जताया और इसमें पक्षपात के आरोप लगाए. (सांकेतिक फोटो)

राजस्थान बीजेपी (Rajasthan BJP) में असंतोष के स्वरों को कम करने के लिये नया फॉर्मूला लाया गया है. इसके तहत अब पार्टी का कोई भी विधायक स्थगन प्रस्ताव (Adjournment motion) लगा सकेगा. बस उसे इसकी जानकारी नेता प्रतिपक्ष को देनी होगी.

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हरीश मलिक

जयपुर. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) ने भले ही अपने शक्ति प्रदर्शन को भक्ति प्रदर्शन का नाम दे दिया हो, लेकिन उनके समर्थित विधायकों में असंतोष (Dissatisfaction) थमने का नाम नहीं ले रहा है. बीजेपी (BJP) विधायक दल की बैठक में एक बार फिर चिठ्ठी बम के मजमून ने सिर उठाया है. विधायकों ने कहा कि सदन में कुछ विधायक को दस-दस बार स्थगन प्रस्ताव पर बोल चुके हैं और कुछ का अभी तक नंबर ही नहीं आया है. इस पर नेता प्रतिपक्ष ने गुलाबचंद कटारिया ने बीच का रास्ता निकालते हुए व्यवस्था दी कि अब कोई भी विधायक स्थगन प्रस्ताव (Adjournment motion) लगा सकते हैं. बस उससे पहले इसकी एक कॉपी नेता प्रतिपक्ष को जानकारी के लिए दी जाए.

पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के दौरे से पहले फूटे चिठ्ठी बम में भी मुख्य रूप से स्थगन प्रस्ताव लगाने में पक्षपात का मुद्दा उठाया गया था. नड्डा ने 'एकला चलो' के बजाए पार्टी को एकजुटता का मंत्र दिया था. इसके बाद वसुंधरा राजे ने अपने जन्मदिन पर गोवर्धन में धार्मिक देवदर्शन यात्रा तो निकाली, लेकिन उन्होंने इसे शक्ति-प्रदर्शन के बजाए भक्ति प्रदर्शन का नाम दिया. पार्टी सूत्रों के मुताबिक उनके कथित भक्ति प्रदर्शन में जिन विधायकों, सांसदों और पूर्व मंत्रियों ने भाग लिया उसकी सूची आलाकमान को भेजी गई है.

सदन में आपसी खींचतान कम नहीं हो पा रही है
इधर बीजेपी विधायकों में सदन में आपसी खींचतान कम नहीं हो पा रही है. विधायक दल की बैठक में स्थगन प्रस्तावों को लेकर गहमा-गहमी हो गई. पूर्व मंत्री वासुदेव देवनानी ने स्थगन प्रस्तावों का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि कई विधायक तो दस-दस बार स्थगन प्रस्ताव पर बोल चुके हैं और कई को एक बार भी बोलने का मौका नहीं मिला है. विधायकों ने स्थगन प्रस्ताव लगाने की प्रक्रिया पर गहरा असंतोष जताया और इसमें पक्षपात के आरोप लगाए. पार्टी में नाराजगी कम करने के लिए तय किया गया कि स्थगन प्रस्ताव लगाने के लिए कोई भी जाए, लेकिन इसकी एक कॉपी नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया को दी जाएगी. इससे यह पता रहेगा कि किस-किस विधायक ने स्थगन प्रस्ताव लगाया है.

सदन में मांगी गई माफी पर भी ऐतराज

सूत्रों के मुताबिक बैठक में देवनानी ने उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ की ओर से सदन में मांगी गई माफी पर भी ऐतराज जताया. उन्होंने तर्क दिया कि सदन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का ही मामला उठाया गया था और इसमें उनकी कोई गलती भी नहीं थी. नेता प्रतिपक्ष कटारिया ने कहा कि विधायकों की समस्याओं को दूर करने के लिए सचेतक बना दिया गया है. अब आगे से किसी को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए.



चार विधायकों से लिये दो हजार

विधायक दल की बैठक में देरी से आने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है. चार विधायकों के देरी से आने के कारण प्रत्येक से पांच-पांच सौ रुपए वसूले गए. बैठक में देरी से आने वाले विधायकों में रामलाल शर्मा, संतोष बावरी, पुष्पेंद्र सिह राणावत आदि शामिल हैं.
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