Rajasthan News: अब बिजली-पानी के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर, गहलोत सरकार ने बनाया मेगा प्लान

जन सुनवाई में बिजली, पानी, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और सड़क की समस्याओं को प्राथमिकता मिलेगी.

जन सुनवाई में बिजली, पानी, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और सड़क की समस्याओं को प्राथमिकता मिलेगी.

Good Governance Plan: राजस्‍थान की गहलोत सरकार ने आमजन को बिजली, पानी और सड़क (Electricity, water and road) से जुड़ी बुनियादी समस्याओं से छुटकारा दिलाने के लिये नया मेगा प्लान बनाया है.

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जयपुर. राजस्‍थान में अब आमजन को बिजली, पानी और सड़क मरम्मत (Electricity, water and road repair) जैसी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों (Government offices) के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. गहलोत सरकार ने गुड गवर्नेंस को मूर्त रूप दे दिया है. अब राज्य में हर महीने ग्राम स्तर से लेकर जिला कलक्ट्रेट तक जनसुनवाई होगी. इनमें आमजन की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा.

जनसुनवाई के दौरान पंच से लेकर सांसद तक मौजूद रहेंगे. जनसुनवाई में पटवारी से लेकर कलेक्टर और कांस्टेबल से लेकर एसपी भी मौजूद रहेंगे. इसमें बिजली, पानी, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और सड़क की समस्याओं को प्राथमिकता मिलेगी. जनसमस्याओं की सुनवाई और समाधान में जन भावनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी. मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने सभी जिला कलेक्टर और संभागीय आयुक्त को जन सुनवाई को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं.

जनसुनवाई का त्रिस्तरीय ढांचा

जिला स्तरीय जनसुनवाई
- प्रत्येक माह के पहले शुक्रवार को जिला कलेक्टर स्तर पर होगी जिला स्तरीय जन सुनवाई.

- इसमें सांसद,विधायक, जिला प्रमुख और अन्य जन प्रतिनिधि शामिल होंगे.

- एसपी, जिला स्तरीय अधिकारी, संबंधित आयुक्त नगर परिषद, नगर निगम और सचिव नगर विकास न्यास भी शामिल होंगे.



उपखंड स्तरीय जनसुनवाई

- यह प्रत्येक माह के अन्तिम शुक्रवार को होगी.

- इस जनसुनवाई में विधायक, प्रधान, पंचायत समिति, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य शामिल होंगे.

- इसमें एसडीओ, पुलिस उपाधीक्षक, विकास अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका, सहायक अभियन्ता PHED, विद्युत वितरण निगम,PWD अफसर व अन्य उपखण्ड स्तरीय अधिकारी शामिल होंगे.

- प्रत्येक माह के दूसरे व तीसरे गुरुवार को एसडीओ स्तर पर जनसुनवाई होगी.

ग्राम पंचायत समूह और कलस्टर्स स्तरीय जनसुनवाई

- एसडीओ और उपखण्ड के विकास अधिकारियों द्वारा क्लस्टर्स बनाये जाएंगे.

- संयुक्त रूप से विचार विमर्श कर क्षेत्र की 10-10 पंचायतों के क्लस्टर्स बनाये जाएंगे.

- माह के दूसरे गुरुवार को उपखण्ड के प्रथम कलस्टर की जनसुनवाई होगी.

- तीसरे गुरुवार को दूसरे कलस्टर में जनसुनवाई होगी.

- अगले माह के दूसरे गुरुवार को तीसरे कलस्टर की जनसुनवाई होगी.

- स्थिति अनुसार तीसरे गुरुवार को चौथे या प्रथम कलक्टर में जनसुनवाई होगी.

- इसमें क्षेत्र के विधायक, प्रधान पंचायत समिति, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच, उपखंड अधिकारी, पुलिस उप अधीक्षक, उपखण्ड के विकास अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सहायक अभिंयता PHED शामिल होंगे.

- विद्युत वितरण निगम, PWD, निर्माण विभाग, सहकारिता विभाग, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े अधिकारी भी शामिल होंगे.

- कलक्टर से संबंधित सारे विभागों के उपखण्ड स्तरीय अधिकारी, संबंधित कलस्टर्स की ग्राम पंचायतों के ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी और एसडीओ द्वारा जरुरत अनुसार अन्य अफसर और कर्मचारी शामिल होंगे.
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