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Rajasthan : गेहूं वितरण में लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज, 18 बीएलओ को नोटिस

गरीबों के बीच अन्न के बंटवारे में बीएलओ बरत रहे थे लापरवाही. (सांकेतिक तस्वीर)

गरीबों के बीच अन्न के बंटवारे में बीएलओ बरत रहे थे लापरवाही. (सांकेतिक तस्वीर)

नॉन एनएफएसए व्यक्तियों की संख्या लगभग 43 लाख है, जिन्हें हम राशन उपलब्ध करा रहे हैं. गेहूं का उठाव भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से किया जा रहा है. दो सरकारी कर्मचारियों की मौजूदगी में गेहूंं बंट रहा है और एसएमएस कर लाभार्थियों को राशन की दुकान पर बुलाया जा रहा है.

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जयपुर. राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) एक ओर कोरोना लॉकडाउन (Lockdown) से उपजे हालात में गरीबों को गेहूं-दाल उपलब्ध कराने में जुटी है, वहीं बीएलओ (BLO) सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना पर पानी फेरने में जुटे हैं. सरकार ने गैर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में चयनित विशेष श्रैणी के पात्र लोगों गेहूं और चना दाल बांटना शुरू किया, तो कर्मचारी इसमें रोड़ा अटका रहे हैं. खासतौर से बीएलओ राशन दुकानों का निरीक्षण तक नहीं करने जा रहे हैं. शनिवार को ऐसे ही 18 बीएलओ को जयपुर शहर के जिला रसद अधिकारी कनिष्क सैनी ने नोटिस थमाये हैं, अब इनके खिलाफ आपदा प्रबन्धन अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी.

दो माह का राशन और चना दाल का हो रहा वितरण

प्रदेश में नॉन एनएफएसए, प्रवासी एवं विशेष श्रेणी के परिवारों को गहलोत सरकार प्रति व्यक्ति दस किलोग्राम गेहूं और दो किलो चने की दाल प्रति परिवार उपलब्ध करा रही है. सरकार ने उचित मूल्य की दुकानों पर ही पात्र लोगों के लिए आधार और जनआधार अपडेशन और लाभार्थी पंजीयन का काम भी शुरू किया है. इस काम का जिम्मा बीएलओ को दिया हुआ है. मगर जयपुर शहर के कई लापरवाह बीएलओ इस काम में कोताही बरत रहे हैं. ऐसे ही बीएलओ के खिलाफ आज नोटिस जारी किया गया है.

12 जून से चल रहा है वितरण

गरीबों के चेहरे खिले कोविड-19 महामारी के कारण लॉकडाउन अवधि में प्रदेश में विभिन्न व्यवसायों में दैनिक रूप से कार्य करने वाले लोग और अस्थाई रूप से बेरोजगार हुए 37 विशेष श्रेणी के लोगों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने ये योजना शुरू की थी. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश चन्द मीना ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान कामधंधे ठप्प होने से प्रभावित लोगों की मदद के लिए राज्य सरकार ने कामगार परिवारों की 37 कैटेगरी निर्धारित की और अब उन्हें गेहूं के साथ-साथ चने की दाल वितरित की जा रही है. सर्वे के आधार पर प्रदेश में विशेष श्रेणी के नॉन एनएफएसए व्यक्तियों की संख्या लगभग 43 लाख है, जिन्हें हम राशन उपलब्ध करा रहे हैं. गेहूं का उठाव भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से किया जा रहा है. दो सरकारी कर्मचारियों की मौजूदगी में गेहूंं बंट रहा है और एसएमएस कर लाभार्थियों को राशन की दुकान पर बुलाया जा रहा है.

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