• Home
  • »
  • News
  • »
  • rajasthan
  • »
  • राजस्थान पंचायतीराज चुनाव: कांग्रेस में वंशवाद हावी, विधायकों-नेताओं ने अपने परिजनों को मैदान में उतारा

राजस्थान पंचायतीराज चुनाव: कांग्रेस में वंशवाद हावी, विधायकों-नेताओं ने अपने परिजनों को मैदान में उतारा

कांग्रेस के 5 विधायक और कांग्रेस समर्थित 2 निर्दलीय विधायक अपने परिवारजनों को टिकट दिलवाने में कामयाब रहे हैं.

कांग्रेस के 5 विधायक और कांग्रेस समर्थित 2 निर्दलीय विधायक अपने परिवारजनों को टिकट दिलवाने में कामयाब रहे हैं.

Rajasthan panchayati raj elections news: जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चुनावों में कांग्रेस के कई विधायकों और नेताओं ने अपने रिश्तेदारों को चुनावी मैदान में उतार दिया है.

  • Share this:

जयपुर. लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तरह प्रदेश में पंचायती राज चुनाव (Panchayati Raj Elections) में भी वंशवाद (Dynasty dominated) नजर आ रहा है. कांग्रेस (Congress) के कई विधायक और नेता -अपने रिश्तेदारों को पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में उतार रहे हैं. इन नेताओं और विधायकों ने परिवार के लोगों को टिकट दिलवाने में कामयाबी हासिल कर ली है. अब चुनाव जीतने के लिए पूरा जोर लगाया जा रहा है.

कई विधायकों ने एक नहीं बल्कि कई परिवारजनों को चुनावी मैदान में उतार दिया है. दरअसल इस बार टिकट वितरण में विधायकों की राय को ज्यादा तवज्जो दी गई है और विधायकों ने परिवार के लोगों को टिकट में प्राथमिकता दी . कांग्रेस के 5 विधायक और कांग्रेस समर्थित 2 निर्दलीय विधायक अपने परिजनों को टिकट दिलवाने में कामयाब रहे हैं.

भरतपुर में तो मंत्री और विधायकों के परिजनों की लम्बी लाइन
भरतपुर की वैर सीट से विधायक और मंत्री भजनलाल जाटव के 2 रिश्तेदार चुनावी मैदान में है. उन्होंने अपनी बेटी सुमन और बहू साक्षी को कांग्रेस के टिकट पर चुनावी मैदान में उतारा है. यहां पर प्रधान की सीट चूंकि एससी वर्ग के लिए आरक्षित है लिहाजा दोनों में से किसी एक को प्रधान पद के लिए उम्मीदवार बनाया जा सकता है. भरतपुर की ही कामां सीट से विधायक और पूर्व संसदीय सचिव जाहिदा खान के तीन रिश्तेदार चुनाव मैदान में हैं. कांग्रेस विधायक जाहिदा खान ने अपने बेटे साजिद खान, बेटी डॉ. शहनवाज और देवरानी ताहिरा को चुनावी मैदान में उतारा है. जाहिदा के पति जलीस खान पूर्व में पंचायत समिति के प्रधान रह चुके हैं.

नदबई और दूदू में भी यही रुख
भरतपुर की नदबई सीट से विधायक जोगिंदर सिंह अवाना के बेटे हिमांशु भी पंचायत समिति सदस्य का चुनाव लड़ रहे हैं. जोगिंदर सिंह पहले बसपा के टिकट पर जीते थे और बाद में वे कांग्रेस में शामिल हो गए. उधर जयपुर के दूदू से निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर के बेटे विकास नागर और बहू रुपाली नागर चुनावी मैदान में है. विकास नागर जिला परिषद सदस्य और रूपाली नागर पंचायत समिति सदस्य के तौर पर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. विधायक नागर सीएम गहलोत के कट्टर समर्थक हैं.

ये भी ठोक रहे हैं ताल
जोधपुर के ओसियां से विधायक दिव्या मदेरणा की मां लीला मदेरणा जिला परिषद सदस्य के लिए चुनाव मैदान में है. पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ की बेटी मुन्नी देवी जाखड़ जोधपुर जिला परिषद सदस्य के लिए चुनाव लड़ रही है. सवाई माधोपुर में खंडार विधायक अशोक बैरवा के बेटे संजय बैरवा पंचायत समिति सदस्य के लिए चुनाव लड़ रहे हैं. जबकि उनके भाई की पत्नी भूमेश पंचायत समिति सदस्य के लिए ही निर्दलीय के तौर पर चुनाव मैदान में हैं.

आज शाम तक पूरी तस्वीर होगी साफ़
सवाई माधोपुर की ही गंगापुरसिटी सीट से निर्दलीय विधायक रामकेश मीणा की पुत्रवधू पंचायत समिति सदस्य का चुनाव लड़ रही है. रामकेश मीणा की पुत्रवधू पहले भी प्रधान रह चुकी हैं. इन कांग्रेस नेताओं की नजर प्रधानी और जिला प्रमुख जैसे पदों पर है. हालांकि नामांकन वापसी का अंतिम दिन आज है और आज शाम तक पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज