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पंचायतों के खातों में सीधे नहीं जाएगा पैसा: गहलोत सरकार के फैसले के विरोध में सरपंचों ने खोला मोर्चा

सरकार का दावा है कि पंचायती राज और शहरी निकाय संस्थाओं की दैनिक जरूरतों के लिए बैंकों के बजाय पीडी खाते से लेन-देन करने से कार्य व्यवस्था में कोई अंतर नहीं आएगा.
सरकार का दावा है कि पंचायती राज और शहरी निकाय संस्थाओं की दैनिक जरूरतों के लिए बैंकों के बजाय पीडी खाते से लेन-देन करने से कार्य व्यवस्था में कोई अंतर नहीं आएगा.

नई व्यवस्था के तहत अब पंचायतों (Panchayats) का फंड पर कोई कंट्रोल नहीं होगा. सरकार ने हर पंचायत के लिए पीडी अकाउंट (PD Account) खोले है. यह वित्त विभाग के कंट्रोल में होगा.

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जयपुर. गहलोत सरकार ने प्रदेश को ओवर ड्राफ्ट के खतरे से बचाने के लिए पंचायत और शहरी निकायों के बैंक खातों की बजाय सरकार के पीडी खाते (PD Account) से लेन-देन का रास्ता निकाला है. पंचायती राज और शहरी निकाय संस्थाओं के लेनदेन की व्यवस्था हाल ही में लागू की गई है. इसको लेकर वित्त विभाग की ओर से स्पष्टीकरण भी जारी किया गया है. सरपंचों (Sarpanch) ने नई व्‍यवस्‍था का विरोध शुरू कर दिया है.

वित्त विभाग की ओर से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न विषम परिस्थितियों में वित्तीय प्रबंधन के लिए पीडी अकांउट प्रणाली लागू की गई है. सरकार का दावा है कि पंचायती राज और शहरी निकाय संस्थाओं की दैनिक जरूरतों के लिए बैंकों के बजाय पीडी खाते से लेन-देन करने से कार्य व्यवस्था में कोई अंतर नहीं आएगा, बल्कि इससे इन संस्थाओं को सहूलियत ही होगी. प्रधान और सरपंच आदि बिना ट्रेजरी तथा सब ट्रेजरी जाये ही भुगतान कर सकेंगे.

नई व्यवस्था पर सरपंचों ने उठाये सवाल
नई व्यवस्था के अनुसार, अब पंचायतों का पैसों पर कोई कंट्रोल नहीं होगा. सरकार ने हर पंचायत के लिए पीडी अकाउंट खोले हैं. ये वित्त विभाग के कंट्रोल में होगा. सरपंचों को पंचायत के विकास कार्यों के लिए वित्त विभाग से पैसा लेना होगा. अब सरपंच खुद पैसा खर्च नहीं कर पाएंगे. सरपंचों का कहना है कि पीडी खाते खुलने से सरपंचों के अधिकार छीन लिए गए हैं. उनकी मांग है कि राजस्थान में पहले की तरह पंचायतों के खाते में ही पैसा आना चाहिए, ताकि विकास कार्य की गति धीमी न हो. पीडी खाते से पैसा लेने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा और सरपंचों के अधिकार भी खत्म हो जाएंगे.
क्या होता है ओवरड्राफ्ट?


ओवरड्राफ्ट तब होता है जब बैंक खाते से उपलब्ध शेष राशि से अधिक रकम की निकासी हो जाती है. ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति को 'ओवरड्रॉन' (अधिक निकासी किया हुआ) कहा जाता है. सरकार पीडी अकाउंट प्रणाली के माध्यम से संस्थाओं को राशि आवंटित किए जाने पर ओवरड्राफ्ट की स्थिति में वित्तीय परिस्थितियों में भी इन संस्थाओं का शुद्धिकरण सुनिश्चित कर सकती है.
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