राजस्थान में शुरू हुई निकाय व पंचायत चुनावों की दौड़, कमर कसने लगी पार्टियां

इस वर्ष के अंत तक होने वाले निकाय व पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक दल सक्रिय होने लग गए हैं. कांग्रेस ने जहां इन चुनावों में सियासी समीकरण साधने के लिए राजनीतिक नियुक्तियों की शुरुआत कर दी है. वहीं बीजेपी खेमा भी कमर कस चुका है.

Sandeep Rathore | News18 Rajasthan
Updated: June 28, 2019, 11:10 PM IST
राजस्थान में शुरू हुई निकाय व पंचायत चुनावों की दौड़, कमर कसने लगी पार्टियां
निकाय व पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटी पार्टियां। फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।
Sandeep Rathore
Sandeep Rathore | News18 Rajasthan
Updated: June 28, 2019, 11:10 PM IST
इस वर्ष के अंत तक होने वाले निकाय व पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक दल सक्रिय होने लग गए हैं. दोनों चुनावों को लेकर स्थानीय स्तर पर सुगबुगाहट होने लग गई है. कांग्रेस ने जहां इन चुनावों में सियासी समीकरण साधने के लिए राजनीतिक नियुक्तियों की शुरुआत कर दी है. वहीं बीजेपी खेमा भी कमर कस चुका है. आम आदमी पार्टी ने भी दोनों चुनावों के मद्देनजर अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना शुरू कर दिया है.

इस साल के अंत में होने हैं चुनाव
इस साल के अंत में नंवबर में निकाय चुनाव होने हैं. निकाय चुनाव के एक महीने बाद ही पंचायत चुनाव होंगे. ये दोनों ही चुनाव बेहद अहम है. इन चुनावों में बड़े नेता शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में समर्थकों को पार्षद, सरपंच, उप सरपंच और वार्ड पंच बनवाकर उन्हें अपने खेमे से जोड़े रखते हैं. स्थानीय कार्यकर्ता भी इन पदों के लिए पांच साल तक बड़े नेताओं के तीमारदारी करने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं. चूंकि स्थानीय कार्यकर्ता ही लोकसभा व विधानसभा चुनाव में माहौल बनाने का काम करते हैं, इसलिए इन चुनावों में बड़े नेता भी अपने समर्थकों के लिए जान झोंक देते हैं.

कांग्रेस ने शुरू किया राजनीतिक नियुक्तियों का दौर

पंचायत व निकाय चुनावों के मद्देनजर ही कांग्रेस ने तमाम उठा-पटक के बावजूद राजनीतिक नियुक्तियों का दौर शुरू कर दिया है, ताकि इनके जरिए हताश बैठे कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं में जोश का संचार कर सियासी समीकरण साधे जा सके. जितने स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को राजनीतिक निुयक्तियां मिल जाएगी उतने ही पंचायत व निकाय चुनाव में दावेदार कम हो जाएंगे. राज्य सरकार विभिन्न बोर्डों और समितियों के छोटे-बड़े पदों पर करीब 10 हजार राजनीतिक नियुक्तियां करेगी.

बीजेपी कार्यकर्ताओं कर चुकी है सतर्क
बीजेपी ने भी पिछले दिनों हुई पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में कार्यकर्ताओं को निकाय व पंचायत चुनाव के लिए कमर कसकर तैयार रहने को कह दिया था. पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया था कि वे ज्यादा से ज्यादा पब्लिक के बीच रहे और लोकसभा चुनाव में हुई भारी जीत के अंतर को बरकरार रखें.
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आम आदमी पार्टी भी कर रही है अपने संगठन को मजबूत
दूसरी तरफ विधानसभा चुनाव में मात खाने के बाद लोकसभा चुनाव से प्रदेश में पीछे हटी आम आदमी पार्टी भी इन चुनावों के मद्देनजर पूरी तरह से सक्रिय हो गई है. पिछले दिनों पार्टी के प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने जयपुर में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर उन्हें दोनों चुनावों के लिए तैयार होने की हिदायत दी थी. संजय सिंह ने इसके लिए पार्टी संगठन को मजबूत करने की दिशा में कार्य भी शुरू कर दिया. सिंह के मुताबिक प्रदेश में अभी तक पार्टी का संगठनात्मक ढांचा मजबूत नहीं था. लिहाजा अब इसे मजबूत कर पार्टी निकाय और पंचायत चुनाव में पूरी सक्रियता से भाग लेगी.

माकपा और बसपा भी इन चुनावों में रखती है पूरा दखल
माकपा और बसपा भी इन चुनावों में पूरी शिद्दत के साथ दखल देती है. माकपा खासकर शेखावाटी और श्रीगंगानगर व बीकानेर क्षेत्र में अपने कार्यकर्ताओं को पंचायत व पंचायत समिति और नगरपरिषद व नगरपालिका तक पहुंचाने में सफल रहती है. वहीं बसपा भी पूरी तरह से सक्रिय रहती है. लिहाजा उन्होंने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी है. पंचायतों व वार्डों के पुर्नगठन का काम भी अब शुरू होने वाला है. कांग्रेस के साथ ही बीजेपी और अन्य दल इस प्रक्रिया पर नजरें टिकाए हुए हैं.

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राजनीतिक नियुक्तियों की दूसरी सूची का इंतजार, तेज हुई लॉबिंग
First published: June 28, 2019, 8:57 PM IST
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