किसानों पर कुदरत की मार, अब तापमान ने बढ़ाई चिंता !

ओलावृष्टि के बाद अब अचानक बढ़ा हुआ तापमान किसानों की मुसीबत बढ़ा रहा है. राजस्थान में दिन का तापमान 30 से 35 डिग्री के आसपास पहुंच गया है जिसके चलते गेहूं का उत्पादन 15 से 20 फीसदी तक कम होने की आशंका है.

Dinesh Sharma | ETV Rajasthan
Updated: March 14, 2018, 1:28 PM IST
किसानों पर कुदरत की मार, अब तापमान ने बढ़ाई चिंता !
बढ़ते तापमान ने बढ़ाई किसानों की चिंता. Photo:etv/news18
Dinesh Sharma | ETV Rajasthan
Updated: March 14, 2018, 1:28 PM IST
प्रदेश के किसानों पर कुदरत की मार जारी है. ओलावृष्टि के बाद अब अचानक बढ़ा हुआ तापमान किसानों की मुसीबत बढ़ा रहा है. राजस्थान में दिन का तापमान करीब 34 से 35 डिग्री के आसपास पहुंच गया है जिसके चलते गेहूं का उत्पादन 15 से 20 फीसदी तक कम होने की आशंकाएं पैदा हो गई हैं. कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि तापमान ज्यादा होने से गेहूं का दाना सिकुड़ रहा है जिसके चलते उत्पादन में कमी आएगी.

किसानों का कहना है कि गेहूं के सिकुड़े हुए दाने को बाजार में बेचने पर खरीददार नहीं मिलते हैं. ओलावृष्टि से पहले हमारी लगभग आधी फसल खराब हो चुकी है जिसका मुआवजा भी सरकार ने अभी तक नहीं दिया है. ऐसे में अब बढ़ते तापमान ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है. कृषि वैज्ञानिक होशियार सिंह ने बताया कि 15 मार्च से पहले तापमान 30 डिग्री को पार करना गेहूं की फसल के लिए नुकसानदेह होता है. प्रदेश में इस बार 108 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन का अनुमान लगाया गया था लेकिन तापमान बढ़ने से यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाएगा.

कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक जो किसान गेहूं की तापरोधी किस्मों की खेती कर रहे हैं वो इससे अप्रभावित रहेंगे लेकिन ऐसे किसानों की संख्या केवल 30 फीसदी ही है. कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी का कहना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से इस तरह की समस्याएं पैदा हो रही हैं और इससे निपटने के लिये विभिन्न स्तरों पर प्रयास करने होंगे.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर