Rajasthan: प्रदेश के 1.5 लाख अधिकारियों को 30 जून तक करना होगा ये जरुरी काम, अन्यथा रुक सकता है इंक्रीमेट और प्रमोशन
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Rajasthan: प्रदेश के 1.5 लाख अधिकारियों को 30 जून तक करना होगा ये जरुरी काम, अन्यथा रुक सकता है इंक्रीमेट और प्रमोशन
सभी राजपत्रित अधिकारियों को 1 जनवरी 2020 की स्थिति का अचल संपत्ति का ब्यौरा देना है.

राजस्थान (Rajasthan) के करीब डेढ़ लाख राजपत्रित अधिकारियों (Gazetted Officers) को 30 जून तक अपनी अचल संपत्ति का ब्यौरा (Immovable Property Details) राज्य सरकार को देना होगा.

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जयपुर. राजस्थान (Rajasthan) के करीब डेढ़ लाख राजपत्रित अधिकारियों (Gazetted Officers) को 30 जून तक अपनी अचल संपत्ति का ब्यौरा (Immovable Property Details) राज्य सरकार को देना होगा. राज्य के कार्मिक विभाग ने इसके आधिकारिक आदेश जारी कर सभी अधिकारियों को 30 जून तक अपनी-अपनी अचल संपत्ति का ब्यौरा देने के निर्देश दिए हैं. इसके अभाव में अधिकारियों का इंक्रीमेंट और प्रमोशन बाधित हो सकता है. जिन अधिकारियों ने आईपीआर भरते समय गलत प्रविष्टियां अंकित कर दी थी, वे सभी अधिकारी इस अवधि में ऑनलाइन संशोधित आईपीआर भर सकेंगे. राजकाज सॉफ्टवेयर पर इसका संपूर्ण ब्यौरा देना होगा.

1 जनवरी 2020 की स्थिति का अचल संपत्ति का ब्यौरा देना है
जानकारी के अनुसार पूर्व में 31 जनवरी तक राजकाज सॉफ्टवेयर पर इसका ब्यौरा देना था. लेकिन अब यह अवधि 30 जून तक बढ़ा दी गई है. सभी राजपत्रित अधिकारियों को 1 जनवरी 2020 की स्थिति का अचल संपत्ति का ब्यौरा देना है. राज्य में करीब डेढ़ लाख राजपत्रित अधिकारी हैं. 4800 पे-ग्रेड वाले कर्मचारियों को राजपत्रित अधिकारी माना जाता है. राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में पदस्थ अधिकारियों के साथ ही कॉलेज व्याख्याता, प्रोफेसर, हेड मास्टर, प्रिंसिपल, डॉक्टर और पुलिस निरीक्षक समेत अन्य इस श्रेणी में आते हैं. राज्य में करीब 40-50 हजार शिक्षक राजपत्रित अधिकारी के दायरे में आते हैं.

ब्यौरा नहीं देने पर रुक जाएगी वेतन वृद्धि
यदि राजपत्रित अधिकारी तय समय पर अपनी अचल संपत्ति का ब्यौरा नहीं देते हैं तो उनका वार्षिक इंक्रीमेंट रुक जाएगा. उनकी एसीआर भी प्रभावित होगी. अधिकारी को भविष्य में पदोन्नति मिलने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. शासन प्रणाली में शुद्धता के लिए राज्य सरकार प्रतिवर्ष अपने राजपत्रित अधिकारियों से अचल संपत्ति का ब्यौरा लेती है. पिछली वसुंधरा राजे सरकार ने भी अचल संपत्ति का ब्यौरा लिया था. जिन अधिकारियों ने ब्यौरा नहीं दिया था उनका वार्षिक वेतन रोक दिया गया था. अधिकारी भी अब इस विवरण को देने में जुटे हुए हैं.



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