कांग्रेस में छिड़ी एक व्यक्ति, एक पद पर बहस, आमने-सामने आए गहलोत और पायलट समर्थक

भंवरलाल शर्मा के बयान पर पायलट कैंप ने तत्काल पलटवार किया. गहलोत सरकार में परिवहन मंत्री प्रताप खाचरियावास और खान मंत्री प्रमोद जैन भाया ने संगठन का पद या मंत्री पद छोड़ने से साफ इनकार कर दिया.

Bhawani Singh | News18Hindi
Updated: July 15, 2019, 8:44 PM IST
कांग्रेस में छिड़ी एक व्यक्ति, एक पद पर बहस, आमने-सामने आए गहलोत और पायलट समर्थक
गहलोत सरकार में परिवहन मंत्री प्रताप खाचरियावास और खान मंत्री प्रमोद जैन भाया ने संगठन का पद या मंत्री पद छोड़ने से साफ इनकार कर दिया (File Photo)
Bhawani Singh
Bhawani Singh | News18Hindi
Updated: July 15, 2019, 8:44 PM IST
राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच जंग और तेज हो गई. गहलोत समर्थक कांग्रेस के एक सीनियर नेता ने सरकार और संगठन में दो पदों पर काबिज नेताओं को राहुल गांधी का अनुसरण करने की सलाह दी. मांग की कि या तो वे मंत्री पद छोड़े या पार्टी संगठन का पद. ये बवाल तब शुरू हुआ जब गहलोत मंत्रीमंडल में शामिल एक मंत्री ने संगठन का जिला अध्यक्ष का पद छोड़ने की पेशकश की. हालांकि पायलट समर्थक मंत्रियों ने संगठन का पद छोड़ने से साफ इनकार कर दिया.

राजस्थान में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच चल रही जंग खत्म होने का नाम ले रही है. सोमवार को गहलोत समर्थक पार्टी के सीनियर नेता और विधानसभा में पार्टी के सबसे सीनियर विधायक भंवरलाल शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी का अनुसरण राजस्थान में भी कांग्रेस नेता करें. वे या तो मंत्री पद छोड़े या संगठन का पद. निशाने पर पायलट और उनकी टीम थी. पायलट उप मुख्यमंत्री भी है, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी.

कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा ने कहा कि पार्टी नेता राहुल गांधी का अनुसरण करें. जिनके पास दो पद हैं, वे एक पद छोड़े. चाहे मंत्री पद या संगठन का.


भंवरलाल शर्मा के बयान पर पायलट कैंप ने तत्काल पलटवार किया. गहलोत सरकार में परिवहन मंत्री प्रताप खाचरियावास और खान मंत्री प्रमोद जैन भाया ने संगठन का पद या मंत्री पद छोड़ने से साफ इनकार कर दिया. खाचरियवास मंत्री के साथ पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और जयपुर के जिला अध्यक्ष हैं तो भाया प्रदेश उपाध्यक्ष.

परिवहन मंत्री प्रताप खाचरियावास ने कहा कि ऐसे ही कोई पद नहीं छोड़ दिया जाता है. जिम्मेदारी है, हम ऐसे ही नहीं छोड़ सकते हैं.


बवाल की शुरुआत तब हुई जब गहलोत मंत्रीमंडल में शामिल मंत्री टीकाराम जूली ने अलवर के जिलाअध्यक्ष का पद छोड़ने की पेशकश की. राजस्थान के श्रम मंत्री टीकाराम जूली ने कहा कि एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत का पालन करने के लिए वो जिलाध्यक्ष का पद छोड़ने को तैयार हैं.

जूली राजस्थान की सियासत में भंवर जितेंद्र सिंह गुट के माने जाते हैं. लेकिन जूली की इस पेशकश से गहलोत कैंप को पायलट कैंप पर वार करने का हथियार मिल गया.
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First published: July 15, 2019, 8:44 PM IST
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