उत्तर पश्चिम रेलवे- जयपुर जंक्शन अभी तक नहीं आ पाया पूरी तरह से 'फंक्शन' में

जयपुर. 65 करोड़ खर्च हो जाने के बावजूद भी जयपुर जंक्शन (Jaipur Junction) अभी भी पूरी तरह से फंक्शन (fully function) में नहीं आ पाया है. हालांकि यहां यार्ड रि-मॉडलिंग (yard re-modeling work) का काम पूरा हो जाने के बाद अब 30-40 फीसदी ट्रेनें ( Trains) फिर से पटरियों पर दौड़ने लगी हैं, लेकिन आधी से ज्यादा रेल सेवाओं का शुरू होना अभी बाकी है.

Asif Khan | News18 Rajasthan
Updated: September 3, 2019, 4:26 PM IST
उत्तर पश्चिम रेलवे- जयपुर जंक्शन अभी तक नहीं आ पाया पूरी तरह से 'फंक्शन' में
उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) के मुताबिक जयपुर जंक्शन पर यार्ड रि-मॉडलिंग का काम पूरा हो चुका है. उसके बाद हाल ही में सेंट्रल सेफ्टी कमिश्नर ने जयपुर जंक्शन का दौरा किया था. उनके दौरे के बाद कुछ रेल सेवाओं का बहाल कर दिया गया है.फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।
Asif Khan | News18 Rajasthan
Updated: September 3, 2019, 4:26 PM IST
जयपुर. 65 करोड़ खर्च हो जाने के बावजूद भी जयपुर जंक्शन (Jaipur Junction) अभी भी पूरी तरह से फंक्शन (fully function) में नहीं आ पाया है. हालांकि यहां यार्ड रि-मॉडलिंग (yard re-modeling work) का काम पूरा हो जाने के बाद अब 30-40 फीसदी ट्रेनें ( Trains) फिर से पटरियों पर दौड़ने लगी हैं, लेकिन आधी से ज्यादा रेल सेवाओं का शुरू होना अभी बाकी है. वहीं रींगस रेल मार्ग (Rengus Rail Track) को खुलने में अभी थोड़ा वक्त लगेगा. यह वक्त कितना लगेगा इसका जवाब रेलवे प्रशासन (Railway administration) के पास भी नहीं है.

रींगस रेलमार्ग पर रेल चलने में अभी वक़्त लगेगा
उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) के मुताबिक जयपुर जंक्शन पर यार्ड रि-मॉडलिंग का काम पूरा हो चुका है. उसके बाद हाल ही में सेंट्रल सेफ्टी कमिश्नर ने जयपुर जंक्शन का दौरा किया था. उनके दौरे के बाद कुछ रेल सेवाओं का बहाल कर दिया गया है, लेकिन अभी कुछ रेल सेवाओं का शुरू होना बाकी है. NWR के सीपीआरओ के मुताबिक रींगस रेलमार्ग पर रेल चलने में अभी वक़्त लगेगा. ये मार्ग अभी तक ढेहर के बालाजी तक खोला गया है.

प्रतिदिन औसतन 200 ट्रेनें चलती हैं

यार्ड रि-मॉडलिंग के कार्य के चलते ज्यादातर ट्रेनें 15 से 25 अगस्त तक कैसिंल की गई थी. उसके बाद अब लंबी दूरी की रेल सेवाएं शुरू कर दी गई है. जयपुर जंक्शन से साप्ताहिक, द्विसाप्ताहिक, त्रिसाप्ताहिक और नियमित ट्रेनों को मिलाकर प्रतिदिन औसतन 200 ट्रेनें चलती हैं.

दो नए प्लेटफॉर्म बनकर तैयार हुए तैयार
यार्ड रि-मॉडलिंग के कार्य के बाद अब जयपुर जंक्शन पर दो नए प्लेटफॉर्म बनकर तैयार हो गए हैं. पहले 5 प्लेटफॉर्म के जरिए यातायात का संचालन होता था अब ये 7 के जरिए होगा. ये दोनों नए ट्रैक जयपुर जंक्शन से गांधीनगर रेलवे स्टेशन तक बनाए गए हैं. ताकि दोनों स्टेशन को इसका लाभ मिल सके. फिलहाल एक बार गाड़ियां जयपुर जंक्शन से फिर पटरी पर दौड़ पड़ी हैं. लेकिन डीआरएम की हाल ही में हुई प्रेस कॉफ्रेंस के मुताबिक आगे जल्द ही NWR के तहत बड़े प्रोजेक्ट्स शुरू होने जा रहे हैं. ये प्रोजेक्ट्स यार्ड-रि-मॉडलिंग से भी बड़े होंगे.
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First published: September 3, 2019, 4:21 PM IST
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