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Rajasthan: मनरेगा में अब श्रमिक काम करेगा तो ही मिलेगा भुगतान, शुरू हुआ 'पूरा काम पूरा दाम' अभियान

इस अभियान के तहत 5-5 श्रमिकों का समूह बनाकर उन्हें एक एक काम दिया जाएगा.
इस अभियान के तहत 5-5 श्रमिकों का समूह बनाकर उन्हें एक एक काम दिया जाएगा.

राजस्थान में अब श्रमिक मनरेगा (MNREGA) में काम करेगा तो ही उसे दाम मिलेंगे. इसके लिये सरकार ने 'पूरा काम पूरा दाम' (Complete work full price) अभियान की शुरुआत की है.

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जयपुर. राजस्थान में मनरेगा (MNREGA) के तहत 'पूरा काम पूरा दाम' अभियान की शुरुआत की गई है. ये अभियान 2 माह तक यानि 15 फरवरी तक चलेगा. इस अभियान के जरिये प्रत्येक मनरेगा श्रमिक (Labor) के काम का अलग-अलग आंकलन करके ही उसे भुगतान किया जायेगा. इससे काम करने वालों और नहीं करने वालों की श्रमिकों पहचान की जायेगी. वहीं पिछली गहलोत सरकार के मनरेगा से जुड़े एक पुराने सर्कुलर (Circular) को फिर से अमल में लाये जाने की भी तैयारी की जा रही है.

मनरेगा आयुक्त पीसी किशन ने बताया कि दरअसल मनरेगा के तहत श्रमिकों को टास्क आधारित काम देकर ही उसका भुगतान किया जाता है. अभी तक एक ही टास्क यानि काम में कई श्रमिकों को लगाकर काम करवाया जाता रहा है. लेकिन इसमें कई व्यवहारिक दिक्कतें सामने आती हैं. मसलन इस टास्क में कुछ श्रमिक तो ज्यादा काम कर लेते है तो कुछ कम काम करते हैं. वहीं कुछ ऐसे श्रमिक भी हैं जो काम करते ही नही हैं. इसके बावजूद उसका भुगतान सबको बराबर दिया जाता है. लेकिन अब इस अभियान के तहत 5-5 श्रमिकों का समूह बनाकर उन्हें एक एक काम दिया जाएगा. प्रत्येक श्रमिक के काम की प्रगति का आंकलन भी अलग अलग किया जाएगा. इससे श्रमिक को उसके काम के आधार पर ही भुगतान दिया जाएगा.

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कोरोना काल में रिकॉर्ड संख्या में श्रमिकों को काम दिया गया है


इस अभियान के साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पिछले कार्यकाल के दौरान 20 जुलाई 2010 को जारी किये गए एक सर्क्युलर को भी फिर से प्रभावी किये जाने को लेकर भी काम किया जा रहा है. उसके तहत मेट्स का प्रशिक्षण, करीब 50 फीसदी महिला मेट्स लगाने, JTA का प्रशिक्षण और कलेक्टर्स का निरीक्षण कार्यक्रम उसमें शामिल हैं. उल्लेखनीय है कि मनरेगा में राजस्थान में इस बार गहलोत सरकार के समय काफी कार्य हुआ है. कोरोना काल में ग्रामीण क्षेत्रों में रिकॉर्ड संख्या में श्रमिकों को काम मुहैया कराया गया था.
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