• Home
  • »
  • News
  • »
  • rajasthan
  • »
  • Rajasthan News: बारिश के अभाव में खाली होने लगा बीसलपुर बांध, पेयजल की कटौती शुरू

Rajasthan News: बारिश के अभाव में खाली होने लगा बीसलपुर बांध, पेयजल की कटौती शुरू

बीसलपुर बांध के कैचमेंट ​एरिया में औसत बारिश भी नहीं हुई

बीसलपुर बांध के कैचमेंट ​एरिया में औसत बारिश भी नहीं हुई

Bisalpur dam news : राजधानी जयपुर सहित टोंक, अजमेर, भीलवाड़ा और दौसा जिलों की करीब एक करोड़ जनता की प्यास बुझाने वाले बीसलपुर बांध में पानी की मौजूदा स्थिति चिंताजनक हो गई है. इससे पीने के पानी की सप्लाई प्रभावित होने लग गई है.

  • Share this:

जयपुर. आधा दर्जन जिलों की करीब एक करोड़ की आबादी की प्यास बुझाने वाले बीसलपुर बांध (Bisalpur dam) में पानी की किल्लत शुरू हो गई है. आधा मानसून गुजर जाने के बाद भी बीसलपुर बांध में जमा पानी का खजाना लगातार जैसे जैसे कम हो रहा है वैसे वैसे जलदाय विभाग (PHED) के अधिकारियों की नींद उड़ रही है. दरअसल, जिन क्षेत्रों में बारिश से बीसलपुर बांध में पानी आता है इस बार उन जिलों में अभी तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है. राजधानी जयपुर सहित टोंक, अजमेर, भीलवाड़ा, दौसा जिलों की करीब एक करोड़ जनता की प्यास बुझाने वाले बीसलपुर बांध में पानी की मौजूदा स्थिति चिंताजनक हो गई है. आधा मानसून गुजर गया लेकिन बांध में पिछले साल की तुलना में दस फीसदी पानी भी नहीं पहुंचा है.

प्रदेशभर में पिछले साल आधा मानसून गुजर जाने पर यहां औसतन 170 एमएम बारिश दर्ज की गई थी. लेकिन बारिश की बेरुखी के कारण इस बार मात्र 40 एमएम बारिश दर्ज की गई है. बीसलपुर बांध में पिछले साल वर्तमान स्थिति से सौ फीसदी पानी ज्यादा था. लेकिन इस बार मात्र 23 फीसदी पानी ही शेष रह गया है. इस 23 फीसदी पानी में से बांध से सिर्फ 10 फीसदी पानी को ही पीने के उपयोग में लिया जा सकता है.

आधा दर्जन जिलों में तीस फीसदी कटौती
आधा मानसून गुजर जाने के बावजूद बारिश न होने के कारण बांध से आधा दर्जन जिलों की आबादी की सप्लाई में तीस फीसदी तक की कटौती शुरू कर दी गई है. अजमेर में बीसलपुर योजना से पानी सप्लाई में कटौती करते हुए तीन दिन से बढ़ाकर कर पांच दिन कर दी गई है. राजधानी जयपुर के घनी आबादी वाले इलाकों में तीस फीसदी तक कटौती शुरू हो गई है. जलदाय विभाग के अनुसार बीसलपुर बांध से दो महीने तो आसानी से पानी सप्लाई किया जा सकता है लेकिन यदि बारिश ऐसी ही रूठी रही तो पानी की सप्लाई प्रभावित हो सकती है.

कैचमेंट एरिया में औसत बारिश भी नहीं
बीसलपुर बांध परियोजना में PHED के अधीक्षण अभियंता शुभांशु दीक्षित के मुताबिक बांध को भरने के लिए आधा दर्जन से ज्यादा जिलों में अच्छी बारिश की जरूरत है. बांध को भरने वाला कैटमेंट एरिया राजसमंद, भीलवाड़ा, अजमेर, टोंक सहित कई जिलों में फैला है. इन सभी जिलों में आधा मानसून गुजर जाने के बाद भी औसत बारिश नहीं हुई है. इस कारण बांध के कैटमेंट एरिया में पानी ही जमा नहीं हो सका है.

पानी की कमी के चलते पेयजल में कटौती
बांध के कैचमेंट एरिया में लबालब पानी भरने के बाद बांध तक पानी पहुंचता है. फिलहाल कैचमेंट एरिया के इलाकों में औसत बारिश का मात्र पच्चीस फीसदी बारिश ही दर्ज की गई है. बांध में पानी की कमी के कारण पिछले साल ही कृषि के लिए पानी की सप्लाई को पूरी तरह से बंद कर दिया था. अब बारिश नहीं होने पर पेयजल में कटौती शुरू कर दी गई है. बांध से पेयजल में कटौती का अनुपात पानी की क्षमता के अनुसार घटना बढ़ना तय हो गया है.

इंजीनियर्स की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान
बहरहाल, बीसलपुर बांध से पानी की सप्लाई के मामले में इंजीनियर्स की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं. दो साल पहले बांध के लबालब भरने पर भारी मात्रा में पानी को बहा दिया गया. बांध से सप्लाई होने वाली पानी में लीकेज के कारण हर साल चालीस फीसदी बर्बाद हो जाता है. बांध के अतिरिक्त पानी को जमा करने की व्यवस्था नहीं होने के कारण बार बार पानी की किल्लत शुरू हो जाती है. अब जलदाय विभाग के इंजीनियर्स पानी कटौती वाले इलाकों में करोड़ों रुपए के नए ट्यूबवैल खोदकर जनता को पानी सप्लाई की योजना तैयार कर रहे हैं.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज