अब इलाज कराने से पहले बताना होगा धर्म, SMS मेडिकल कॉलेज ने दिए ये तर्क

राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले मरीजों को अब पहले अपना धर्म बताना जरूरी होगा. इलाज से पहले धर्म बताने की पांबदी पर छिड़े विवाद के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अपने तर्क दिए हैं.

Sachin Sharma | News18 Rajasthan
Updated: July 28, 2019, 11:27 AM IST
अब इलाज कराने से पहले बताना होगा धर्म, SMS मेडिकल कॉलेज ने दिए ये तर्क
सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज। फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।
Sachin Sharma | News18 Rajasthan
Updated: July 28, 2019, 11:27 AM IST
राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले मरीजों को अब पहले अपना धर्म बताना जरूरी होगा. एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इसके लिए नया नियम बनाया है. इसके तहत मरीजों को रजिस्ट्रेशन के समय अपना धर्म बताना जरूरी होगा. इलाज से पहले धर्म बताने की पांबदी पर छिड़े विवाद के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अपने तर्क दिए हैं.

मकसद बीमारियों का डेटाबेस तैयार करना है
इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि मरीजों का धर्म पूछने के पीछे मकसद जनसंख्या विशेष में बीमारियों के बारे में पता लगाकर उसका डेटाबेस तैयार करना है, ताकि बीमारियों का ट्रेंड देखकर इलाज की पुख्ता प्लानिंग की जा सके. एसएमएस अस्पताल में यह व्यवस्था करीब सात पहले लागू कर दी गई थी. अब इसे मेडिकल कॉलेज से अन्य सम्बद्ध अस्पतालों में लागू किए जाने की तैयारी है.

मेडिकल के छात्रों की पढ़ाई में सहायक होगा

एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. डीएस मीणा ने बताया कि इसके पीछे मकसद यह है कि इस तरह के रजिस्ट्रेशन से यह पता चल सके कि एक आबादी विशेष में मीट खाने से कौनसी बीमारी ज्यादा होती है और शाकाहारी लोगों में किस तरह की बीमारी आम है. उसके बाद उस पर रिसर्च किया जाएगा जो मेडिकल के छात्रों की पढ़ाई में सहायक होगा. उन्होंने कहा कि जैसे की हिंदुओं में कुछ कैंसर आम हैं, जबकि मुस्लिम में ऑर्थराइटिस की समस्या बहुत कॉमन है. इसके अलावा मुस्लिम महिलाओं में विटमिन- डी की कमी पाई जाती है.

धर्म पूछा जाना सिर्फ एक प्रोटोकॉल है
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भंडारी ने कहा कि रजिस्ट्रेशन के समय मरीजों का धर्म पूछा जाना सिर्फ एक प्रोटोकॉल है. डॉ भंडारी का कहना है कि अस्पतालों में आने वाले रोगियों का पूरा विवरण पंजीकृत नहीं किया जा रहा है. एसएमएस अस्पताल ने अब प्री-ओपीडी फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. मरीजों को रजिस्ट्रेशन से पहले इस फॉर्म में सभी विवरणों को भरना जरूरी है. एसएमएस मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अन्य अस्पतालों में भी पंजीकरण की यह नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है. अन्य विवरणों में पता, संपर्क नंबर, आधार या भामाशाह कार्ड नंबर शामिल हैं.
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First published: July 28, 2019, 11:06 AM IST
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