Panchayat Elections-2020: पंच-सरपंच का चुनाव लड़ रहे हैं तो इन बातों का रखें ख्याल, नहीं तो टूट जाएंगे सपने
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Panchayat Elections-2020: पंच-सरपंच का चुनाव लड़ रहे हैं तो इन बातों का रखें ख्याल, नहीं तो टूट जाएंगे सपने
यूपी पंचायत चुनाव में कई ग्राम प्रधान नहीं लड़ सकते हैं चुनाव.

राजस्‍थान में इसी माह से शुरू होने वाले पंचायत चुनाव (Panchayat elections) के लिये राज्य निर्वाचन आयोग ने गाइडलाइन (Guideline) जारी की है. पंच-सरपंच का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी को इस गाइडलाइन का खास ध्यान रखना होगा.

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जयपुर. राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) ने लंबी जद्दोजहद के बाद प्रदेश की बची हुई 3848 ग्राम पंचायतों का चुनाव (Panchayat elections) कार्यक्रम जारी कर दिया है. कार्यक्रम के तहत प्रथम चरण के चुनाव के लिए 16 सितंबर को लोक सूचना (Public information) जारी की जाएगी. 19 सितंबर को नामांकन-पत्र दाखिल किए जा सकेंगे और 20 सितंबर को नामांकन-पत्रों की जांच होगी. 28 सितंबर को मतदान होगा और इसी दिन चुनाव परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे.

आयोग द्वारा कार्यक्रम जारी करने के साथ ही सरपंच बनने को आतुर प्रत्याशियों ने मतदाताओं को रिझाने के लिए जनसंपर्क तेज कर दिया है, लेकिन पंच और सरपंच बनने के इच्छुक प्रत्याशी नामांकन-पत्र भरते समय पूरी सावधानी बरतें अन्यथा उनका नामांकन-फॉर्म रद्द हो जाएगा और सपने चकनाचूर होने में देर नहीं लगेगी.

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आयोग ने नामांकन को लेकर ये दिशा निर्देश जारी किए हैं
- चुनाव में वे ही लोग उम्मीदवारी पेश कर सकेंगे जिनके घर में चालू हालात में शौचालय है.
- घर का कोई भी सदस्य खुले में शौच के लिए न जाता हो. इसके लिए बाकायदा शपथ-पत्र पेश करना होगा.
- यदि इस नियम का उल्लंघन पाया गया तो उम्मीदवार का नामांकन-पत्र खारिज कर दिया जाएगा.
- पंचायत चुनाव के नियमों के मुताबिक पंच और सरपंच के सभी उम्मीदवारों के लिए घर में शौचालय की अनिवार्यता रहेगी.
- नामांकन के साथ अण्डरटेकिंग भी देनी होगी. इसमें लिखा जाएगा कि उनके घर में शौचालय है. उसकी तीन दीवारें और एक दरवाजे के साथ छत है.
- प्रत्याशी को फॉर्म में इस बात का भी उल्लेख करना होगा कि उसका कोई शासकीय/बिजली बिल बकाया नहीं है.

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- प्रत्याशी को फॉर्म के साथ आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी देनी होगी.
- वैवाहिक स्थिति के कॉलम को खाली छोड़ने पर भी नामांकन फार्म रद्द हो जाएगा.
- चुनाव में कोई शैक्षणिक कोई बाध्यता नहीं रखी गई है.
- 27 नवंबर 1995 के बाद जन्मी संतान दो से अधिक नहीं होनी चाहिए. दो से अधिक संतान होने पर चुनाव नहीं लड़ सकते.
- इस बार चुनाव खर्च सीमा में बढ़ोतरी की गई है. सरपंच पद के प्रत्याशी की चुनाव खर्च सीमा में 30 हजार रुपए बढ़ोतरी की गई है.
- अब सरपंच का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी 50 हजार रुपए तक खर्च कर सकेंगे. पहले यह 20 हजार रुपए निर्धारित थी.
- जिला परिषद सदस्य के लिए खर्च सीमा 80 हजार थी. उसे बढ़ाकर डेढ़ लाख कर दिया गया है.
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