प्रवासी श्रमिकों को राजस्थान में ही रोजगार देने की कार्ययोजना बनाएं अफसर: अशोक गहलोत
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प्रवासी श्रमिकों को राजस्थान में ही रोजगार देने की कार्ययोजना बनाएं अफसर: अशोक गहलोत
सीएम गहलोत ने कहा कि बाहर से आए जो श्रमिक लौटना नहीं चाहते उन्हें राजस्थान में ही रोजगार दिलाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए. (फाइल फोटो)

अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने कहा कि लॉकडाउन (Lockdown) से श्रमिक पहले से ही पीड़ा झेल रहे हैं. आजीविका छूटने से उन पर दोहरी मार पड़ी है. ऐसे में जल्द से जल्द रोजगार से जोड़कर उन्हें सम्बल देना हमारी जिम्मेदारी है.

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जयपुर. कोविड-19 (COVID-19) के कारण लागू लॉकडाउन के बीच अन्य राज्यों से राजस्थान अपने घर आ चुके मजदूरों को राजस्थान सरकार (Government of Rajasthan) प्रदेश में ही रोजगार देने पर विचार कर रही है. दूसरे राज्यों से राजस्थान लौटे श्रमिकों की श्रम शक्ति का उपयोग करने और उनके लिए रोजगार की व्यवस्था करने के लिए सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने अफसरों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं. सीएम ने अफसरों से कहा कि, बाहर से आए जो श्रमिक वापस नहीं लौटना चाहते, उन्हें राजस्थान में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए.

गहलोत ने कहा कि प्रवासी श्रमिकों तक यह संदेश पहुंचना चाहिए कि राज्य सरकार संकट की इस घड़ी में स्थानीय श्रमिकों के साथ-साथ उनके लिए भी चिन्तित है. सीएम ने गुरुवार शाम को अपने निवास पर कोरोना पर समीक्षा बैठक की. सीएम ने कहा कि करीब 2 माह से भी अधिक लम्बे समय से चल रहे लॉकडाउन के कारण ये श्रमिक पहले ही पीड़ा झेल रहे हैं. आजीविका छूटने से उन पर दोहरी मार पड़ी है. ऐसे में जल्द से जल्द रोजगार से जोड़कर उन्हें सम्बल देना हमारी जिम्मेदारी है. इससे उद्योगों में श्रमिकों की मांग भी पूरी हो सकेगी. सीएम ने बुजुर्गों को नया हेल्थ प्रोटोकॉल अपनाने के लिए जागरुक करने के निर्देश दिए.

बुजुर्गों को नया हेल्थ प्रोटोकॉल अपनाने के लिए जागरूक करने के निर्देश
सीएम ने कहा कि कोरोना का विपरीत असर हमारे सामाजिक जीवन पर पड़ा है. बुजुर्ग सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में शामिल नहीं होने और हेल्थ प्रोटोकॉल की वजह से घर से बाहर नहीं निकलने से एकाकीपन महसूस कर रहे हैं. उन्होंने इन लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल करने, इन्हें मास्क लगाने, सोशल डिस्टेसिंग अपनाने सहित नए हेल्थ प्रोटोकॉल के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित करने के लिए विशेष अभियान शुरू करने के निर्देश दिए.



जिला स्तर पर अफसर तय करें कंटेनमेंट जोन


सीएम ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में कलेक्टर, एसपी और सीएमएचओ संक्रमण की स्थिति की नियमित समीक्षा करने के साथ ही स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कंटेनमेंट जोन का निर्धारण करने के सम्बन्ध में निर्णय लें.

95 श्रमिक ट्रेनों से भेजे गए 1.35 लाख श्रमिक
उद्योग विभाग के एसीएस सुबोध अग्रवाल ने बैठक में बताया कि अब तक 95 ट्रेनों के जरिए 1 लाख 35 हजार से अधिक श्रमिकों को अन्य राज्यों में भेजा गया है. इनमें 45 ट्रेनों के माध्यम से 64 हजार से अधिक श्रमिक बिहार भेजे गए हैं. इसी तरह 12 हजार 650 बस ट्रिप के माध्यम से 4 लाख 11 हजार यात्रियों को अब तक विभिन्न राज्यों से लाया एवं ले जाया गया है. मोक्ष कलश स्पेशल बसों के माध्यम से 744 लोगों को परिजनों के अस्थि विसर्जन के लिए भेजा गया है.

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