अपना शहर चुनें

States

Rajasthan: ओवैसी के ट्वीट पर बोले PCC चीफ, कहा-किसी भी पार्टी की कढ़ी बिगाड़ने आते हैं वे

पीसीसी चीफ डोटासरा ने कहा कि पूरा देश जानता है कि ओवैसी जी को कौन कहां-कहां पर भेजता है.
पीसीसी चीफ डोटासरा ने कहा कि पूरा देश जानता है कि ओवैसी जी को कौन कहां-कहां पर भेजता है.

राजस्थान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasara) ने असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) के ट्वीट पर तंज कसते हुये कहा है कि वे किसी भी पार्टी की कढ़ी बिगाड़ने आते हैं.

  • Share this:
जयपुर. असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की एआईएमआईएम (AIMIM) और बीटीपी (BTP) के गठबंधन की अटकलों पर प्रदेश में गरमाया हुआ सियासत का पारा ठंडा होने का नाम नहीं ले रहा है. ओवैसी और बीटीपी नेता छोटूभाई वसावा के एक दूसरे का साथ देने के ट्वीट्स के बाद ओवैसी का राजस्थान में पार्टी लॉन्च करना तय माना जा रहा है. ओवैसी के आने से सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस (Congress) को होगा. ओवैसी-बीटीपी गठबंधन के सवाल पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasara) ने तंज कसते हुये कहा है कि ओवैसी किसी भी पार्टी की कढ़ी बिगाड़ने के लिये आते हैं. वे आते नहीं बल्कि भेजा जाता है.

पीसीसी चीफ डोटासरा बोले पूरा देश जानता है कि ओवैसी जी को कौन कहां-कहां पर भेजता है. वह स्वयं अपनी सरकार बनाने के लिए कहीं नहीं जाते सिर्फ किसी एक पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए जगह-जगह चुनाव लड़ने जाते हैं लेकिन राजस्थान में यह राजनीति नहीं चलेगी. डोटासरा ने कहा कि आजादी के बाद के सात दशकों में राजस्थान में कभी भी सांप्रदायिक विचारधारा के आधार पर चुनाव नहीं लड़ा गया. आज भी यहां 36 कौमें एक साथ रहती हैं. बकौल डोटासरा जनता और सभी राजनीतिक पार्टियों से यह कहना चाहूंगा कि जिस प्रजातांत्रिक प्रणाली को कांग्रेस ने दशकों में स्थापित किया है उसी के तहत चुनाव लड़ने की परंपरा का पालन किया जाना चाहिए और हम सभी को उसे कायम रखना चाहिए.

Rajasthan: BTP और ओवैसी की पार्टी AIMIM के गठबंधन के संकेतों से गरमायी सियासत, कांग्रेस बोली- कोई फर्क नहीं पड़ता

डोटासरा का दावा कांग्रेस 40 से अधिक स्थानों पर अपना बोर्ड बनाने में सफल रहेगी


डोटासरा ने निकाय चुनाव परिणामों पर कहा कि बीजेपी तीसरे नंबर की पार्टी बन गई है. हमने रणनीति के तहत बहुत सी जगह निर्दलीय उतारे. इस वजह से निर्दलीय ज्यादा जीते हैं. डोटासरा ने दावा किया कि कांग्रेस 40 से अधिक स्थानों पर अपना बोर्ड बनाने में सफल रहेगी. निर्दलीय ज्यादा जीते हैं वे भी हमारे ही हैं. सत्ताधारी पार्टी होने के नाते लगभग हर दूसरा उम्मीदवार पार्टी के टिकट के लिए आशान्वित रहता है. ऐसा ना होने पर वह निर्दलीय चुनाव लड़ता है. इसलिए भी निर्दलीय ज्यादा हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज