अधिकारियों ने सीएम व सीएस के आदेश भी किए दरकिनार, कर्मचारी संघ हुए खफा

चुनावी वर्ष में कर्मचारियों को खुश करने की कवायद में विभागों के आला अधिकारी ही रोड़ा अटकाने में लगे हुए हैं.

Prem Meena | News18 Rajasthan
Updated: June 14, 2018, 9:20 PM IST
अधिकारियों ने सीएम व सीएस के आदेश भी किए दरकिनार, कर्मचारी संघ हुए खफा
फोटो: न्यूज18 राजस्थान
Prem Meena | News18 Rajasthan
Updated: June 14, 2018, 9:20 PM IST
चुनावी वर्ष में कर्मचारियों को खुश करने की कवायद में विभागों के आला अधिकारी ही रोड़ा अटकाने में लगे हुए हैं. मुख्यमंत्री आदेश के बावजूद विभागों के प्रमुखों ने 30 से अधिक कर्मचारी संघों को वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया है. मुख्यमंत्री के आदेशों की पालना के लिए मुख्य सचिव डीबी गुप्ता को चार बार आदेश निकालने पड़े, इसके बाद भी विभागों के प्रमुख आदेशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. वार्ता के लिए नहीं बुलाए जाने पर कर्मचारी संघ अफसरों से बेहद खफा है.

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मार्च महीने में सभी मंत्रियों और विभागों के सचिवों को यह निर्देश दिया था कि वे अपने विभागों के कर्मचारी संगठनों से वार्ता कर उनकी समस्याओं का समाधान करें. मुख्यमंत्री के निर्देशों की पालना के लिए मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने चार बार रिमांडर आदेश निकाले. बार बार आदेश जारी करने के बावजूद भी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव और सचिव आदेशों को गंभीरता में ले रहे हैं. करीब 30 सेवाओं से जुड़े कर्मचारी संघों के प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाया ही नहीं गया है. जिन कर्मचारी संघों से बात की है उसको लेकर कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है.

राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि पहले तो मंत्री, सचिव सीएम के आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया. मुख्य सचिव ने जब चार बार आदेश निकाले तब कुछ विभाग के मंत्रियों और सचिवों को कर्मचारियों से वार्ता करने की याद आई. जिन्होंने ने बात भी की उन्होंने वार्ताओं के नाम पर कई संगठनों को एक साथ बुला कर वार्ताओं की इतिश्री कर ली. इससे कर्मचारियों में आक्रोश है.

मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के साथ अन्याय नहीं होने देगी. कर्मचारी संघों की मांगों पर राज्य सरकार गंभीर है. मुख्यमंत्री कर्मचारी हितों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकाण रखती हैं. कार्मिक विभाग के सचिव भास्कर ए सावंत का दावा है कि 40 से अधिक विभाग ऐसे हैं जिनके मंत्री और सचिव कर्मचारी संघों से वार्ता कर चुके हैं. इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेज दी गई है.
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