कोरोना का झटका: जयपुर में नाइट टूरिज्म बंद, आमेर किले में लाइट एंड साउंड शो पर 30 अप्रैल तक रोक

जयपुर में कोरोना का झटका लगा है, यहां पर नाइट टूरिज्म और आमेर किले में लाइट एंड साउंड शो बंद कर दिया गया है.

जयपुर में कोरोना का झटका लगा है, यहां पर नाइट टूरिज्म और आमेर किले में लाइट एंड साउंड शो बंद कर दिया गया है.

नई कोविड गाइडलाइंस के राजधानी के स्मारकों में पर्यटन का टाइम टेबल एक बार फिर से बदल गया है. बढ़ते कोविड केसेज की वजह से राजधानी में सभी स्मारकों में अब नाइट टूरिज़्म पूरी तरह से बन्द कर दिया गया है.

  • Last Updated: April 10, 2021, 6:55 PM IST
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जयपुर. नई कोविड गाइडलाइंस के राजधानी के स्मारकों में पर्यटन का टाइम टेबल एक बार फिर से बदल गया है. बढ़ते कोविड केसेज (Covid Cases) की वजह से राजधानी में सभी स्मारकों में अब नाइट टूरिज़्म पूरी तरह से बन्द कर दिया गया है. साथ आमेर के किले का लाइट एंड साउंड शो (Light and Sound Show) पर भी 30 अप्रैल तक के लिए रोक लगा दी गई है.

एक ओर कोरोना के लगातार बढ़ते मामले हैं, दूसरी ओर दम तोड़ता पर्यटन. इस बार जनवरी के बाद से ही पर्यटन फिर से संभलने लगा था. आमेर महल में रोजाना आने वाले पर्यटकों की तादाद 6 हजार तक पहुंच गयी थी, लेकिन उस दौरान कोरोना के मामले भी काफी घट गए थे. मौसम में आई गर्मी के बाद एक ओर कोरोना बेलगाम हुआ तो फिर से इसका झटका सबसे पहले पर्यटन को झेलना पड़ा है.

पहली कोविड गाइडलाइंस के बाद के नाइट टूरिज़्म को 9 बजे से पहले तक ही समेट दिया गया था. अब उसे शाम 7 बजे तक सीमित कर दिया गया है. पहले आमेर लाइट एंड साउंड के दो शो शुरू किए गए, लेकिन केसेज बढ़े तो एक शो रोक कर एक ही शो दिखाया गया, अब दूसरा शो भी 30 अप्रैल तक के लिए रोक दिया गया है. राजस्थान में सितंबर से मार्च तक पर्यटन सीज़न होता है. अप्रैल में तेज गर्मी की वजह से पर्यटक घट जाते ह. रात में गर्मी कम होती है. इसी लिए नाईट टूरिज़्म और लाइट एंड साउंड शो गर्मी के मौसम में ज़्यादा पसन्द किये जाते थे. लेकिन अब नई गाइडलाइंस में आमेर, नाहरगढ़, अल्बर्ट हॉल में पर्यटन का समय आगामी गाइडलाइंस तक रात 10 बजे तक करने के बजाए शाम 7 तक कर दिया गया है.
कोरोना के चलते पर्यटकों की संख्या में कमी आई 

आमेर महल समेत राजधानी के सभी स्मारकों में दिन के समय में वैसे ही पर्यटकों की आमद में काफी कमी आ चुकी है. पिछले तीन दिन में आमेर महल में पर्यटकों का आंकड़ा एक हज़ार के नीचे ही सिमटा हुआ है. टिकट से महल की रोजाना की आमदनी भी 62 से 74 हज़ार रुपये हुई है. ऐसे में स्मारकों को नाईट टूरिज्म से काफी उम्मीद थी. लेकिन नई गाइडलाइंस में उस उम्मीद पर भी पानी फिर गया. कोरोना की मजबूरी है, लोगों की जान बचाना सरकार का पहला फ़र्ज़ है.
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