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2016 में भारतीय रेलवे के नाम रहीं कई उपब्धियां, अब इन पर करना होगा फोकस

2016 में भारतीय रेलवे के नाम रहीं कई उपब्धियां, अब इन पर करना होगा फोकस

डेमो पिक.

डेमो पिक.

वर्ष 2016 का शनिवार को अंतिम दिन है और रविवार से नया साल शुरू होगा. उत्तर-पश्चिम रेलवे के लिए यह साल कई उपलब्धियों से भरा रहा है.

वर्ष 2016 का शनिवार को अंतिम दिन है और रविवार से नया साल शुरू होगा. उत्तर-पश्चिम रेलवे के लिए यह साल कई उपलब्धियों से भरा रहा है. विकास कार्यों की दिशा में उत्तर-पश्चिम रेलवे ने कई प्रोजेक्ट्स इस साल पूरे किए. हालांकि कई अभी भी बाकी हैं.

उत्तर-पश्चिम रेलवे ने वर्ष 2016 में नई रेल लाइन डालने, रेल लाइनों के दोहरीकरण, मीटर गेज से ब्रॉडगेज में आमान परिवर्तन जैसे कई कार्य तो शुरू किए ही, लेकिन इस बार खास फोकस ग्रीन इनीशिएटिव्स पर रहा है.

सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने, विंड एनर्जी के इंस्ट्रूमेंट लगाने और वेस्ट प्रोडक्ट्स को उपयोग में लेने के लिए रेलवे प्रशासन ने कई नए प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं.

ये हुआ जयपुर जंक्शन पर काम
जयपुर जंक्शन पर इस बार उत्तर-पश्चिम रेलवे ने पैसेंजर इन्फॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम को काफी मजबूत किया है. बिल्डिंग के प्रवेश द्वार, जनरल वेटिंग हॉल, सभी प्लेटफार्म, फर्स्ट एसी, सेकंड एसी, थर्ड एसी के वेटिंग हॉल और स्लीपर वेटिंग हॉल में नए एलईडी इन्फॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम लगाए गए हैं. जयपुर जंक्शन पर एग्जिक्यूटिव क्लास के यात्रियों के लिए नया वेटिंग हॉल बनाया गया. शिशुओं को स्तनपान कराने के लिए बेबी फीडिंग रूम और दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए बेहतर वेटिंग हॉल बनाए गए. जयपुर जंक्शन पर इस साल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाया गया है. यहां 500 किलोग्राम प्रति दिन सॉलिड वेस्ट से गैस बनाई जाती है. इस गैस से रेलवे प्रशासन रनिंग स्टाफ के लिए खाना बनाने का काम कर रहा है. जयपुर के अर्जुन नगर अंडरपास का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है.

विद्युतीकरण की दिशा में बढ़ा रेलवे
उत्तर-पश्चिम रेलवे ने इस वर्ष रेल लाइन विद्युतीकरण की दिशा में अलवर से रेवाड़ी का कार्य पूरा कर लिया है. अब दिल्ली से रींगस का विद्युतीकरण कार्य प्रगति पर है. जोधपुर जंक्शन और भिवानी स्टेशन पर यार्ड की रिमॉडलिंग का कार्य भी पूरा कर लिया गया है. इसके अलावा केशवगंज-मोरीबेरा सेक्शन (21.38 किमी) का काम भी पूरा हो चुका है.

इस साल रहेंगी कही चुनौतियां
अब इस साल रेलवे के सामने कई चुनौतियां रहेंगी. एक तरफ स्टेशनों और ट्रेनों के अंदर सफाई का स्तर सुधारने की चुनौती रहेगी. साथ ही नई शुरू की गई जयपुर से सीकर रेल लाइन का आमान परिवर्तन करने, मावली से बड़ी सादड़ी लाइन का आमान परिवर्तन पूरा करने और अजमेर से टोंक होकर सवाईमाधोपुर तक नई रेल लाइन डालने जैसे कार्य पूरे करने होंगे.

ये रही खास उपलब्धियां
1. समय पर चली रेलगाड़ियां.

- 95.4 फीसदी रही ट्रेनों की पंक्चुअलिटी
- उत्तर-पश्चिम रेलवे देश के 16 जोन में से रहा टॉप 3 में.

2. सौर ऊर्जा से बिजली बनाने पर खास फोकस

- कोच की छत पर सोलर पैनल के साथ पहली डेमू ट्रेन चलाई.
- 1 लाख वाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाया जोधपुर में.
- 500 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाया जयपुर में.

3. रिसाईकिलिंग पर जोर
- 0.5 एमएलडी क्षमता का वाटर रिसाईकिल प्लांट लगाया गया.
- कोच की धुलाई के पानी का नए सिरे से हो रहा उपयोग.
- विभिन्न ट्रेनों के 664 कोच में लगाए गए बायोटॉयलेट.

4. स्टेशनों पर वाई-फाई सुविधा
- जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर स्टेशनों पर वाई-फाई सुविधा.
- अब ए और बी ग्रेड स्टेशनों पर शुरू होगी वाई-फाई सुविधा.

5. दुर्घटनाएं कम करने के प्रयास
- 99 अनमैन्ड लेवल क्रॉसिंग गेट हटाए गए पूरे वर्ष में.
- इनकी जगह पर बनाए गए अंडरपास या ओवरब्रिज.
- एनडब्ल्यू में इस साल 77 फीसदी कम हुए ट्रेन एक्सीडेंट्स.
- 2015 में हुए 13 एक्सीडेंट, केवल 3 हुए इस साल.

Tags: Indian railway, Jaipur news

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