प्रदेश के किसानों को फायदेमंद साबित हो रही जैतून की खेती

Dinesh Sharma | ETV Rajasthan
Updated: September 17, 2017, 4:24 PM IST
प्रदेश के किसानों को फायदेमंद साबित हो रही जैतून की खेती
प्रदेश के किसान इन दिनों जैतून की खेती करने में रुचि ले रहे हैं.
Dinesh Sharma | ETV Rajasthan
Updated: September 17, 2017, 4:24 PM IST
प्रदेश में जैतून की खेती किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है. जैतून की खेती से किसान एक साल में प्रति हैक्टेयर में 10 लाख रुपए तक की आमदनी कर सकता है. राज्य सरकार भी जैतून की खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार कोशिशें कर रही है.

प्रदेश में जैतून से तैयार होने वाले उत्पादों की दुनिया भर में मांग बढ़ने से इसका सीधा लाभ जैतून की खेती करने वाले स्थानीय किसानों को मिल रहा है. जैतून से तैयार उत्पादों की मांग को देखते हुए इसकी खेती को बढ़ावा देने सरकार कोशिश कर रही है.

वर्तमान में राज्य के 429 किसान करीब पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में जैतून की खेती कर रहे हैं. बीकानेर के लूणकरणसर में देश की पहली जैतून रिफाइनरी भी स्थापित की गई है. वहीं जयपुर के बस्सी ब्लॉक के ढिंढोल में जैतून की पत्तियों से ऑलिव टी तैयार की जा रही है.

राजस्थान ऑलिव कल्टीवेशन लिमिटेड की नर्सरी में करीब साढ़े चार लाख जैतून के पौधे तैयार किए गए हैं. एक हैक्टेयर में जैतून के 400 पौधे तक लगाए जा सकते हैं. प्रत्येक पेड़ से किसान साल में 100 किलो पत्तियों का उत्पादन कर सकता है. किसान एक हेक्टेयर एरिया में लगे पौधों से हर साल 40 हजार किलो पत्तियां बेचकर 10 लाख रुपए तक की आमदनी कर सकते हैं.

जैतून के पौधे पर फल आने में छह से सात साल का समय लगता है, ऐसे में किसानों को इसका लाभ फल आने पर ही मिलता है. हालांकि जैतून के प्लांटेशन के छह महीने के बाद ही इसकी पत्तियों के जरिए किसान लाभ कमा सकते हैं. सरकार की मंशा साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की है और इसमें जैतून की खेती बेहद कारगर साबित हो सकती है.
First published: September 17, 2017
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