Rajasthan: अब बिछेगी 3878 पंचायत चुनावों की चौसर, कभी हो सकता है तारीखों का ऐलान
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Rajasthan: अब बिछेगी 3878 पंचायत चुनावों की चौसर, कभी हो सकता है तारीखों का ऐलान
3878 ग्राम पंचायतों के चुनाव राज्य के 33 में से 26 जिलों में होंगे.

राज्यसभा चुनाव से फ्री हुई राज्य सरकार अब पंचायत चुनावों (Panchayat Elections) में जुटेगी. सरकार का अब पूरा फोकस ग्राम पंचायत और पंचायत समिति तथा जिला परिषद के चुनावों पर रहेगा.

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जयपुर. प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने पार्टी के 2 सदस्य राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद बड़ी राहत की सांस ली है. राज्यसभा चुनाव से फ्री हुई राज्य सरकार अब पंचायत चुनावों (Panchayat Elections) में जुटेगी. सरकार का अब पूरा फोकस ग्राम पंचायत और पंचायत समिति तथा जिला परिषद के चुनावों पर रहेगा. राज्य चुनाव आयोग भी पंचायत चुनावों की तैयारियां लगभग पूरी कर चुका है. कोविड-19 के चलते स्थगित हुए पंचायत चुनाव का कार्यक्रम अब कभी भी घोषित हो सकता है. इस बार आम आदमी पार्टी भी पंचायत चुनावों में भूमिका निभाने के मूड में है.

आयोग ने किया अपना काम पूरा
प्रदेश की कुल 11341 ग्राम पंचायतों में से 3878 ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव करवाने की तैयारी तेजी से चल रही है. राज्य निर्वाचन आयोग ने 26 जिलों की शेष बची ग्राम पंचायतों के चुनाव के लिए अपना काम पूरा कर लिया है. 10 जून को मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन भी कर दिया गया है. तमाम कानूनी अड़चनें पहले ही दूर हो गई थी. अब आयोग किसी भी समय ग्राम पंचायत चुनाव कराने का कार्यक्रम जारी कर सकता है.

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इन जिलों में होंगे ग्राम पंचायत के चुनाव


3878 ग्राम पंचायतों के चुनाव राज्य के 33 में से 26 जिलों में होंगे. इनमें भीलवाड़ा, बीकानेर, चूरू, दौसा, धौलपुर, हनुमानगढ़, जयपुर, जैसलमेर, जालोर, अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, भरतपुर, जोधपुर, झुन्झुनू, करौली, नागौर, पाली, प्रतापगढ़, सवाईमाधोपुर, सीकर, सिरोही, उदयपुर और श्रीगंगानगर जिला शामिल है.

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10 जून को मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया
हालांकि ग्राम पंचायत के चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं लड़े जाएंगे, लेकिन पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव पार्टी के चुनाव चिन्ह पर होते आए हैं. पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव में गहलोत सरकार की प्रतिष्ठा दांव पर रहेगी. जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव में गहलोत सरकार के कामकाज पर ग्रामीण मतदाता अपना फैसला सुनाएंगे. सरकार को सत्ता में आए डेढ़ साल से ज्यादा समय हो गया है.

5.15 करोड़ ग्रामीण मतदाता हैं
यदि पार्टी का प्रदर्शन आशा के अनुरूप नहीं रहा तो राज्य में एक बार फिर विरोधी खेमा सक्रिय हो जाएगा. 2011 की जनगणना के अनुसार 5.15 करोड़ ग्रामीण मतदाता हैं. प्रदेश की कुल 352 पंचायत समिति और 33 जिला प्रमुख के लिए ग्रामीण वोटर्स अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे.
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