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जयपुर: कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई की अजमेर हाई सिक्युरिटी जेल में निकाली हेकड़ी, हुआ परेशान

लॉरेंस विश्नोई को जिस बैरक में रखा गया है उसमें लाइट भी नहीं है.
लॉरेंस विश्नोई को जिस बैरक में रखा गया है उसमें लाइट भी नहीं है.

राजस्थान समेत पंजाब और हरियाणा में आंतक के पर्याय बन चुके कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई (Gangster Lawrence Vishnoi) पर इस बार जेल प्रशासन ने तगड़ा शिकंजा कस दिया है. बताया जा रहा है इस बार अजमेर हाई सिक्युरिटी जेल (Ajmer High Security Jail) में लॉरेंस की सारी हेकड़ी निकाल दी गई है.

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जयपुर. सलाखों के पीछे से गैंग चलाने वाले कुख्यात बदमाशों (Notorious crooks) के खिलाफ सख्ती शुरू हो गई है. पिछले कुछ दिनों में करीब एक दर्जन हार्डकोर बदमाशों की जेलें बदल दी गई हैं. इनमें सबसे चर्चित कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई (Gangster Lawrence Vishnoi) की अजमेर हाई सिक्युरिटी जेल में शिफ्टिंग की गई है. खास बात यह है कि यहां करीब 25 दिनों में ही लॉरेंस की हेकड़ी निकली गई है.

पंजाब-हरियाणा और राजस्थान में आंतक का पर्याय बन चुके कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई से कभी पुलिस भी खौफ खाती थी. वह इतना बेखौफ था कि उसने कोर्ट परिसर में पुलिस की जकड़ में होने के बावजूद सरे आम फिल्म स्टार सलमान खान को जान से मारने की धमकी तक दे डाली थी. लॉरेंस जब जेल के बाहर होता है तो वह हत्या, लूट और रंगदारी से आंतक फैलाता है. जब वह जेल में होता है तो वहीं से अपनी गैंग चलाता है.

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मोबाइल पर किसी को भी धमकी देना जिसका पुराना शगल है


सलाखों के पीछे से मोबाइल पर किसी को भी धमकी देना जिसका पुराना शगल है. वहीं जेल में भी तमाम सुविधाएं रखना उसके लिए आम है. उसी लॉरेंस विश्नोई के इन दिनों दिनमान खराब आ गए हैं. पिछले महीने ही लॉरेंस विश्नोई को भरतपुर से अजमेर की हाई सिक्युरिटी जेल में शिफ्ट किया गया है. वहां इस बार लॉरेंस विश्नोई का पक्का ताबिज कर दिया गया है।. अब तक तमाम जेलों में ऐशों आराम से रहने वाले लॉरेंस विश्नोई की अब पूरी हेकड़ी निकाल दी गई है.

जेल में पूरी तरह से आइसोलेट करके रखा गया है
डीजी जेल राजीव दासोत के अनुसार लॉरेंस विश्नोई को अजमेर की हाई सिक्युरिटी जेल में पूरी तरह से आइसोलेट करके रखा गया है. जिस बैरक में लॉरेंस विश्नोई को रखा गया है उस बैरक में दूसरा कोई बंदी नहीं है. इतना ही नहीं लॉरेंस के बैरक के आसपास के चार-पांच बैरक में भी किसी बंदी को नहीं रखा गया है. ताकि लॉरेंस किसी से संपर्क ना कर पाए. यहीं नहीं लॉरेंस विश्नोई को जिस बैरक में रखा गया है उसमें लाइट भी नहीं है. साथ ही जेल नियमों का उससे सख्ती से पालन कराया जा रहा है.

10 हार्डकोर बंदियों की जेल बदल दी गई
जेल में मोबाइल नहीं होने,अपने गुर्गो से नहीं मिल पाने से और कोई सुविधा नहीं मिलने के कारण बताया जा रहा है कि अब लॉरेंस विश्नोई फ्रस्टेड हो गया है. हालांकि ऐसा नहीं है कि जेल में सिर्फ लॉरेंस के साथ सख्ती की जा रही है अन्य कैदियों के साथ भी जेल प्रशासन सख्ती से ही पेश आ रहा है. पिछले दिनों प्रदेश की अलग अलग जेलों में बंद 10 हार्डकोर बंदियों की जेल बदल दी गई थी. देखें किस कैदी को कहा शिफ्ट किया गया है.

बंदी कहां से कहां शिफ्ट
अमन अली - कोटा से अजमेर जेल
मोहम्मद हुसैन - कोटा से अजमेर जेल
धनराज - प्रतापगढ़ से दौसा जेल
मनोहरलाल - प्रतापगढ़ से दौसा जेल
इमरान खान ऊर्फ मोगली - जयपुर से अजमेर जेल
रिंकू - अलवर से जोधपुर जेल
रोहित गोदारा 9 बीकानेर से अजमेर जेल
सरफराज - बारां से उदयपुर जेल
अकरम उर्फ गिट्टा - बारां से अजमेर जेल

लॉरेंस भरतपुर जेल से गैंग चला रहा था
लॉरेंस विश्नोई को हाई सिक्युरिटी जेल में रखने और अन्य बंदियों की जेल शिफ्टिंग को लेकर एडीजी जेल मालिनी अग्रवाल ने कहा इस सख्ती का स्पष्ट संदेश है कि हार्डकोर बंदी जेल में रहकर किसी भी अवांछनीय गतिविधियों में शामिल ना हो पाए. उल्लेखनीय है कि भरतपुर जेल से लॉरेंस विश्नोई द्वारा गैंग चलाने की लगातार सूचनाएं मिल रही थी. इसके अलावा लॉरेंस के खिलाफ पंजाब-हरियाणा और राजस्थान में भी हत्या, लूट और रंगदारी समेत धमकी देने के कई मामले चल रहे हैं.
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